Home Health National Doctors Day 2025: जानें डॉक्टर्स डे की थीम, इतिहास और डॉक्टरों...

National Doctors Day 2025: जानें डॉक्टर्स डे की थीम, इतिहास और डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसका महत्व

हर वर्ष 1 जुलाई को भारत में नेशनल डॉक्टर्स डे यानी राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन डॉक्टरों को सम्मान देने के लिए समर्पित है जो समाज की सेवा में अपनी पूरी ज़िंदगी लगा देते हैं। 2025 में डॉक्टर्स डे की थीम है:
“बिहाइंड द मास्क: हू हील्स द हीलर्स?”
(Behind the Mask: Who Heals the Healers?)

यह थीम एक बेहद महत्वपूर्ण सवाल उठाती है – जो हमें ठीक करते हैं, उनका खुद कौन ध्यान रखता है?

डॉक्टर्स डे 2025 की थीम: “बिहाइंड द मास्क: हू हील्स द हीलर्स?”

इस वर्ष की थीम डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक चुनौतियों को केंद्र में रखती है। महामारी के बाद से, यह विषय और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि दुनिया ने देखा कि कैसे डॉक्टरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लाखों लोगों का जीवन बचाया।

 इस थीम का मुख्य उद्देश्य:

  • डॉक्टरों की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को समझना

  • उनके लिए सपोर्ट सिस्टम विकसित करना

  • समाज को यह बताना कि डॉक्टर भी इंसान हैं, जिनकी अपनी परेशानियां होती हैं

  • हेल्थकेयर सिस्टम में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करना

डॉक्टर्स डे क्यों मनाया जाता है?

भारत में नेशनल डॉक्टर्स डे हर साल 1 जुलाई को डॉ. बिधान चंद्र रॉय (Dr. B.C. Roy) की याद में मनाया जाता है। यह दिन उनकी जन्म और पुण्यतिथि, दोनों को चिह्नित करता है।

कौन थे डॉ. बी.सी. रॉय?

  • डॉ. रॉय एक महान चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी, और राजनेता थे

  • वे पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री थे

  • उन्होंने भारत में कई मेडिकल संस्थानों की स्थापना की

  • उन्हें 1961 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया

  • उनका योगदान आज भी चिकित्सा और प्रशासन में अनुकरणीय माना जाता है

भारत में डॉक्टर्स डे कैसे मनाया जाता है?

देशभर में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य संस्थाएं इस दिन को विभिन्न तरीकों से मनाते हैं:

  • डॉक्टरों को सम्मानित किया जाता है

  • मुफ्त स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होते हैं

  • मानसिक स्वास्थ्य पर वर्कशॉप और सेमिनार आयोजित किए जाते हैं

  • डॉ. बी.सी. रॉय के योगदान को याद किया जाता है

  • सोशल मीडिया और समाचारों में आभार व्यक्त किया जाता है

डॉक्टरों का मानसिक स्वास्थ्य: थीम की सबसे बड़ी चिंता

डॉक्टरों को अक्सर ऐसा माना जाता है कि वे हर परिस्थिति में स्थिर रहते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे भी एक आम इंसान की तरह तनाव, थकावट, चिंता और भावनात्मक दबाव से गुजरते हैं।

 डॉक्टरों की प्रमुख मानसिक चुनौतियां:

  • लंबे और अस्थिर कार्य घंटे

  • रोज़ मरीजों की मृत्यु या गंभीर स्थिति से जुड़ा तनाव

  • गलतियों का डर और कानूनी कार्रवाई की चिंता

  • व्यक्तिगत जीवन का संतुलन न बना पाना

  • पर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता का न मिलना

एक हालिया अध्ययन में यह सामने आया कि बड़ी संख्या में डॉक्टर डिप्रेशन और बर्नआउट जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस year’s थीम ऐसे ही मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती है।

दुनिया में कब और कैसे मनाते हैं डॉक्टर्स डे?

भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में भी डॉक्टरों को समर्पित विशेष दिन मनाया जाता है, हालांकि तारीखें अलग-अलग होती हैं:

  • अमेरिका – 30 मार्च

  • ब्राजील – 18 अक्टूबर

  • ईरान – 23 अगस्त

  • वियतनाम – 27 फरवरी

भारत में 1 जुलाई को यह दिन मनाने का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन डॉ. बी.सी. रॉय के योगदान को सलाम करता है।

कैसे करें डॉक्टरों का समर्थन – सिर्फ एक दिन नहीं, हर दिन

डॉक्टर्स डे केवल एक दिन की सराहना नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें सालभर उनके लिए बेहतर माहौल और समर्थन की व्यवस्था करनी चाहिए।

व्यक्तिगत स्तर पर हम क्या कर सकते हैं:

  • डॉक्टरों के साथ सम्मान और धैर्य से पेश आएं

  • अपॉइंटमेंट और इलाज में समय का सम्मान करें

  • बिना वजह की नाराज़गी और सोशल मीडिया ट्रोलिंग से बचें

  • ऑनलाइन और ऑफलाइन आभार व्यक्त करें

हेल्थ संस्थाओं को क्या करना चाहिए:

  • डॉक्टरों के लिए मेंटल हेल्थ काउंसलिंग की सुविधा

  • स्मार्ट शिफ्ट सिस्टम और पर्याप्त आराम का प्रबंध

  • सेफ और सपोर्टिव कार्यस्थल का निर्माण

  • तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं आयोजित करना

सरकार से अपेक्षित कदम:

  • हेल्थकेयर में बजट और संसाधनों को बढ़ाना

  • डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने पर जोर देना

  • मेडिकल शिक्षा में मेंटल वेलनेस को शामिल करना

  • डॉक्टरों की सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करना

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version