Home Bihar बिहार में सक्रिय हुआ मानसून, बंगाल की खाड़ी से बढ़ी नमी

बिहार में सक्रिय हुआ मानसून, बंगाल की खाड़ी से बढ़ी नमी

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने बिहार में मानसून को फिर सक्रिय कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में Heavy Rainfall देखने को मिल सकती है। उमस भरी गर्मी के साथ राज्य के 17 जिलों के लिए Monsoon Alert जारी किया गया है। राजधानी पटना इस दौरान सबसे ज्यादा गर्म शहर बना हुआ है।

बिहार पर सक्रिय मानसून ट्रफ

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी से भरी हवाएं लगातार बिहार की ओर बढ़ रही हैं। इन हवाओं ने मानसून ट्रफ लाइन को मजबूत कर दिया है। यह ट्रफ फिलहाल प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है। जैसे-जैसे यह लाइन और सक्रिय होगी, वैसे-वैसे बारिश की संभावना भी बढ़ती जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वी और उत्तरी जिलों में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखेगा।

पटना का तापमान सबसे ऊंचा

पटना का मौसम इन दिनों लगातार लोगों को परेशान कर रहा है। राजधानी का अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार दूसरे दिन पटना सबसे गर्म शहर बना। राजधानी समेत 19 जिलों का तापमान सामान्य से ऊपर रहा। बादलों के बावजूद गर्मी और नमी लोगों को राहत नहीं दे रही है।

17 जिलों के लिए Thunderstorm Alert

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने 17 जिलों के लिए Thunderstorm और Lightning Alert जारी किया है। इन जिलों में गरज, वज्रपात और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहें। किसानों को भी सावधान रहने की सलाह दी गई है ताकि अचानक मौसम बदलाव का असर फसलों पर न पड़े।

आठ सितंबर से मौसम में बदलाव के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक 8 सितंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। तब तक राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में बादल छाए रहेंगे और उमस बनी रहेगी। 8 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियां तेज़ हो सकती हैं। अररिया और किशनगंज जिलों के लिए पहले ही Heavy Rainfall Alert जारी किया गया है।

पिछले 24 घंटों में छिटपुट वर्षा

पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। जमुई जिले के बरहट में सबसे अधिक 28.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। सिवान, मोतिहारी, पटना, मुजफ्फरपुर और बांका में लगभग 22 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।

प्रमुख शहरों में वर्षा का हाल

गया के गुरुआ में 24.6 मिलीमीटर, पूर्वी चंपारण के सुगौली में 22.8 मिलीमीटर, सिवान के नौतन में 20.4 मिलीमीटर, रोहतास के तिलौथू में 12.4 मिलीमीटर, सुपौल के छत्तरपुर में 10.6 मिलीमीटर, जहानाबाद के हुलासगंज में 8.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। नालंदा के कटारी सराय और मोहनिया में 2.4 मिलीमीटर, पश्चिम चंपारण के गौनाहा में 2.2 मिलीमीटर, औरंगाबाद में 2 मिलीमीटर और भभुआ में 1.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

प्रमुख शहरों का तापमान

  • पटना: अधिकतम 36.5 डिग्री, न्यूनतम 29.4 डिग्री

  • गया: अधिकतम 35.7 डिग्री, न्यूनतम 26.4 डिग्री

  • भागलपुर: अधिकतम 34.0 डिग्री, न्यूनतम 28.2 डिग्री

  • मुजफ्फरपुर: अधिकतम 34.0 डिग्री, न्यूनतम 28.1 डिग्री

यह आंकड़े बताते हैं कि बारिश के बावजूद कई जिलों में गर्मी और उमस बरकरार है।

गर्मी और उमस से स्वास्थ्य जोखिम

राजधानी पटना समेत अन्य शहरों में लगातार गर्मी और नमी लोगों को परेशान कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में डिहाइड्रेशन और Heat Related Illnesses बढ़ सकती हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है कि पानी का सेवन ज्यादा करें और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।

कृषि पर असर

बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि का बड़ा योगदान है और बारिश इस पर सीधा असर डालती है। समय पर होने वाली बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए जरूरी है। कई इलाकों में बारिश कम होने से बुवाई पर असर पड़ा है। अगर आने वाले दिनों में Heavy Rainfall होती है तो जलस्तर में सुधार हो सकता है। हालांकि अचानक भारी बारिश बाढ़ का खतरा भी बढ़ा सकती है।

उत्तरी बिहार में बाढ़ की आशंका

कोसी, गंडक और बागमती नदी के किनारे बसे जिलों में बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहता है। अररिया और किशनगंज में जारी चेतावनी को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। भारी बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में पानी भर सकता है। आपदा प्रबंधन विभाग ने टीमों को अलर्ट पर रखा है।

शहरी इलाकों में जलजमाव की समस्या

पटना और अन्य बड़े शहरों में जलजमाव एक आम समस्या है। हल्की बारिश में भी सड़कें और गलियां पानी से भर जाती हैं। इससे यातायात बाधित होता है और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। नगर निगम drainage system सुधारने का दावा करता है, लेकिन हालात अब भी चुनौतीपूर्ण हैं।

बंगाल की खाड़ी का योगदान

भारत के मानसून में बंगाल की खाड़ी का बड़ा योगदान होता है। यहां बनने वाले low pressure system पूर्वी राज्यों में बारिश लेकर आते हैं। इस बार भी बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आई हवाओं ने बिहार में मानसून को सक्रिय कर दिया है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बिहार में मानसून सक्रिय रहेगा। राजधानी और दक्षिणी जिलों में उमस बनी रहेगी, जबकि उत्तर और पूर्व बिहार में भारी बारिश हो सकती है। 8 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है।

समय पर अलर्ट की ज़रूरत

हर साल बिहार में वज्रपात से कई लोगों की जान जाती है। इसलिए विभाग द्वारा जारी किया गया Lightning Alert बेहद अहम है। सरकार भी ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चला रही है ताकि लोग खराब मौसम में खेतों और खुले स्थानों से दूर रहें।

इस साल का मानसून लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। बारिश से जहां किसानों की उम्मीदें बढ़ती हैं, वहीं लगातार बदलते मौसम ने आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ाई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बिहार में मानसून राहत लाता है या मुश्किलें बढ़ाता है।

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