KKN गुरुग्राम डेस्क | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बिहार दौरे के दूसरे दिन आज काराकाट में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ भव्य रोड शो भी किया। इस दौरे को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए की चुनावी तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
मोदी का संबोधन: बिहार को विकास की मुख्यधारा में लाने का वादा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि बिहार अब विकास की रफ्तार पकड़ चुका है और एनडीए सरकार के प्रयासों से यह राज्य भी देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा होगा।
“बिहार में अपार संभावनाएं हैं। नीतीश जी और सम्राट जी के साथ मिलकर हम इस धरती को नए युग में ले जा रहे हैं,” – पीएम मोदी
उन्होंने बिहार के लिए कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया, जिनमें सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख हैं।
काराकाट में रोड शो: एकता और ताकत का प्रदर्शन
जनसभा से पहले पीएम मोदी ने नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के साथ मिलकर एक भव्य रोड शो किया। इस रोड शो को देखकर साफ था कि एनडीए पूरे जोश और एकजुटता के साथ चुनावी मैदान में उतर चुका है।
इस रोड शो का मकसद यह दिखाना था कि एनडीए गठबंधन एकजुट है और बिहार में एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
विकास की घोषणाएं: मोदी का फोकस ‘नया बिहार’
प्रधानमंत्री मोदी ने कई परियोजनाओं की घोषणा की, जिनका उद्देश्य बिहार को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। प्रमुख योजनाएं निम्नलिखित हैं:
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राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार – सड़क संपर्क बेहतर करने के लिए नए हाइवे प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास।
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कृषि क्षेत्र के लिए सिंचाई योजनाएं – किसानों को राहत देने के लिए नई नहरें और जलस्रोतों का विकास।
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ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना – हेल्थकेयर पहुंच बढ़ाने पर जोर।
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शुद्ध पेयजल योजना – हर घर जल योजना को मजबूती देने के लिए नई पाइपलाइन परियोजनाएं।
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कौशल विकास केंद्र – युवाओं को रोजगार योग्य बनाने की दिशा में कदम।
नीतीश-मोदी की जोड़ी: NDA में नए सिरे से भरोसा
लंबे समय के बाद प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक साथ मंच पर नजर आए। यह दृश्य बिहार की राजनीति में एक मजबूत राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नीतीश कुमार की हालिया एनडीए में वापसी को लेकर कई अटकलें थीं, लेकिन इस मंच से यह स्पष्ट हुआ कि गठबंधन मजबूत है और मतभेदों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का समय आ गया है।
2025 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू
पीएम मोदी का यह दौरा संकेत देता है कि बीजेपी और उसके सहयोगी दल बिहार चुनाव 2025 की रणनीति पर काम शुरू कर चुके हैं। काराकाट जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में प्रधानमंत्री की मौजूदगी से साफ है कि हर सीट पर पूरी ताकत झोंकी जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, काराकाट लोकसभा क्षेत्र की जातीय और सामाजिक संरचना ऐसी है, जो राज्य की चुनावी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
विपक्ष को मिली चुनौती
जहां एक ओर एनडीए ने काराकाट में जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया, वहीं राजद, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल फिलहाल प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नजर नहीं आए। इससे एनडीए को राजनीतिक बढ़त मिल सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर विपक्ष तुरंत रणनीतिक जवाब नहीं देता, तो यह एनडीए के पक्ष में माहौल तैयार कर सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काराकाट दौरा सिर्फ एक रैली नहीं थी, बल्कि यह एनडीए की राजनीतिक एकता, विकास की प्रतिबद्धता और भविष्य की रणनीति का प्रतीक था। नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के साथ मंच साझा कर उन्होंने यह संदेश दिया कि एनडीए बिहार में एकजुट है और आगामी विधानसभा चुनावों में पूरा दमखम दिखाएगा।
