लालकिला, एक ऐसा नाम जो किसी पहचान की मुहताज नहीं है। यह ईट और पत्थर से बना, महज एक भवन नहीं। बल्कि, इतिहास की जिवित धरोहर है। राजा बदले, राजघराना बदला और सत्ता का केन्द्र भी बदलता रहा। मुगल से लेकर अंग्रेज तक और अब स्वतंत्र भारत में कॉग्रेस से लेकर बीजेपी तक। हुकूमत बदली। हुक्मरान भी बदले। पर, लालकिला का प्रचीर नहीं बदला। लालकिला की आन, बान और शान नहीं बदला। तभी तो यूनेस्को ने इस लालकिला को विश्व का धरोहर घोषित कर दिया है। 26 जनवरी 2021 को लालकिला पर जो हुआ। उसको हम सभी ने देखा। किसी ने किसानो की गलती देखी और किसी ने सरकार की। पर, जो नहीं दिखा। वह था लालकिला की महत्ता। इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। केकेएन लाइव के ‘‘खबरो की खबर’’ के इस सेगमेंट में लालकिला की विशिष्ट पहचान से पर आधारित इस रिपोर्ट को देखिए…
This post was last modified on फ़रवरी 16, 2021 4:53 अपराह्न IST 16:53
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय जापान दौरे पर पहुंचे। इसके बाद वे चीन… Read More
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग (कारा) के अंतर्गत कारा एवं सुधार… Read More
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए नई और महत्वाकांक्षी… Read More
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला… Read More
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 2026 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन… Read More
बॉलीवुड स्टार्स वरुण धवन और जाह्नवी कपूर एक बार फिर साथ नजर आने वाले हैं।… Read More