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“वंदे भारत मिशन” के तहत अबू धाबी और दुबई में फंसे करीब 363 भारतीयों की हुई “वतन वापसी”

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कोरोना वायरस संकट ने पूरी दुनिया की रफ्तार को रोक दिया है। इसी बीच कोराना वायरस के कारण विदेशों में फंसे भारतीयों को वतन वापस लाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। कोरोना लॉकडाउन के चलते संयुक्त अरब अमीरात में फंसे करीब 360 से अधिक प्रवासी भारतीयों की घर वापसी हो गई है। भारत के करीब 360 से अधिक प्रवासी नागरिक अबू धाबी और दुबई से गुरुवार की देर रात एयर इंडिया के दो स्पेशल फ्लाइट्स से केरल पहुंचे।

गुरुवार को एयर इंडिया की एक फ्लाइट अबू धाबी से कोच्ची पहुंची और वहीं दूसरी फ्लाइट दुबई से कोझिकोड एयरपोर्ट पर पहुंची। भारत सरकार ने विदेश में फंसे प्रवासियों की घर वापसी के लिए वंदे भारत मिशन चलाया है, जिसके तहत विदेशों में फसे भारतीयों को विमान और नौसेना के जहाजों से उनकी घर वापसी कराई जा रही है। वतन वापसी पर फ्लाइट से उतरते ही कई के आंसू छलक पड़े।

‘वंदे भारत’ अभियान के तहत अबू धाबी से आए पहले विमान में करीब 181 प्रवासी भारतीय थे, वहीं दूसरी फ्लाइट में करीब 182 यात्री सवार थे। अधिकारियों ने कहा कि, सभी यात्रियों का वहाँ से चलने से पहले हवाई अड्डे पर कोरोना वायरस एंटी-बॉडी टेस्ट करवाया गया है और इसी के साथ सरकारी सुविधा में इन्हें सात दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा।

गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, आपात चिकित्सा स्थिति वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों तथा ऐसे व्यक्ति जो परिवार के सदस्य की मौत की वजह से भारत लौटने को इच्छुक है एवं विद्यार्थियों को वतन वापसी के दौरान प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने कहा था कि, यात्रियों को खुद ही यात्रा का भाड़ा देना होगा। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि, वतन वापसी के इच्छुक व्यक्ति उस देश कि एम्बेसी के साथ संपर्क मे रहे जहां वे फंंसे हुये है, ताकि उसी आधार पर सूची बनाई जा सके। बता दे कि, सूची मे उनके नाम, उम्र, लिंग, मोबाइल फोन नंबर, निवास स्थान, गंतव्य और पीसीआर परीक्षण एवं उसके परिणाम की सूचना शामिल होगी।

 

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