Home Sports गौतम गंभीर बोले – हमारे खिलाड़ी किसी को फॉलो नहीं करेंगे, अपना...

गौतम गंभीर बोले – हमारे खिलाड़ी किसी को फॉलो नहीं करेंगे, अपना इतिहास खुद लिखेंगे

मैनचेस्टर टेस्ट में टीम इंडिया के संघर्षपूर्ण ड्रॉ के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर बेहद आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने साफ कहा कि भारतीय खिलाड़ी अतीत के रिकॉर्ड या पूर्व खिलाड़ियों के नक्शे-कदम पर नहीं चलेंगे, बल्कि वे अपना इतिहास खुद गढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह टीम देश के आम नागरिक के लिए खेलती है और जब देश को उनकी जरूरत होती है, तो वे मैदान पर अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं।

गंभीर से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने खिलाड़ियों को 2009 में नेपियर टेस्ट में अपनी 137 रन की पारी के बारे में प्रेरित किया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्हें अपनी पारियों की याद नहीं रहती। उन्होंने कहा कि वह इतिहास बन चुका है, अब ये खिलाड़ी अपना इतिहास खुद बनाएंगे।

गंभीर का आत्मविश्वास और टीम की सोच

मुख्य कोच ने कहा कि मैनचेस्टर टेस्ट में जब कई लोग भारत की हार को तय मान चुके थे, तब टीम ने जिस तरह से वापसी की, वही इस टीम की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि यह टीम मैदान पर लड़ने के लिए उतरती है, और उनके खिलाड़ी देश के आम आदमी के लिए खेलते हैं।

गंभीर ने साफ कहा कि यह टीम किसी की नकल नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “यह खिलाड़ी किसी को फॉलो नहीं करेंगे, क्योंकि हर खिलाड़ी का अपना सफर होता है, अपनी लड़ाई होती है। उन्हें खुद तय करना है कि उनका नाम क्रिकेट इतिहास में कैसे लिखा जाए।”

शुभमन गिल और टीम की आलोचना पर जवाब

कप्तान शुभमन गिल की आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा कि जिस किसी को भी गिल की प्रतिभा पर संदेह है, उसे क्रिकेट की समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने में समय लगता है, और गिल ने इस दौरे पर जो किया है वह किसी भी लिहाज से कम नहीं है।

गंभीर ने कहा, “गिल पर कप्तानी का कोई बोझ नहीं दिखता। वह जब बल्लेबाजी करते हैं, तो पूरी स्वतंत्रता के साथ खेलते हैं, और यही बात उन्हें खास बनाती है।”

मैच को बचाने में साझेदारियों की अहम भूमिका

गंभीर ने कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल के बीच हुई 188 रन की साझेदारी की तारीफ की। साथ ही रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर के बीच 203 रन की नाबाद साझेदारी को टीम के आत्मविश्वास और संयम का परिचायक बताया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारियां दिखाती हैं कि यह टीम दबाव में टूटती नहीं, बल्कि मजबूती से उभरती है।

ऋषभ पंत की बहादुरी की प्रशंसा

गंभीर ने टेस्ट के पहले दिन चोटिल हुए ऋषभ पंत की तारीफ करते हुए कहा कि पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद उन्होंने पहली पारी में टीम के लिए जरूरी रन जोड़े। गंभीर ने कहा, “ऋषभ की बहादुरी का कोई मुकाबला नहीं। उन्होंने जो किया वह टीम के जज्बे को दिखाता है। बहुत कम खिलाड़ी ऐसे साहस का प्रदर्शन करते हैं।”

लंदन टेस्ट से पहले भारत को बढ़त

गंभीर ने माना कि मैनचेस्टर में मिली ड्रॉ से भारत को आगामी लंदन टेस्ट के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त जरूर मिली है। उन्होंने कहा कि टीम ने दबाव में खुद को साबित किया है और इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि टीम किसी भी हालात को हल्के में नहीं ले सकती।

टीम में बदलाव को लेकर क्या बोले गंभीर?

जब उनसे पूछा गया कि क्या यह टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है, तो गंभीर ने कहा कि वे इसे बदलाव नहीं मानते। उन्होंने कहा कि यह अब भी वही भारतीय टीम है जो देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। “यह बदलाव नहीं, बल्कि प्रक्रिया का हिस्सा है। हर खिलाड़ी अपनी भूमिका निभा रहा है और यही टीम की असली ताकत है,” गंभीर ने कहा।

गौतम गंभीर की सोच स्पष्ट है – वह चाहते हैं कि उनकी टीम किसी की परछाई में न खेले, बल्कि खुद अपना रास्ता बनाए। मैनचेस्टर टेस्ट में टीम इंडिया ने जिस संघर्ष और संयम का परिचय दिया, वह बताता है कि यह टीम इतिहास बनाने की राह पर है। जैसे-जैसे श्रृंखला का अंतिम टेस्ट नजदीक आ रहा है, गंभीर की बातें यह साबित करती हैं कि भारतीय टीम मानसिक रूप से तैयार है और अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तत्पर है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version