Home Bihar बिहार शिक्षक Eligibility New Rule: अध्यापक बनने के लिए अब ज़रूरी होगा...

बिहार शिक्षक Eligibility New Rule: अध्यापक बनने के लिए अब ज़रूरी होगा ITEP Course

शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए सरकार ने नया नियम लागू कर दिया है। New Education Policy 2020 के बाद नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने Bihar Teacher Eligibility New Rule जारी किया है। इसके तहत अब अध्यापक बनने के लिए पारंपरिक B.Ed Degree मान्य नहीं होगी।

ITEP Course क्या है?

नए नियम के अनुसार अब शिक्षक बनने के लिए ITEP Course यानी Integrated Teacher Education Programme करना अनिवार्य होगा। यह चार वर्षीय अंडरग्रैजुएट कोर्स होगा जिसे छात्र सीधे 12वीं पास करने के बाद कर सकेंगे। इस कार्यक्रम की पहली बैच साल 2027 से शुरू होगी।

सरकार का मानना है कि यह कोर्स अध्यापक प्रशिक्षण को और मजबूत करेगा क्योंकि इसमें विषय ज्ञान और शिक्षण कला (pedagogy) दोनों को एक साथ जोड़ा गया है।

B.Ed Degree अब मान्य नहीं

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि B.Ed की डिग्री अब शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य नहीं होगी। केवल वही छात्र अध्यापक बन पाएंगे जिन्होंने ITEP Course पूरा किया होगा। यह बदलाव शिक्षक बनने की राह को पहले से कहीं अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण बना देगा।

प्राइवेट स्कूलों में भी लागू होंगे नियम

नए नियम केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हैं। अब अगर कोई उम्मीदवार Private Schools में भी शिक्षक बनना चाहता है तो उसके पास D.El.Ed (Diploma in Elementary Education) होना ज़रूरी होगा। इसके साथ ही Teacher Eligibility Test (TET) पास करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।

इन योग्यताओं के बिना किसी भी निजी संस्थान में नौकरी मिलना नामुमकिन होगा।

National Education Policy 2020 का हिस्सा

यह 4 वर्षीय ITEP Course सीधे New Education Policy 2020 से जुड़ा है। इसमें एडमिशन National Common Entrance Test के जरिए होगा जिसे National Testing Agency (NTA) आयोजित करेगी। 2023-24 से इस कोर्स की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुई है और आने वाले वर्षों में इसे देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लागू किया जाएगा।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करेगा और Teacher Training in India की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल गंभीर और समर्पित छात्र ही शिक्षक बनने की राह चुनेंगे।

पहले जहां B.Ed को आसान विकल्प माना जाता था, वहीं अब यह पेशा और सम्मानजनक तथा प्रोफेशनल बनेगा।

छात्रों की चिंता

नए नियम के बाद छात्रों के बीच हलचल है। कई छात्र जो B.Ed के जरिए अध्यापक बनने का सपना देख रहे थे, अब असमंजस में हैं। उनका मानना है कि 4 वर्षीय ITEP Course समय और आर्थिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होगा।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय में यह बदलाव छात्रों और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

सरकार का दावा

सरकार का कहना है कि यह बदलाव Quality Education सुनिश्चित करने और Teaching Profession को सम्मानजनक बनाने के लिए किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से भारत की शिक्षा प्रणाली वैश्विक मानकों के करीब पहुंचेगी और भारतीय शिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी बनेंगे।

Bihar Teacher Eligibility New Rule भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लेकर आया है। अब B.Ed Degree के बजाय ITEP Course ही शिक्षक बनने का मान्य रास्ता होगा।

यह बदलाव भले ही छात्रों के लिए कठिनाई लेकर आए, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता और अध्यापक पेशे की गरिमा बढ़ाने के लिए इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह नीति देश की शिक्षा व्यवस्था की दिशा और दशा बदल सकती है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version