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दीपिका पादुकोण का ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2’ से बाहर होना

KKN गुरुग्राम डेस्क | दीपिका पादुकोण का बॉलीवुड करियर हमेशा से शानदार रहा है, लेकिन हाल ही में उनके द्वारा कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स से बाहर होने की खबरें सामने आई हैं। स्पिरिट और कल्कि 2 जैसी फिल्मों से उनका बाहर होना चर्चा का विषय बना हुआ है। खासकर तब जब इन दोनों फिल्मों में उनके साथ प्रभास को कास्ट किया गया था। इस लेख में हम जानेंगे कि क्यों दीपिका ने इन दोनों फिल्मों से बाहर जाने का फैसला किया और उनके करियर में आगे क्या हो सकता है।

दीपिका पादुकोण की प्राथमिकताएं बदलने का कारण

दीपिका पादुकोण के करियर में यह बदलाव उनके मातृत्व से जुड़ा हुआ है। एक मां बनने के बाद उनकी प्राथमिकताएं प्राकृतिक रूप से बदल गई हैं। पहले जहां वह अपने करियर को सबसे ऊपर रखती थीं, अब उनका परिवार और मां का रोल उनकी जिंदगी में सबसे अहम बन गया है। दीपिका अब छोटे कामकाजी घंटों की मांग कर रही हैं और फिल्मी सेट पर काम करने का उनका तरीका भी बदला है।

दीपिका की नए माता-पिता के रूप में प्राथमिकताएं

दीपिका के लिए यह समय अपने परिवार को समय देने और अपनी भूमिका को संतुलित करने का है। मां बनने के बाद, दीपिका अब 8 घंटे काम करने की इच्छा जाहिर करती हैं, जिससे उनके कामकाजी जीवन में कुछ तनाव उत्पन्न हुआ है। इस बदलाव के कारण दीपिका को कई फिल्म निर्माताओं के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिनके पास एक प्रमुख अभिनेत्री के रूप में उनके लिए अपेक्षाएं थीं।

‘स्पिरिट’ फिल्म से दीपिका का बाहर होना

स्पिरिट फिल्म, जो कि संदीप रेड्डी वांगा द्वारा निर्देशित थी, में दीपिका को एक महत्वपूर्ण भूमिका दी गई थी। इस फिल्म में प्रभास भी मुख्य भूमिका में थे। हालांकि, दीपिका ने फिल्म से बाहर होने का निर्णय लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, दीपिका ने सेट पर केवल 8 घंटे काम करने की मांग की, जो फिल्म के शूटिंग शेड्यूल से मेल नहीं खा रहा था। इसके अलावा, दीपिका ने फिल्म के मुनाफे में अपने हिस्से की भी मांग की थी, जो संदीप को उचित नहीं लगा।

संदीप ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया और कहा, “जब मैं एक अभिनेता को अपनी कहानी सुनाता हूं, तो मैं उस पर 100 प्रतिशत विश्वास करता हूं। हमारे बीच एक समझौता था, लेकिन इस तरह के व्यवहार से पता चलता है कि आप वास्तव में कैसे व्यक्ति हैं। क्या यही आपका फेमिनिज़म है?” उनके इन शब्दों से यह स्पष्ट हुआ कि दीपिका और फिल्म निर्माता के बीच मतभेद थे, जो आसानी से हल नहीं हो सके।

क्या दीपिका ‘कल्कि 2’ से भी बाहर हो सकती हैं?

‘स्पिरिट’ से बाहर होने के बाद अब खबरें आ रही हैं कि दीपिका कल्कि 2 से भी बाहर हो सकती हैं। यह फिल्म भी प्रभास के साथ थी। सूत्रों के अनुसार, दीपिका की मांगें, जैसे कम घंटे काम करने की और उनके नए परिवारिक जीवन की वजह से कल्कि 2 के निर्माता उनके रोल को कम करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन खबरों के आधार पर यह लगता है कि दीपिका ने अपनी जीवनशैली को प्राथमिकता दी है और अब वह फिल्मों के चयन में अधिक लचीलापन चाहती हैं।

दीपिका की बढ़ती भूमिका और फेमिनिज़म के प्रति समर्थन

दीपिका पादुकोण ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और फेमिनिज़म के पक्ष में आवाज उठाई है। उन्होंने फिल्मों में महिलाओं की सशक्तता को बढ़ावा दिया और इंडस्ट्री में महिलाओं के बेहतर व्यवहार के लिए भी लड़ाई लड़ी। अब, उनके द्वारा मां बनने के बाद कम घंटे काम करने की मांग, कुछ लोगों के लिए उनके फेमिनिज़म के सिद्धांतों से विपरीत प्रतीत हो सकती है।

संदीप रेड्डी वांगा के टिप्पणियों ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या उनकी निजी जीवन की मांगें उनके फेमिनिज़म के विचारों से मेल खाती हैं या नहीं। हालांकि, कुछ आलोचकों का मानना है कि यह एक सामान्य बदलाव है, जो मातृत्व के साथ आता है, और यह दिखाता है कि दीपिका अपनी व्यक्तिगत जीवनशैली को भी महत्व देती हैं।

दीपिका पादुकोण के लिए आगे क्या है?

अगर हम दीपिका पादुकोण के भविष्य पर नज़र डालें, तो उनकी स्पिरिट और कल्कि 2 जैसी प्रमुख फिल्मों से बाहर होने का मतलब यह नहीं है कि उनका करियर खत्म हो गया है। उनके लिए यह शायद एक अस्थायी ब्रेक है, ताकि वह अपने पारिवारिक जीवन और व्यक्तिगत विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

दीपिका के पास पहले से ही एक शानदार करियर है, जिसमें पद्मावत, छपाक, पीकू जैसी फिल्में शामिल हैं। उनका अभिनय हमेशा सराहा गया है और उन्होंने एक बड़ी फैन फॉलोइंग बनाई है। यह भी संभावना है कि वह अब ऐसी फिल्मों को चुनेंगी जो उनके परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाने की अनुमति देती हों। इसके अलावा, वह निर्माण में भी शामिल हो सकती हैं, जहां वह उन प्रोजेक्ट्स को चुन सकती हैं जो उनके समय और मूल्यों के अनुरूप हों।

बॉलीवुड में महिलाओं के करियर और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन की आवश्यकता

दीपिका पादुकोण की कहानी उस चुनौती को उजागर करती है जिसका सामना बॉलीवुड की महिलाओं को अपने करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखने में करना पड़ता है। बॉलीवुड में अक्सर महिलाओं को ऐसा दबाव होता है कि उन्हें व्यावसायिक सफलता और व्यक्तिगत जीवन में से एक को चुनना पड़ता है। दीपिका का निर्णय यह दिखाता है कि महिलाएं अब परिवार और करियर दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं।

दीपिका पादुकोण के लिए यह नया चरण हो सकता है, जिसमें वह अपने परिवार को प्राथमिकता देती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनका करियर खत्म हो गया है। उनकी फिल्मों से बाहर होने के बावजूद, यह उनका व्यावसायिक रास्ता बदलने का तरीका हो सकता है, क्योंकि वह खुद को एक महिला और मां के रूप में नई दिशा में देख रही हैं। दीपिका का यह कदम अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हो सकता है, जो परिवार और करियर दोनों को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं।

उनका कदम दर्शाता है कि कभी-कभी व्यक्तिगत जीवन और काम के बीच एक समझौता करना जरूरी होता है। दीपिका का भविष्य बॉलीवुड में जरूर उज्जवल रहेगा, जहां वह अपनी नयी प्राथमिकताओं के साथ फिल्में चुनेंगी जो उनके जीवन के इस नए अध्याय से मेल खाती हों।

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