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आमिर खान की फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर रिलीज, एक बार फिर छू जाएगा दिल

KKN गुरुग्राम डेस्क | बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं और इस बार वह लेकर आए हैं फिल्म ‘सितारे जमीन पर’, जो 2007 की सुपरहिट फिल्म ‘तारे जमीन पर’ का आध्यात्मिक सीक्वल है। इस फिल्म का ट्रेलर 14 मई 2025 को रिलीज किया गया, जिसे देखने के बाद दर्शकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई है।

इस फिल्म से आमिर खान लगभग तीन साल बाद पर्दे पर लौट रहे हैं और फैंस उन्हें फिर से उनके दमदार अभिनय में देखने को बेताब हैं। फिल्म 20 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

 ट्रेलर की झलक: एक भावनात्मक, प्रेरणादायक और ह्यूमर से भरपूर कहानी

फिल्म का ट्रेलर करीब 3 मिनट 29 सेकेंड का है और इसकी शुरुआत होती है नेशनल बास्केटबॉल फाइनल्स से, जहां आमिर खान एक सख्त और समर्पित बास्केटबॉल कोच की भूमिका में नजर आते हैं। लेकिन एक विवादित घटना के चलते वह अपने सहायक कोच को मुक्का मार देते हैं, जिसके बाद उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है।

सजा के रूप में उन्हें एक 10 दिव्यांग बच्चों की टीम को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी दी जाती है। शुरू में वह नाराज और असहज दिखते हैं, लेकिन धीरे-धीरे वह इन बच्चों के साथ जुड़ते हैं और उन्हें एक नई दिशा देने का प्रयास करते हैं।

ट्रेलर का आखिरी डायलॉग गहराई से छूता है:

“आखिर कौन तय करता है कि ‘नॉर्मल’ कौन है?”

 फिल्म की कहानी: खेल के माध्यम से आत्म-स्वीकृति की यात्रा

‘सितारे जमीन पर’ की कहानी एक ऐसे बास्केटबॉल कोच की है, जो अपने गुस्से और अहंकार के चलते अपनी प्रोफेशनल छवि खो देता है। सजा के तौर पर उसे विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों की टीम को ट्रेन करना पड़ता है, जिसे वह पहले बोझ समझता है। लेकिन बच्चों की मासूमियत, संघर्ष और जज़्बे से वह खुद की नई पहचान खोजता है।

यह फिल्म न केवल दिव्यांग बच्चों की क्षमताओं को उजागर करती है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि समाज की ‘नॉर्मल’ परिभाषा कितनी सीमित और पक्षपाती है।

 कलाकार और निर्माण टीम

  • मुख्य भूमिका में: आमिर खान (कोच की भूमिका में)

  • निर्देशक: आर.एस. प्रसन्ना

  • लेखक: अमोल गुप्ते

  • संगीत: प्रीतम

फिल्म में कई नए और वास्तविक रूप से दिव्यांग कलाकारों को शामिल किया गया है, जिससे कहानी को वास्तविकता और भावनात्मक गहराई मिलती है।

क्यों खास है ‘सितारे जमीन पर’?

  • सामाजिक संदेश: फिल्म विकलांगता, समावेशन और आत्मसम्मान जैसे मुद्दों को उजागर करती है।

  • आमिर खान की वापसी: ‘लाल सिंह चड्ढा’ के बाद यह फिल्म आमिर के लिए एक इमोशनल और सिनेमाई कमबैक मानी जा रही है।

  • ह्यूमर और इमोशन का संतुलन: ट्रेलर में गंभीर विषय के बावजूद हास्य और मानवीयता का सुंदर समावेश दिखता है।

  • सशक्त विजुअल्स: बास्केटबॉल कोर्ट से लेकर बच्चों के स्कूल तक, हर सीन में संवेदनशीलता और ऊर्जा नजर आती है।

 दर्शकों और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

फिल्म के ट्रेलर को रिलीज के कुछ ही घंटों में लाखों व्यूज और हजारों प्रतिक्रियाएं मिलीं। #SitaareZameenPar, #AamirKhanReturns जैसे हैशटैग्स ट्रेंड करने लगे।

प्रशंसकों ने कहा:

  • “आमिर वापस आ गए हैं अपने असली अंदाज में।”

  • “फिर से एक फिल्म जो सोच बदल देगी।”

  • “यह सिर्फ फिल्म नहीं, एक अनुभव है।”

फिल्म समीक्षकों ने ट्रेलर को 2025 की सबसे प्रेरणादायक फिल्म कहकर सराहा।

‘तारे जमीन पर’ से जुड़ाव और उम्मीदें

साल 2007 में रिलीज हुई ‘तारे जमीन पर’ ने बच्चों की मानसिक स्थिति, शिक्षा प्रणाली और पारिवारिक भावनाओं को जिस तरह पेश किया था, वह आज भी दर्शकों के दिल में बसी है। उस फिल्म ने करीब ₹98.5 करोड़ का कलेक्शन किया और भारत की तरफ से ऑस्कर में भेजी गई।

अब जबकि ‘सितारे जमीन पर’ उस विरासत को आगे बढ़ा रही है, दर्शकों को भावनात्मक और प्रेरक सिनेमा की उम्मीद है।

बॉक्स ऑफिस अनुमान और मार्केटिंग रणनीति

फिल्म को लेकर पहले से ही बहुत बज बना हुआ है और विशेषज्ञों का मानना है कि ओपनिंग वीकेंड में फिल्म ₹25–30 करोड़ का कलेक्शन कर सकती है।

फिल्म का प्रमोशन शालीनता और संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है:

  • एनजीओ और स्कूलों के साथ जुड़ाव

  • दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग

  • डिजिटल मीडिया पर रचनात्मक अभियान

 सामाजिक प्रभाव और प्रासंगिकता

फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश है:

  • दिव्यांग बच्चों को समान अवसर देना

  • समावेशी शिक्षा और खेल प्रणाली को बढ़ावा देना

  • ‘नॉर्मल’ की सामाजिक परिभाषा को चुनौती देना

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फिल्म स्कूल, कॉलेज और सरकारी नीतियों के लिए एक प्रेरणास्रोत साबित हो सकती है।

‘सितारे जमीन पर’ एक ऐसी फिल्म लगती है जो न केवल दिल को छूती है, बल्कि दिमाग को झकझोरती है। आमिर खान ने एक बार फिर दिखाया है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, एक सामाजिक आंदोलन भी हो सकता है।

20 जून 2025 को जब यह फिल्म रिलीज होगी, तो यह सिर्फ एक नई फिल्म नहीं होगी, बल्कि एक नई सोच की शुरुआत भी हो सकती है।

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