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करीना कपूर के माता-पिता 37 साल बाद फिर साथ रहेंगे रणधीर कपूर और बबिता

बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी एक बेहद इमोशनल खबर साझा की है। करीना ने बताया कि उनके माता-पिता, अभिनेता रणधीर कपूर और अभिनेत्री बबिता कपूर, जिन्होंने लगभग 37 साल पहले अलग रहने का फैसला किया था, अब फिर से एक साथ रहने जा रहे हैं।

यह खबर ना सिर्फ कपूर परिवार के लिए एक भावनात्मक क्षण है, बल्कि उनके प्रशंसकों और पूरे बॉलीवुड के लिए भी एक बड़ी और सकारात्मक खबर मानी जा रही है।

रणधीर और बबिता कपूर की प्रेम कहानी से लेकर अलगाव तक

शादी और शुरुआती जीवन

रणधीर कपूर और बबिता की मुलाकात 60-70 के दशक में फिल्मों के सेट पर हुई थी। दोनों ने साल 1971 में शादी की थी। बबिता ने शादी के बाद फिल्मों से दूरी बना ली और परिवार की देखभाल को प्राथमिकता दी। इस दंपति की दो बेटियां हैं – करिश्मा कपूर और करीना कपूर, जो आज बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियां हैं।

अलगाव के 17 साल बाद आई दूरी

करीना के अनुसार, उनके माता-पिता ने शादी के लगभग 17 साल बाद, 80 के दशक के अंत में अलग रहने का फैसला किया था। हालांकि उन्होंने कभी आधिकारिक रूप से तलाक नहीं लिया, लेकिन बबिता अपनी बेटियों के साथ अलग घर में रहने लगीं और रणधीर कपूर अपने पुश्तैनी घर, आरके हाउस, चेंबूर में ही रहे।

बबिता को अक्सर अपनी बेटियों के करियर को आगे बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने दोनों बेटियों को अकेले ही पाला और उन्हें फिल्मी दुनिया में स्थापित किया।

करीना कपूर ने इंटरव्यू में क्या कहा?

हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू में करीना कपूर ने भावुक होते हुए कहा:

“मेरे लिए यह एक बहुत ही इमोशनल पल है। मेरे माता-पिता ने हमें कभी कोई कमी महसूस नहीं होने दी। अब जब उन्होंने साथ रहने का फैसला लिया है, तो ऐसा लगता है जैसे जिंदगी एक पूर्ण चक्र पूरा कर रही है।”

करीना ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी स्वास्थ्य या आर्थिक कारण से नहीं बल्कि आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव के कारण लिया गया है।

क्यों लिया 37 साल बाद साथ रहने का फैसला?

करीना ने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, रणधीर और बबिता के बीच वर्षों से पारिवारिक कार्यक्रमों, त्योहारों और  (तैमूर और जेह) के ज़रिए जुड़ाव बना रहा।

एक करीबी सूत्र ने बताया:

“उनका रिश्ता कभी टूटा नहीं था। उम्र के इस पड़ाव पर, वे एक-दूसरे की संगति को फिर से महसूस करना चाहते थे। यह एक भावनात्मक और व्यक्तिगत निर्णय है।”

करिश्मा और करीना की प्रतिक्रिया

करीना कपूर और करिश्मा कपूर दोनों ही इस फैसले से बेहद खुश हैं।

  • करीना ने कहा कि उनके बच्चों के लिए यह खुशी की बात है कि वे अपने दादा-दादी को एक साथ देख पाएंगे।

  • करिश्मा ने सोशल मीडिया पर एक पारिवारिक फोटो शेयर की और लिखा: “कुछ रिश्ते वाकई कभी नहीं बदलते।”

प्रशंसकों ने इस पोस्ट पर ढेर सारे हार्ट और कमेंट्स के जरिए अपना प्यार और समर्थन जताया।

बबिता की भूमिका: एक मजबूत मां और मार्गदर्शक

बबिता कपूर ने जब रणधीर से अलग रहने का फैसला किया, तो उन्होंने न सिर्फ मां की जिम्मेदारी निभाई, बल्कि अपनी बेटियों के करियर में भी अहम योगदान दिया।

उन्होंने बेटियों को मजबूत, आत्मनिर्भर और पेशेवर रूप से सफल बनाने के लिए हर मोड़ पर समर्थन दिया। बबिता भले ही ग्लैमर से दूर रहीं, लेकिन उनके संयमित और गरिमामय व्यक्तित्व के कारण उन्हें बॉलीवुड में बहुत सम्मान मिला।

बॉलीवुड में एक दुर्लभ उदाहरण

बॉलीवुड में आमतौर पर सेलिब्रिटी अलगाव और तलाक की खबरें विवादों से घिरी रहती हैं। लेकिन रणधीर और बबिता कपूर की यह कहानी एक अलग मिसाल पेश करती है।

  • उन्होंने अपने अलगाव को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया।

  • बच्चों की परवरिश और परिवार की एकता को हमेशा प्राथमिकता दी।

  • और अब, अपने जीवन के इस पड़ाव पर, एक साथ लौटकर एक संवेदनशील लेकिन प्रेरणादायक संदेश दिया है।

बॉलीवुड इंडस्ट्री और फैंस की प्रतिक्रिया

रणधीर और बबिता के दोबारा साथ रहने की खबर पर बॉलीवुड से कई प्रसिद्ध हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी।

  • नीतू कपूर ने इसे “बड़े दिलों का फैसला” बताया।

  • आलिया भट्ट ने करिश्मा की पोस्ट पर कमेंट किया: “This is so beautiful ❤️”

  • फैंस ने कहा – “Real love always finds a way back.”

करीना कपूर द्वारा साझा किया गया यह व्यक्तिगत और भावनात्मक पल हमें यह याद दिलाता है कि रिश्ते समय के साथ बदल सकते हैं, लेकिन प्यार और सम्मान अगर कायम रहे, तो दूरी भी नजदीकियों में बदल सकती है।

रणधीर कपूर और बबिता कपूर का पुनर्मिलन न सिर्फ एक परिवार के लिए नई शुरुआत है, बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। यह दिखाता है कि जीवन में कभी भी नई शुरुआत की जा सकती है – चाहे वो 30 की उम्र में हो या 70 की उम्र में।

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