प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पूर्वोत्तर दौरे की शुरुआत मणिपुर से की। इस दौरे को कई मायनों में अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर रोजगार और कनेक्टिविटी तक के बड़े ऐलान हुए। मोदी के इस दौरे का खास महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह मणिपुर में दो साल पहले भड़की हिंसा के बाद उनकी पहली यात्रा है।
राज्य में सुरक्षा इंतज़ाम बेहद कड़े रखे गए और प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए भारी जनसैलाब उमड़ा। पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
मणिपुर में परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन
PM Modi Manipur Visit 2025 के दौरान 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं में शहरी सड़कें, जल निकासी, राष्ट्रीय राजमार्ग, Manipur Infotech Development Project (MIND) और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये योजनाएँ Ease of Living को बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में मददगार साबित होंगी।
इंफाल में पीएम मोदी का संबोधन
इंफाल में जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मणिपुर मां भारती के मुकुट पर सजा हुआ रत्न है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार इस क्षेत्र की विकासवादी छवि को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
कनेक्टिविटी पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में Northeast Connectivity को सबसे अहम मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि मणिपुर जैसे सीमावर्ती राज्य में कनेक्टिविटी हमेशा चुनौती रही है।
2014 से केंद्र सरकार ने सड़क और रेलवे बजट में बड़ी बढ़ोतरी की है। हाल के वर्षों में 3,700 करोड़ रुपये राष्ट्रीय राजमार्गों पर खर्च किए गए हैं और 8,700 करोड़ रुपये नए राजमार्गों पर खर्च किए जा रहे हैं।
हिंसा पीड़ितों से मुलाकात
मणिपुर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की। राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बातचीत कर उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार राज्य में स्थिरता और शांति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके बाद चुराचांदपुर में उन्होंने 7,300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
विपक्ष का हमला
जहां एक ओर जनता ने PM Modi Manipur Visit 2025 का स्वागत किया, वहीं विपक्ष ने इसे दिखावटी करार दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मोदी का यह दौरा “टोकनिज़्म” है और राहत शिविरों में रह रहे लोगों का अपमान है।
कांग्रेस ने कहा कि यह भव्य स्वागत असल मुद्दों से बचने का प्रयास है।
निवेश और पूर्वोत्तर की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने Rising North East Summit का ज़िक्र करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर में निवेश की असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने निवेशकों को क्षेत्र की कृषि, हस्तशिल्प और प्राकृतिक संसाधनों में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” से पूर्वोत्तर के किसानों और कारीगरों को सीधा फायदा मिल रहा है। मिजोरम के बांस उत्पाद और जैविक मसाले देश-विदेश में पहचान बना रहे हैं।
11 वर्षों की उपलब्धियां
मोदी ने कहा कि पिछले 11 सालों से सरकार पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सड़कें, मोबाइल नेटवर्क, बिजली, नल का पानी और LPG कनेक्शन अब दूरस्थ इलाकों तक पहुँच चुके हैं।
उन्होंने मिजोरम में जल्द ही हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने की घोषणा की, जिससे दूरदराज़ के इलाके भी देश के मुख्य धारा से जुड़ेंगे।
मिजोरम का योगदान और रेल संपर्क
प्रधानमंत्री ने मिजोरम की जनता की सराहना करते हुए कहा कि चाहे स्वतंत्रता आंदोलन हो या राष्ट्र निर्माण, मिजोरम ने हमेशा योगदान दिया है।
उन्होंने 8,070 करोड़ रुपये की बैराबी-सैरांग रेल लाइन का उद्घाटन किया, जिससे पहली बार मिजोरम भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ गया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बनी इस परियोजना में 45 सुरंगें और 55 बड़े पुल शामिल हैं।
PM Modi Manipur Visit 2025 सिर्फ़ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं बल्कि भरोसे और स्थिरता का संदेश भी है। एक ओर जहां हजारों करोड़ रुपये की योजनाएँ राज्य के लिए रोजगार और कनेक्टिविटी लाएँगी, वहीं दूसरी ओर हिंसा पीड़ितों से मुलाकात ने संवेदनशीलता का संकेत दिया।
हालांकि कांग्रेस ने इसे टोकनिज़्म करार दिया, लेकिन जनता में इस दौरे को लेकर उम्मीदें स्पष्ट दिखीं। पूर्वोत्तर अब भारत के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है और मोदी सरकार इसे Economic Growth Corridor में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
