बिहार में wedding season की शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों का असर साफ नजर आने लगा है। खासकर पटना में शादी की खरीदारी के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। पहले जहां भारी और ज्यादा मात्रा में गहने खरीदे जाते थे, अब वहां डिजाइन, वजन और कीमत पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर ग्राहकों की सोच पर पड़ा है। लोग अब बिना तय बजट के खरीदारी नहीं कर रहे हैं।
मात्रा नहीं, अब कीमत और डिजाइन पर नजर
पटना के ज्वेलर्स के अनुसार, ग्राहक अब दुकान पर पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। वे पहले कीमत पूछते हैं, फिर डिजाइन देखते हैं और उसके बाद वजन पर चर्चा करते हैं। पहले जहां एक साथ कई भारी सेट खरीदे जाते थे, अब वही ग्राहक हल्के विकल्प तलाश रहे हैं।
शादी के लिए जरूरी सामाजिक परंपराएं अब भी निभाई जा रही हैं, लेकिन खर्च को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। ग्राहक ऐसे गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो दिखने में आकर्षक हों, लेकिन वजन में हल्के हों।
हल्के Jewellery Design की बढ़ी मांग
इस wedding season में हल्के और आकर्षक jewellery design की मांग तेजी से बढ़ी है। ज्वेलर्स का कहना है कि हल्के गहने भी समारोह में भव्य नजर आते हैं। इससे बजट पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता।
मध्यम वर्गीय परिवारों में यह चलन ज्यादा दिख रहा है। वे सीमित खर्च में बेहतर डिजाइन चाहते हैं। इसी वजह से दुकानों में नई और हल्की डिजाइन वाली ज्वेलरी ज्यादा प्रदर्शित की जा रही है।
Diamond Jewellery को लेकर बदली सोच
हीरे के गहनों को लेकर भी खरीदारी का तरीका बदला है। छोटे diamond set और अंगूठियों की मांग बढ़ी है। वहीं भारी और महंगे डायमंड गहनों की मांग में कमी आई है।
ज्वेलर्स का कहना है कि डायमंड की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर हैं। इसी कारण कुछ परिवार सोने के बजाय सीमित मात्रा में हीरे के गहनों को चुन रहे हैं। इससे कुल खर्च संतुलित रहता है।
पुराने गहनों का Remodelling बना नया ट्रेंड
शादी की तैयारी में एक और बड़ा बदलाव remodelling का है। कई परिवार पुराने गहनों को गलवाकर नए डिजाइन बनवा रहे हैं। इससे नया सोना खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती।
पटना की ज्वेलरी दुकानों में remodelling काउंटर पर पहले से ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। लोग पुराने हार, चेन और कंगन को नए डिजाइन में बदलवा रहे हैं। इससे परंपरा भी बनी रहती है और खर्च भी कम होता है।
Carat में बदलाव से घट रहा खर्च
खरीदारी के दौरान अब carat को लेकर भी जागरूकता बढ़ी है। पहले शादी में 22 कैरेट सोने को प्राथमिकता दी जाती थी। अब ग्राहक 18 या 20 कैरेट सोने को भी स्वीकार कर रहे हैं।
कम कैरेट सोने से गहनों की कीमत कम होती है। इसके साथ ही डिजाइन में भी ज्यादा प्रयोग किया जा सकता है। ज्वेलर्स का कहना है कि ग्राहक अब इन विकल्पों को समझ रहे हैं।
Silver और मिश्रित धातु के गहनों की मांग
बढ़ती कीमतों के बीच silver jewellery भी एक विकल्प के रूप में उभर रही है। खासकर शादी से जुड़े छोटे समारोहों के लिए चांदी के डिजाइनर गहनों की मांग बढ़ी है।
इसके अलावा मिश्रित धातु से बने गहने भी लोगों को पसंद आ रहे हैं। युवा वर्ग इस तरह की ज्वेलरी को लेकर ज्यादा खुला नजर आ रहा है।
शादी की तैयारी में बढ़ा आर्थिक दबाव
शादी की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए बढ़ती कीमतें चिंता का कारण बन रही हैं। ज्वेलरी खरीदना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा। कई परिवारों को तय करना पड़ रहा है कि किस समारोह में सोना जरूरी है।
पटना के एक निवासी ने बताया कि सीमित बजट में कई रस्मों के लिए गहने खरीदना मुश्किल हो गया है। इसलिए अब हल्के और वैकल्पिक गहनों का सहारा लिया जा रहा है।
बदले हालात में खुद को ढाल रहे ज्वेलर्स
ज्वेलर्स भी बदलते बाजार के अनुसार खुद को ढाल रहे हैं। वे ग्राहकों को वजन, कीमत और carat की जानकारी विस्तार से दे रहे हैं। इससे ग्राहकों का भरोसा बना रहता है।
इसके साथ ही exchange और remodelling जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दुकानों में पारदर्शिता पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
Bihar का Wedding Jewellery Market अब भी सक्रिय
हालांकि चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन बिहार का wedding jewellery market अब भी सक्रिय बना हुआ है। यह बाजार हजारों करोड़ रुपये का है। खरीदारी का तरीका बदला है, लेकिन मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
अब ग्राहक मात्रा की जगह value को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं और विकल्पों की तुलना कर रहे हैं।
बिहार में बढ़ती gold price और silver price ने शादी की खरीदारी की दिशा बदल दी है। भारी गहनों की जगह हल्के डिजाइन, remodelling और कम carat वाले विकल्प अपनाए जा रहे हैं।
wedding season अब भी जोश के साथ जारी है, लेकिन खरीदारी में समझदारी साफ दिख रही है। कीमत, डिजाइन और बजट के संतुलन ने इस सीजन की ज्वेलरी खरीद को नया रूप दे दिया है।
