एशिया कप 2025 का बहुप्रतीक्षित India vs Pakistan Match एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद का कारण बन गया है। रविवार रात 8 बजे Dubai Cricket Stadium में होने वाला यह मुकाबला पहले भारत में आयोजित होना था। लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को देखते हुए टूर्नामेंट को UAE स्थानांतरित किया गया।
हाल ही में हुए पाहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत और उसके बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर ने इस मैच को लेकर बहस और तेज कर दी है। पीड़ित परिवारों, विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने इस मुकाबले का बहिष्कार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि आतंकवाद और क्रिकेट को अलग नहीं किया जा सकता।
ओवैसी का सरकार पर हमला
AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हजारों करोड़ रुपये की आमदनी नागरिकों की जान से ज्यादा कीमती है।
ओवैसी ने कहा, “क्या हमारे 26 नागरिकों की जान की कीमत 2000-3000 करोड़ रुपये की कमाई से कम है? प्रधानमंत्री ने खुद कहा था कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते, बातचीत और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते। फिर अब एक क्रिकेट मैच से होने वाली कमाई को क्यों तरजीह दी जा रही है?”
ओवैसी ने असम और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्या उनके पास इतना साहस नहीं है कि वे पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर सकें।
विपक्षी दलों की मांग और विरोध
कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने भी मैच रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि सरकार का “नो टॉक्स विद टेरर” वाला रुख इस फैसले से मेल नहीं खाता।
AAP नेताओं ने शनिवार को पाकिस्तान का पुतला जलाया। पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने लोगों से अपील की कि वे उन क्लबों और रेस्टोरेंट्स का बहिष्कार करें जहां India vs Pakistan Match का लाइव प्रसारण होगा। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजनों में भाग लेना आतंक के खिलाफ देश की आवाज़ को कमजोर करेगा।
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने नागरिकों से मैच न देखने की अपील की। उन्होंने कहा, “क्रिकेट को आतंक पर प्राथमिकता न दें। पाहलगाम के 26 परिवारों के साथ खड़े हों।” पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा, “युद्ध और क्रिकेट साथ-साथ कैसे हो सकते हैं? देशभक्ति को भी व्यापार बना दिया गया है।”
बीजेपी का पलटवार
विपक्षी हमलों के जवाब में बीजेपी नेताओं ने सरकार का बचाव किया। दिलीप घोष ने कहा, “कांग्रेस सरकार के दौरान भी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेले गए। हमने पाकिस्तान को जंग में हराया है और क्रिकेट मैदान में भी हराएंगे। मैदान छोड़ना सही विकल्प नहीं है।”
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि खेल और राजनीति को अलग-अलग समझना चाहिए। उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत की है। खेल का भी महत्व है और जो निर्णय लिया गया है, वह सोच-समझकर लिया गया है।”
पीड़ित परिवारों का दर्द
पाहलगाम हमले में मारे गए नागरिकों के परिवारों ने इस मैच पर गहरा आक्रोश जताया। उनका कहना है कि जब उनके अपनों की बलि आतंकवाद में दी गई है तो पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट खेलना उस पीड़ा का मज़ाक उड़ाना है।
सोशल मीडिया पर भी #BoycottMatch और #NoCricketWithTerror जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे हैं। आम लोग इस मुद्दे पर बंटे हुए हैं। कुछ का कहना है कि आतंकवाद के बीच क्रिकेट खेलना गलत संदेश देता है, जबकि कुछ मानते हैं कि मैदान छोड़ना पाकिस्तान की जीत होगी।
आर्थिक दांव और वैश्विक नजर
India vs Pakistan Clash हमेशा से दुनिया का सबसे चर्चित क्रिकेट मुकाबला माना जाता है। विज्ञापनदाताओं और प्रसारकों ने इस मैच पर भारी निवेश किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ इस मैच से हजारों करोड़ रुपये की कमाई की संभावना है।
BCCI के लिए यह मुकाबला केवल खेल नहीं बल्कि एक बड़ा व्यावसायिक आयोजन भी है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि आर्थिक हितों को राष्ट्रीय भावनाओं से ऊपर रखना जनता को निराश करता है।
खेल बनाम राजनीति की जटिलता
भारत और पाकिस्तान के बीच खेल और राजनीति का टकराव नया नहीं है। हर बार जब दोनों टीमें आमने-सामने होती हैं, सवाल उठता है कि क्या क्रिकेट राजनीतिक हकीकतों से अलग रह सकता है।
पहले भी बड़े आतंकी हमलों और तनावपूर्ण हालात में कई मैच रद्द किए गए या स्थगित हुए। एशिया कप 2025 भी इस लंबे विवाद का एक और अध्याय बन गया है।
क्रिकेट फैंस की दुविधा
क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला हमेशा रोमांचक रहा है। India vs Pakistan Match को लेकर उत्साह चरम पर रहता है। लेकिन मौजूदा हालात ने फैंस को उलझन में डाल दिया है।
कुछ मानते हैं कि मैच का बहिष्कार करना चाहिए ताकि आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश जाए, जबकि अन्य कहते हैं कि खेल को आतंक पर हावी नहीं होने देना चाहिए। टिकट बिक्री अच्छी रही है, लेकिन विरोध के कारण टीवी व्यूअरशिप पर असर पड़ सकता है।
सरकार का संतुलन
केंद्र सरकार इस पूरे मामले में संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि खेल और आतंकवाद पर सरकार का रुख अलग है। मैच कराने का फैसला गहन विचार के बाद लिया गया है।
फिर भी, एक तरफ देश 26 नागरिकों की शहादत पर शोक मना रहा है और दूसरी ओर Dubai Cricket Stadium में क्रिकेट का उत्सव सज रहा है। यही विरोधाभास सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
दुबई में मैच की तैयारी
विवादों के बावजूद मुकाबला तय समय पर होने जा रहा है। Dubai Cricket Stadium में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
दोनों टीमों के खिलाड़ी किसी भी बयान से बचते हुए केवल खेल पर ध्यान दे रहे हैं। उनके लिए यह मैच पेशेवर जिम्मेदारी और गौरव का विषय है, लेकिन वे भी जानते हैं कि यह मुकाबला मैदान से बाहर कहीं बड़ा मायने रखता है।
एशिया कप 2025 का India vs Pakistan Match अब केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रह गया है। यह आर्थिक हितों और राष्ट्रीय भावनाओं के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है।
रविवार रात जब पहली गेंद फेंकी जाएगी, तो कुछ लोग हर रन पर खुशी मनाएंगे और कुछ चुपचाप टीवी बंद कर देंगे। पीड़ित परिवारों के लिए यह दर्द का समय है, राजनीतिक दलों के लिए यह नया रणक्षेत्र है और आम फैंस के लिए यह एक अनसुलझा सवाल है—क्या भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट कभी राजनीति से अलग हो सकता है?
