भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जब एक समय का सबसे लोकप्रिय शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने दो दशकों बाद फिर से टीवी स्क्रीन पर वापसी की। एक बिल्कुल नई कहानी के साथ लेकिन पुरानी भावनाओं और यादों को साथ लिए यह शो वापस आया है। स्मृति ईरानी एक बार फिर तुलसी विरानी के किरदार में नजर आईं, वहीं अमर उपाध्याय भी पुराने अंदाज़ में ‘मिहिर विरानी’ की भूमिका में लौटे। इन दोनों की केमिस्ट्री ने एक बार फिर दर्शकों का दिल छू लिया है।
शांति निकेतन के दरवाज़े फिर खुले
पहले एपिसोड की शुरुआत बेहद भावनात्मक रही, जब शांति निकेतन का दरवाज़ा खुलते ही जैसे समय थम सा गया। वही पुराना बैकग्राउंड म्यूज़िक, वही पहचान वाला सेट और तुलसी की वही अदाएं दर्शकों को सीधे बीते दिनों में ले गईं। सीरियल की शुरुआत में जब ओरिजिनल टाइटल ट्रैक बजा, तो सोशल मीडिया पर nostalgia की लहर दौड़ गई।
स्मृति ईरानी का आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन और अमर उपाध्याय की गंभीर स्क्रीन प्रजेंस ने दिखा दिया कि समय चाहे जितना भी बीत जाए, लेकिन कुछ किरदार और रिश्ते कभी फीके नहीं पड़ते।
तुलसी और मिहिर की केमिस्ट्री फिर से छा गई
टेलीविजन पर जिस जोड़ी को देखकर एक पीढ़ी बड़ी हुई, वही जोड़ी अब फिर से वापस आई है। एपिसोड के प्रसारण के कुछ ही मिनटों बाद सोशल मीडिया पर फैंस की भावनाएं उमड़ पड़ीं। किसी ने लिखा, “Old is Gold,” तो किसी ने इसे “OG couple of Indian TV” कहकर पुकारा। एक यूज़र ने लिखा कि “तुलसी और मिहिर का एक साथ आना इतना प्यारा था कि चेहरा खुद ब खुद मुस्कुराने लगा।”
फैंस ने ये भी कहा कि एपिसोड में emotions, suspense और storytelling का balance बहुत ही organic था। एक दर्शक ने यहां तक कहा कि “ये वही Ekta Kapoor है, जो अपने हर सीन में एक भावनात्मक गहराई भर देती हैं, जो आजकल उनके अन्य शोज़ में कम दिखाई देता है।”
पुराने चेहरों के साथ नए चेहरों की एंट्री
शो की खास बात यह रही कि इसमें पुराने पसंदीदा कलाकारों के साथ-साथ नए चेहरों को भी पेश किया गया। जहां तुलसी-मिहिर के साथ हितेन तेजवानी और गौरी प्रधान जैसे पुराने कलाकार शामिल रहे, वहीं रोहित सुचांती, अमन गांधी और शगुन शर्मा जैसे नए कलाकारों की भी एंट्री हुई।
नए कलाकारों की मौजूदगी शो में freshness लाती है लेकिन इसके साथ ही पुराने किरदारों की continuity को भी बनाए रखती है। पहले एपिसोड में नए किरदारों की कहानी में एंट्री को बेहद स्वाभाविक और संतुलित तरीके से दिखाया गया, जिससे दर्शकों को कुछ भी असहज नहीं लगा।
दर्शकों की भावनाओं में डूबी प्रतिक्रियाएं
एपिसोड के प्रसारण के बाद सोशल मीडिया platforms जैसे X (पूर्व में Twitter), Instagram और Facebook पर फैंस की प्रतिक्रियाएं बाढ़ की तरह आईं। किसी ने लिखा कि “टाइटल सॉन्ग खत्म होते ही जैसे पूरा बचपन याद आ गया,” तो किसी ने कहा “तुलसी का वही aura और मिहिर पहले से ज़्यादा हैंडसम।”
एक यूज़र ने लिखा कि “हम तब बहुत छोटे थे जब ये शो देखा करते थे और अब इतने साल बाद वही कलाकार फिर उसी रोल में वापस आए हैं, ये बहुत emotional है।” एक और fan ने लिखा कि “पहली बार किसी डेली सोप का part 2 आया है, वो भी 20 साल बाद और उसी original cast के साथ – ये तो historic है।”
एकता कपूर का क्लासिक स्टाइल वापस लौटा
शो की वापसी का सबसे खास पहलू यह है कि एकता कपूर की signature storytelling फिर से लौट आई है। शो में emotions, family drama, और dialogues की वही गहराई देखने को मिली जो उनके पुराने golden era के सीरियल्स की पहचान थी।
दर्शकों ने नोट किया कि हर सीन में Ekta Kapoor का personal touch महसूस हुआ – चाहे वह कैमरा मूवमेंट हो, बैकग्राउंड स्कोर हो या संवादों की प्रस्तुति। आज के तेज़ी से बदलते टीवी दौर में जब स्टाइल कंटेंट से ऊपर हो गया है, तब इस तरह की storytelling एक refreshing बदलाव है।
सांस्कृतिक विरासत की तरह लौटा है शो
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ सिर्फ एक सीरियल नहीं, बल्कि एक cultural legacy है। इसने 2000 के दशक की एक पूरी पीढ़ी को टेलीविज़न से जोड़ा था। अब दो दशक बाद उसी शो का वापसी करना सिर्फ nostalgia नहीं, बल्कि टेलीविज़न इंडस्ट्री की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
तुलसी और मिहिर जैसे किरदार भारतीय टेलीविज़न में आइकॉनिक बन चुके हैं। इनका दोबारा लौटना दर्शकों के लिए एक भावनात्मक पल था। जहां कई reboot शोज़ expectations पर खरे नहीं उतरते, वहीं ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने अपने पहले ही एपिसोड से सभी को ये यकीन दिला दिया कि इसके पास अब भी कहने के लिए बहुत कुछ है।
आगे के एपिसोड को लेकर बढ़ी उम्मीदें
पहले एपिसोड की शानदार शुरुआत के बाद अब दर्शक बेसब्री से अगले एपिसोड्स का इंतजार कर रहे हैं। नई कहानी किस दिशा में जाएगी, नए किरदारों की क्या भूमिका होगी और क्या पुराने रिश्तों में फिर से वैसी ही intensity देखने को मिलेगी – ये सब जानने की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।
कहानी में फैमिली ड्रामा, emotional टकराव, और रिश्तों की उलझनें पहले की तरह दिखेंगी – और शायद नए twists भी मिलेंगे जो इस reboot को आज की generation के लिए भी relevant बनाएंगे।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का यह सीज़न सिर्फ एक शो की वापसी नहीं है, यह रिश्तों की, भावनाओं की, और यादों की वापसी है। स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय ने फिर से साबित कर दिया कि असली एक्टिंग और सच्चे रिश्ते समय की सीमाओं से परे होते हैं।
