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बृद्धाश्रम की घुटन से निकली सिसकियां, जिम्मेदार कौन?

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जीवन की उड़ान में सफलता की परबाज भरते हुए जीवन साथी के आगोश में मदमस्त होकर अपनी सफलता की बखान करने वालों की आंख खोलने के लिए आज हमने बुर्जुग मां-बाप के गुमनाम हो चुके दर्द को उकारने की कोशिश की है। हम आपको लेकर चलेंगे एक बृद्धाश्रम में और सुनेंगे उनका दर्द। जो, उम्र के आखरी पड़़ाव पर सहारा तलाश रहें हैं। भरी दुनिया में अकेला पड़ चुकें है। जिनके आंखों से पानी भले ही सूख चुका हो। पर, संवेदनाए आज भी किसी के इंतजार में जिन्दा है। देखिए, पूरी रिपोर्ट…


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