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बिलुप्त होने के कगार पर है दुनिया की ढ़ाई हजार भाषाएँ…

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क्या आपने कभी सोचा है कि धरती की अन्य जीवो की तुलना में इंसान सबसे अधिक शक्तिशाली कैसे बन गया। कैसे ज्ञान अर्जित करके सभ्यता का निर्माण किया और धरती पर अपनी सत्ता कायम कर ली। जाहिर है इसके कई आयाम हो सकतें है। पर, इसमें सबसे महत्वपूर्ण है, इंसानी विचारो का सम्प्रेषण। जिसके लिए इंसान ने खुद के लिए भाषा का विकास किया। दरअसल, इसी भाषा की कूबत पर एक इंसान दूसरे इंसान के मजबूत संपर्क में आया और इसी भाषा की वजह से उसने ज्ञान अर्जित करके सभ्यता का निर्माण कर डाला। पर, क्या आप जानतें हैं कि आज हमारी कई भाषाएं बिलुप्त होने के कगार पर है। या यू कहें कि वह अपना स्तित्व खोने की कगार पर है। हकीकत इतना खतरनाक है कि आपको जान कर हैरानी होगी। ‘खबरो की खबर’ के इस सेगमेंट में आज हम इसी भाषा की पड़ताल करेंगे। देखिए, इस रिपोर्ट में…


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