कमोडिटी मार्केट में आज सोमवार, 22 सितंबर 2025 को कीमती धातुओं में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। Silver Price Hike ने नया रिकॉर्ड बनाया और चांदी की कीमत 1,30,000 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। वहीं Gold Price Today भी तेजी से बढ़ा और निवेशकों का ध्यान खींचा। सुबह से ही कारोबार में उतार-चढ़ाव जारी है और दाम लगातार नए स्तर छू रहे हैं।
चांदी के भाव में रफ्तार
सुबह बाजार खुलते ही चांदी ने जोरदार शुरुआत की। 10 बजकर 11 मिनट पर चांदी में 2000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा की तेजी देखी गई। इसके बाद 1 किलो चांदी का भाव 132,099 रुपये दर्ज किया गया। दिन के शुरुआती कारोबार में चांदी ने 130,658 रुपये का लो रिकॉर्ड और 132,311 रुपये का हाई रिकॉर्ड बनाया।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, आज सुबह 1 किलो चांदी का आधिकारिक भाव 127,100 रुपये दर्ज किया गया था। यह अंतर बाजार की अस्थिरता और भारी मांग का संकेत देता है।
सोने की कीमतों में तेजी
Gold Price Today भी चांदी के साथ बढ़ता हुआ नजर आया। सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर 24 कैरेट सोना 110,550 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसमें 703 रुपये की बढ़त रही। सोने ने अब तक 110,202 रुपये का लो रिकॉर्ड और 110,608 रुपये का हाई रिकॉर्ड बनाया।
IBJA के अनुसार, रविवार 22 सितंबर की शाम को 24 कैरेट सोना 110,167 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। इस बढ़त से साफ है कि सोना भी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।
प्रमुख शहरों में चांदी और सोने की कीमतें
देशभर के शहरों में चांदी और सोने के भाव अलग-अलग दर्ज किए गए।
-
पटना: सोना ₹110,900 प्रति 10 ग्राम, चांदी ₹131,990 प्रति किलो
-
जयपुर: सोना ₹110,940 प्रति 10 ग्राम, चांदी ₹132,040 प्रति किलो
-
कानपुर और लखनऊ: सोना ₹110,990 प्रति 10 ग्राम, चांदी ₹132,100 प्रति किलो
-
भोपाल और इंदौर: सोना ₹111,070 प्रति 10 ग्राम, चांदी ₹132,210 प्रति किलो
-
चंडीगढ़: सोना ₹110,950 प्रति 10 ग्राम, चांदी ₹132,070 प्रति किलो
-
रायपुर: सोना ₹110,910 प्रति 10 ग्राम, चांदी ₹132,020 प्रति किलो
पटना में सोना और चांदी दोनों की कीमतें सबसे कम दर्ज की गईं, जबकि भोपाल और इंदौर में दोनों धातुएं सबसे महंगी रही।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
विशेषज्ञों का मानना है कि Commodity Market Update में आई तेजी के पीछे कई कारण हैं। वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई की आशंका ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है। चांदी और सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं।
देश के भीतर त्योहार और शादी का सीजन भी मांग बढ़ा रहा है। नवरात्रि और दीवाली के चलते आभूषणों और चांदी के बर्तनों की खरीद बढ़ रही है। वहीं चांदी का इस्तेमाल उद्योगों और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में भी होता है, जिससे इसकी खपत लगातार बढ़ रही है।
रुपये की कमजोरी ने भी कीमतों में इजाफा किया है। चूंकि कीमती धातुओं का व्यापार डॉलर में होता है, इसलिए मुद्रा में उतार-चढ़ाव का सीधा असर बाजार पर पड़ता है।
निवेशकों के लिए सोना और चांदी
सोना और चांदी लंबे समय से सुरक्षित निवेश माने जाते रहे हैं। जब भी बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक इन धातुओं की ओर रुख करते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में चांदी की मांग और बढ़ गई है क्योंकि इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों में तेजी से बढ़ रहा है। सोना पारंपरिक तौर पर परिवारों और निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है।
आभूषण बाजार पर असर
चांदी और सोने के भाव में उछाल ने आभूषण कारोबारियों को दोहरी स्थिति में डाल दिया है। एक ओर ऊंचे दाम खरीद को प्रभावित कर सकते हैं, वहीं दूसरी ओर कई ग्राहक दाम और बढ़ने से पहले खरीदारी के लिए दुकानों की ओर रुख कर रहे हैं।
शादी के मौसम में सोने और चांदी की मांग बनी रहने की संभावना है। खासकर चांदी के गहने, सिक्के और बर्तन त्योहारों के दौरान लोकप्रिय रहते हैं।
निवेशकों की नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल चांदी की तेजी जारी रह सकती है। अगर वैश्विक मांग बनी रही तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। सोने की कीमतें भी स्थिर या बढ़त की ओर रहने की उम्मीद है।
केंद्रीय बैंकों की नीतियां, अंतरराष्ट्रीय ब्याज दरें और वैश्विक राजनीतिक हालात इनकी दिशा तय करेंगे। निवेशकों के लिए सोना और चांदी पोर्टफोलियो को संतुलित करने का मजबूत विकल्प बने रहेंगे।
उपभोक्ताओं पर असर
आम उपभोक्ताओं के लिए यह तेजी खर्च बढ़ा सकती है। शादियों और त्योहारों में गहनों की खरीद महंगी हो जाएगी। हालांकि, पहले से खरीदी गई चांदी और सोना रखने वालों के लिए यह फायदे का सौदा है क्योंकि उनकी संपत्ति का मूल्य बढ़ गया है।
22 सितंबर 2025 को Silver Price Today और Gold Price Today दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए। चांदी 1,30,000 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई और सोना भी नई ऊंचाई छू गया।
त्योहार और शादी के सीजन के साथ यह तेजी आम उपभोक्ताओं के लिए चुनौती है लेकिन निवेशकों और कारोबारियों के लिए अवसर भी। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह तेजी स्थायी रहती है या बाजार स्थिर होता है।
