Home National सुशीला कार्की नेपाल की Interim Prime Minister, बनीं

सुशीला कार्की नेपाल की Interim Prime Minister, बनीं

नेपाल में Gen-Z Movement के बाद बड़ी राजनीतिक हलचल हुई और इसी बीच देश को नई अंतरिम सरकार मिली है। पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की ने शुक्रवार रात नेपाल की Interim Prime Minister के रूप में शपथ ली। यह ऐतिहासिक पल इसलिए भी खास है क्योंकि वह नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं।

उनके शपथ ग्रहण के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए नेपाल के भाई-बहनों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

काठमांडू में हुआ शपथ ग्रहण समारोह

शुक्रवार रात करीब 9 बजे काठमांडू में राष्ट्रपति ने सुशीला कार्की को शपथ दिलाई। इस तरह अंतरिम सरकार का औपचारिक गठन हो गया। नेपाल में यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि आगामी आम चुनाव 2026 में होंगे।

शपथ ग्रहण समारोह में कई दिग्गज नेता और अधिकारी मौजूद रहे। इस मौके को नेपाल के लोकतंत्र के लिए नया मोड़ माना गया। राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि यह बदलाव आने वाले वर्षों में देश की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

पीएम मोदी का संदेश

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि नेपाल की Interim Prime Minister बनने पर सुशीला कार्की को शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी का यह संदेश भारत-नेपाल के घनिष्ठ संबंधों को और मज़बूत करता है। यह भारत की विदेश नीति में नेपाल के महत्व को भी दर्शाता है।

विदेश मंत्रालय का बयान

भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि भारत एक नज़दीकी पड़ोसी और दीर्घकालिक विकास साझेदार के रूप में नेपाल के साथ काम करता रहेगा।

मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि दोनों देशों के नागरिकों की भलाई और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मज़बूत करने के लिए भारत पूरी तरह सहयोग देगा। यह बयान इस बात का संकेत है कि भारत नेपाल के राजनीतिक हालात पर नज़र रखे हुए है और सहयोग की भूमिका निभाता रहेगा।

नेपाल में 2026 में होंगे आम चुनाव

नेपाल में आम चुनाव 5 मार्च 2026 को होंगे। तब तक यह Interim Government देश की बागडोर संभालेगी। इन चुनावों में जनता यह तय करेगी कि आगे देश की सत्ता किसके हाथ में होगी।

Gen-Z Movement ने इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभाई है। नेपाल के युवा अब पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन चाहते हैं। 2026 का चुनाव इन्हीं मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है।

पहली महिला Interim Prime Minister

सुशीला कार्की का प्रधानमंत्री पद तक पहुंचना ऐतिहासिक है। वह नेपाल की पहली महिला बनी हैं जिन्होंने देश की बागडोर संभाली। यह महिलाओं की सशक्तिकरण यात्रा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

पूर्व चीफ जस्टिस के रूप में सुशीला कार्की भ्रष्टाचार और न्यायिक स्वतंत्रता पर अपने कड़े रुख के लिए जानी जाती रही हैं। यही कारण है कि जनता उन्हें एक ईमानदार और सख्त नेता के रूप में देखती है।

भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की उम्मीद

नेपाल लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार की चुनौतियों का सामना कर रहा है। जनता विशेष रूप से युवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग बढ़ी है।

सुशीला कार्की की छवि एक ईमानदार नेता की है, जिसने उम्मीदें जगाई हैं। लोग मानते हैं कि वह Interim Government के दौरान भ्रष्टाचार मुक्त शासन की नींव रख सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह नेपाल की राजनीति में नया अध्याय होगा।

India Nepal Relations पर नज़र

भारत और नेपाल के संबंध हमेशा बहुआयामी रहे हैं। सांस्कृतिक जुड़ाव से लेकर व्यापार और रणनीतिक सहयोग तक, दोनों देश एक-दूसरे के लिए अहम हैं।

सुशीला कार्की के नेतृत्व में उम्मीद है कि India Nepal Relations और मज़बूत होंगे। भारत पहले भी नेपाल को हर संकट और संक्रमण काल में सहयोग देता रहा है। अब दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर बन सकते हैं।

Interim Government के सामने चुनौतियाँ

सुशीला कार्की की Interim Government के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ होंगी। सबसे अहम चुनौती होगी 2026 तक स्थिरता बनाए रखना और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना।

आर्थिक चुनौतियाँ, बेरोजगारी और विकास की कमी भी सामने होंगी। साथ ही नेपाल को अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी संतुलन बनाना होगा, विशेषकर भारत और चीन के साथ।

अगर कार्की इन चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर पाती हैं, तो यह नेपाल की राजनीति में स्थायी सुधार ला सकता है।

क्षेत्रीय प्रेरणा का प्रतीक

सुशीला कार्की का प्रधानमंत्री बनना सिर्फ नेपाल ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए प्रेरणादायक है। यह दिखाता है कि युवाओं की आवाज़ और महिला नेतृत्व किस तरह लोकतंत्र को नया आयाम दे सकता है।

कई विश्लेषकों का मानना है कि उनका नेतृत्व अन्य देशों में भी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रेरणा बनेगा।

नेपाल के लिए यह समय एक नए अध्याय की शुरुआत है। सुशीला कार्की की Interim Government से जनता को पारदर्शिता और बेहतर शासन की उम्मीद है।

2026 के चुनाव तक का सफर कठिन होगा, लेकिन यह नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा को नई दिशा भी दे सकता है। पहली महिला Interim Prime Minister के रूप में कार्की ने इतिहास रच दिया है और अब सबकी नज़रें उनके कामकाज पर होंगी।

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