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केन्द्रीय बजट पर एक नजर

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जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरूवार को संसद में वर्ष 2018 का बजट पेश कर दिया है। इस बजट में किसानों और ग्रामीणों का खासा ध्यान रखा गया लेकिन मिडिल क्लास को इसमें राहत नही दी गई है। जानकार मानते है कि इस बजट के बाद आम आदमी के घर का पूरा बजट बिगड़ने का खतरा मंडराने लगा है। सरकार ने टैक्स के मोर्चे पर राहत नही दी है। नतीजा, महंगाई का बढ़ना तय माना जा रहा है।

खाद्दान्न महंगा होगा
समर्थन मूल्य बढ़ाने से देश में फसल के दामों में इजाफा होगा, जिसकी वजह से महंगाई बढ़ने की आशांका है। समर्थन मूल्य के इस फैसले से केंद्र सरकार के खजाने पर भी काफी बोझ बढ़ेगा और आम आदमी को गेंहू, दाल, चावल और तिलहन समेत कई चीजें निर्धारित दामों से अधिक पर मिलेगी।
महंगा होगा गजेट
बजट में सरकार ने मोबाइल फोन समेत आयात किए जाने वाले कई उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। कस्टम ड्यूटी घटने या बढ़ने से कुछ आइटमों के दाम महंगे और सस्ते हुए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि मोबाइल और टीवी जैसे आइटमों पर सीमा शुल्क 15 पर्सेंट से बढ़ाकर 20 पर्सेंट किया गया है। वहीं काजू पर कस्टम ड्यूटी 5 प्रतिशत से 2.5 प्रतिशत की गई है। कस्टम ड्यूटी बढ़ने का नुकसान आम आदमी को झेलना पड़ सकता है। कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी होने से भारत में आयात करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ जाती है। कंपनियां इस लागत का बोझ आम आदमी पर डालती है।
टैक्स पर कोई राहत नहीं
सरकार ने इस बजट में टैक्स पर भी आम आदमी को कोई राहत नहीं दी है। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आम आदमी को उम्मीद थी कि उसे इस बजट में टैक्स के मोर्चे पर कम से कम 50 हजार रुपये की राहत मिलेगी लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है।
जानिए टैक्स रेट
मौजूदा समय में आपको आपकी इनकम के मुताबिक 5 से 30 फीसदी तक टैक्स चुकाना पड़ता है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अगर आपकी इनकम 2.5 लाख रुपए तक है, तो कोई टैक्स नहीं देना होगा। 2.5 से 5 लाख पर 5 फीसदी, 5 लाख से 10 लाख पर 20 फीसदी और 10 लाख से अधिक पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा।
सेस में 1 फीसदी की बढ़ोतरी
आम आदमी के लिए झटके की बात करें तो स्वास्थ्य और शिक्षा में सेस को 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया है। इससे सरकार को व्यक्तिगत कर दाताओं से 11 हजार करोड़ रुपये ज्यादा हासिल होंगे। इस सेस को अब स्वास्थ्य और शिक्षा सेस नाम दिया गया है।
सीनियर सिटीजन को राहत
बजट में बुजुर्गों के लिए राहत भरी खबर है। सीनियर सिटीजन के लिए हेल्थ इंश्योरेंस छूट 1 लाख रुपए होगी। डिपॉजिट में ब्याज से हुई आमदनी पर 10 हजार रुपये से छूट बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। साथ ही जो लोग माता-पिता की सेवा करते हैं उन्हें छूट दी जाएगी।

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