बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सोमवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एसटीईटी 2025 का परीक्षाफल जारी कर दिया। रिजल्ट जारी होते ही राज्य के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। इसके साथ ही बीपीएससी टीआरई 4.0 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का रास्ता भी पूरी तरह साफ हो गया है। एसटीईटी में सफल घोषित अभ्यर्थी अब आगामी शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
2.56 लाख से अधिक अभ्यर्थी हुए सफल
एसटीईटी 2025 में कुल 2,56,301 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। इनमें 1,04,167 महिला और 1,52,134 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं। परीक्षा में महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी काफी बड़ी संख्या में दर्ज की गई। शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच इस परीक्षा को लेकर इस बार भी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
कुल 4.42 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
पेपर 1 और पेपर 2 को मिलाकर कुल 4,42,214 अभ्यर्थी एसटीईटी 2025 की परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें 1,78,407 महिला और 2,63,807 पुरुष अभ्यर्थी थे। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की संख्या से यह साफ है कि राज्य में सरकारी शिक्षक बनने की मांग लगातार बनी हुई है।
कुल उत्तीर्णता प्रतिशत रहा 57.96
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने रिजल्ट जारी करते हुए बताया कि इस वर्ष एसटीईटी का कुल उत्तीर्णता प्रतिशत 57.96 प्रतिशत रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। अभ्यर्थी अपना रिजल्ट समिति की आधिकारिक वेबसाइट bsebstet.org पर जाकर देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
सीबीटी मोड में हुई थी परीक्षा
एसटीईटी 2025 की परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी सीबीटी मोड में आयोजित की गई थी। परीक्षा 14 अक्तूबर से 16 नवंबर 2025 के बीच कराई गई। इस दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के बीच परीक्षा संपन्न हुई।
कटऑफ अंक श्रेणीवार तय
एसटीईटी 2025 में पास होने के लिए अलग-अलग वर्गों के लिए न्यूनतम कटऑफ निर्धारित किया गया था। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य रखे गए थे। पिछड़ा वर्ग के लिए 45.5 प्रतिशत और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 42.5 प्रतिशत कटऑफ तय किया गया था। वहीं महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए थे।
प्रश्नपत्र का पैटर्न रहा सरल
परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे। इनमें 100 प्रश्न विषयवस्तु से जुड़े थे, जबकि 50 प्रश्न शिक्षण कला और अन्य दक्षताओं पर आधारित थे। परीक्षा में गलत उत्तर देने पर किसी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग नहीं थी। इस कारण अभ्यर्थियों को सभी प्रश्न हल करने का अवसर मिला।
नौ जिलों में बने थे 23 परीक्षा केंद्र
एसटीईटी 2025 की परीक्षा पटना सहित राज्य के नौ जिलों में आयोजित की गई थी। इसके लिए कुल 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया गया था, जिससे अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
पेपर 1 में 1.54 लाख से अधिक सफल
पेपर 1, जो कक्षा 9 और 10 के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा थी, उसमें कुल 2,46,415 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें 1,07,229 महिला और 1,39,186 पुरुष अभ्यर्थी थे। इस पेपर में 1,54,145 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। पेपर 1 का कुल उत्तीर्णता प्रतिशत 62.56 रहा, जो पेपर 2 की तुलना में अधिक रहा।
इस पेपर के अंतर्गत कुल 16 विषयों की परीक्षा आयोजित की गई थी। अधिकांश विषयों में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा।
पेपर 2 में 1.02 लाख अभ्यर्थी हुए पास
पेपर 2, जो कक्षा 11 और 12 के लिए आयोजित किया गया था, उसमें कुल 1,95,799 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें 71,178 महिला और 1,24,621 पुरुष अभ्यर्थी थे। इस पेपर में 1,02,156 अभ्यर्थियों को सफलता मिली। पेपर 2 का कुल उत्तीर्णता प्रतिशत 52.17 दर्ज किया गया।
पेपर 2 के अंतर्गत कुल 29 विषयों की परीक्षा ली गई थी। उच्च कक्षाओं के विषय होने के कारण इस पेपर का स्तर अपेक्षाकृत कठिन माना गया।
बीपीएससी टीआरई 4.0 में बैठने के लिए पात्र
एसटीईटी 2025 में सफल घोषित सभी अभ्यर्थी अब बीपीएससी टीआरई 4.0 शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। यह भर्ती राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षक पदों को भरने के लिए आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड सुरक्षित रखे, क्योंकि आगे की प्रक्रिया में इसकी आवश्यकता होगी।
शिक्षक भर्ती को लेकर बढ़ी हलचल
एसटीईटी रिजल्ट जारी होने के बाद राज्य में शिक्षक भर्ती को लेकर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। आने वाले दिनों में बीपीएससी टीआरई 4.0 को लेकर अधिसूचना जारी होने की संभावना है।
बिहार एसटीईटी रिजल्ट 2025 का जारी होना शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता ने आगामी शिक्षक भर्ती को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज कर दी है। अब सभी की नजरें बीपीएससी टीआरई 4.0 की प्रक्रिया पर टिकी हैं, जो राज्य में शिक्षक नियुक्ति की दिशा तय करेगी।
