Home Bihar महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की महिलाओं को चौथी किस्त भेजी...

महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की महिलाओं को चौथी किस्त भेजी जा रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले बिहार सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत, राज्यभर की लाखों महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की चौथी किस्त भेजी जा रही है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और छोटे स्तर पर रोजगार शुरू करने का अवसर प्रदान करती है। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनें और उनके परिवार की स्थिति में सुधार हो।

महिला रोजगार योजना का उद्देश्य और लाभ:

महिला रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को छोटे स्तर पर रोजगार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार ने अब तक 1.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता दी है। हर महिला के बैंक खाते में 10 हजार रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। इस योजना के माध्यम से कई महिलाओं ने अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई थी, ताकि वे अपने घरों में आर्थिक योगदान कर सकें और परिवारों की आय में वृद्धि हो। इस योजना की शुरुआत 29 अगस्त 2025 को की गई थी, और अब तक तीन किस्तें वितरित की जा चुकी हैं। चौथी किस्त 17 अक्टूबर 2025 को महिलाओं के खातों में भेजी जा रही है।

आर्थिक सहायता का वितरण:

महिला रोजगार योजना के तहत, सरकार ने महिलाओं को 18 तरह के छोटे कारोबारों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना बनाई है। इनमें सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, पापड़ बनाना, हैंडीक्राफ्ट और मुर्गी पालन जैसे व्यवसाय शामिल हैं। इन व्यवसायों के लिए सहायता देने का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रोत्साहित करना है।

अब तक योजना के तहत तीन किस्तें वितरित की जा चुकी हैं। पहली किस्त 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 75,000 महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद दूसरी किस्त 3 अक्टूबर को 25 लाख महिलाओं को दी गई थी और तीसरी किस्त 6 अक्टूबर को 21 लाख महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की गई थी। अब चौथी किस्त 17 अक्टूबर को दी जा रही है।

अगले चरणों में वितरित होने वाली किस्तें:

सरकार ने पहले ही इन किस्तों की तारीखें निर्धारित कर दी थीं ताकि चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन न हो। इस योजना के अनुसार, महिलाओं को हर सात दिन के अंतराल पर किस्तें दी जाएंगी। 17 अक्टूबर के बाद, अगली किस्तें 24 और 31 अक्टूबर को दी जाएंगी। नवंबर में 7, 14, 21 और 28 तारीख को किस्तें जारी की जाएंगी। दिसंबर में अंतिम किस्तें 5, 12, 19 और 26 तारीख को भेजी जाएंगी।

महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम:

राज्य सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, इस योजना के तहत मिलने वाली राशि से कई महिलाओं ने अपना स्वरोजगार शुरू किया है और अब दूसरों को रोजगार भी दे रही हैं। महिला रोजगार योजना के तहत वित्तीय सहायता मिलने से, महिलाएं अपने छोटे व्यवसायों के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर रही हैं।

कैसे करें आवेदन और चेक करें लाभार्थी सूची:

अगर आपने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का आवेदन फॉर्म भरा है और आपकी एप्लीकेशन स्वीकार हो चुकी है, तो आपका पैसा सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। यदि महिलाएं यह जानना चाहती हैं कि उनका नाम सूची में है या नहीं, तो वे ऑनलाइन “बिहार जीविका लिस्ट” में जाकर आसानी से अपना नाम चेक कर सकती हैं।

यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है, और लाभार्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। योजना के तहत सभी लाभार्थियों को सीधे सहायता प्रदान की जाती है, जिससे प्रक्रिया में कोई दिक्कत नहीं आती।

महिलाओं को दिया जाएगा आगे भी वित्तीय समर्थन:

वर्तमान में महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10 हजार रुपये की राशि दी जा रही है। लेकिन यदि महिलाएं छह महीने तक अपने व्यवसाय को चलाती रहती हैं, तो उन्हें सरकार की ओर से 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। यह अतिरिक्त सहायता महिलाओं को उनके व्यवसायों को और बढ़ाने और उसे स्थिर बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

यह योजना महिलाओं को व्यवसाय में अधिक निवेश करने और उसे बढ़ाने के लिए एक ठोस वित्तीय आधार प्रदान करेगी। इससे न केवल महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि बिहार राज्य में छोटे व्यवसायों का नेटवर्क भी मजबूत होगा।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम:

महिला रोजगार योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि यह समाज में लिंग समानता की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है। महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने और उसे चलाने का मौका मिल रहा है, जो पहले उनके लिए मुश्किल था।

इस योजना के माध्यम से बिहार सरकार महिलाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने और परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का भी मौका दे रही है। यह महिला सशक्तिकरण के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन रहा है, और राज्य में महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार सरकार की एक प्रभावी पहल है, जो लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके जीवन में आत्मनिर्भरता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का उद्देश्य न केवल महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और स्वावलंबन भी देना है।

इस योजना के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार की मदद कर रही हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। महिला रोजगार योजना बिहार के ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, और इसके प्रभाव को आने वाले समय में और अधिक महसूस किया जाएगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version