पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक जलसे में जोश में आकर भारत को पीछे छोड़ने की कसमें खा लीं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा न हो, तो वे अपना नाम बदल लेंगे! क्या यह सिर्फ एक राजनीतिक बयान है या सच में कोई ठोस योजना है? पाकिस्तान की आर्थिक तंगी और महंगाई के बीच शरीफ का यह दावा जनता को दिलासा देगा या और सवाल उठाएगा? जानिए इस पूरे मुद्दे की गहराई!

