उत्तर प्रदेश (यूपी) नीट यूजी काउंसलिंग प्राधिकरण ने मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए संशोधित मेरिट लिस्ट जारी की है। दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद एक अभ्यर्थी के अंक बढ़ाए गए, जिसके कारण उसकी रैंक में महत्वपूर्ण बदलाव आया। इस बदलाव ने अन्य अभ्यर्थियों की रैंक भी प्रभावित की है।
अंक वृद्धि और रैंक में बदलाव
एक अभ्यर्थी के अंक 529 से बढ़ाकर 540 कर दिए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इस अभ्यर्थी की राज्य नीट यूजी रैंक में बड़ा सुधार हुआ। पहले की मेरिट लिस्ट में सत्यनिष्ठ नामक इस छात्र की राज्य रैंक 2507 थी, लेकिन रिवाइज्ड लिस्ट में यह रैंक सुधारकर 1598 हो गई। यह बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि इस अभ्यर्थी को परीक्षा में समय की कमी के कारण 11 अतिरिक्त ग्रेस अंक दिए गए थे। अंक बढ़ने से इस अभ्यर्थी की ऑल इंडिया रैंक भी 24986 से बढ़कर 17595.5 हो गई।
इस बदलाव ने अन्य उम्मीदवारों की रैंक को प्रभावित किया, और कई उम्मीदवारों की रैंक नीचे खिसक गई है।
रिजल्ट में देरी
6 अगस्त 2025 को यूपी नीट यूजी के पहले राउंड का परिणाम जारी होने वाला था, लेकिन मेरिट लिस्ट में बदलाव के कारण परिणाम में देरी हो गई है। अब अधिकारियों को सभी उम्मीदवारों की रैंक फिर से जांचनी पड़ रही है, जिसके चलते परिणाम घोषित करने में समय लग रहा है।
यूपी नीट यूजी मेरिट लिस्ट का संक्षिप्त विवरण
उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा राज्य मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS कोर्स में प्रवेश के लिए संशोधित मेरिट लिस्ट जारी की गई है। महेश कुमार ने 686 अंक के साथ अपनी स्थिति में कोई बदलाव नहीं होने दिया और वह अब भी टॉप पर हैं। महेश कुमार की ऑल इंडिया रैंक 1 है। इसके बाद दूसरे स्थान पर प्रनील मुनीश हैं, जिनके 634 अंक और ऑल इंडिया रैंक 186 है। तीसरे स्थान पर यश चौधरी हैं, जिनके पास 631 अंक हैं और उनकी रैंक 227 है। इन शीर्ष तीन रैंक में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन अन्य उम्मीदवारों की रैंक में बदलाव आया है।
शामिल अभ्यर्थियों की संख्या
यूपी नीट यूजी मेरिट लिस्ट में कुल 30,699 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है। यह वे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने यूपी के सरकारी और निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में MBBS और BDS कोर्स में प्रवेश के लिए काउंसलिंग के पहले राउंड में पंजीकरण कराया था। इस लिस्ट को उनके नीट यूजी स्कोर के आधार पर तैयार किया गया है।
सीटों की संख्या
उत्तर प्रदेश में MBBS और BDS के कुल 13,244 सीटें उपलब्ध हैं। इसमें से 11,043 सीटें MBBS के लिए और 2,201 सीटें BDS के लिए हैं। यूपी नीट यूजी काउंसलिंग के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी डेंटल कॉलेजों, निजी मेडिकल कॉलेजों और निजी डेंटल कॉलेजों में सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। सीटों का वितरण इस प्रकार है:
-
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में: 4,443 सीटें
-
सरकारी डेंटल कॉलेजों में: 51 सीटें
-
निजी मेडिकल कॉलेजों में: 6,600 सीटें
-
निजी डेंटल कॉलेजों में: 2,150 सीटें
NEET UG काउंसलिंग प्रक्रिया
यूपी नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया चार राउंड में की जाएगी: पहला, दूसरा, तीसरा और स्ट्रे वैकेंसी राउंड। जो अभ्यर्थी सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की सीटों के लिए काउंसलिंग में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें 2 लाख रुपये की सिक्योरिटी जमा करनी होगी। यह सिक्योरिटी फीस ट्यूशन फीस में समायोजित नहीं की जाएगी। यदि अभ्यर्थी सिक्योरिटी फीस नहीं जमा करते हैं, तो वे अपनी पसंद भरने की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे।
नीट यूजी काउंसलिंग के माध्यम से अभ्यर्थी अपने पसंदीदा मेडिकल और डेंटल कोर्स में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट और काउंसलिंग प्रक्रिया से संबंधित सभी नवीनतम जानकारी के बारे में अपडेट रहें ताकि उनका प्रवेश सुगमता से हो सके।
यूपी नीट यूजी की संशोधित मेरिट लिस्ट में कई उम्मीदवारों की रैंक और अंक में बदलाव आया है। एक अभ्यर्थी के अंक बढ़ने से उसकी रैंक में सुधार हुआ, लेकिन अन्य उम्मीदवारों की रैंक में गिरावट आई है। यह बदलाव यूपी नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है, जिससे परिणाम में देरी हो रही है। अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान किसी भी परिवर्तन के लिए तैयार रहना चाहिए और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।
Read this article in
KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
