22 अक्टूबर 2025 को, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई, जो सोने के लिए लगातार तीसरे दिन और चांदी के लिए दूसरे दिन गिरावट दर्शाती है। यह गिरावट उस ऐतिहासिक रैली के बाद आई, जिसने इस सप्ताह के पहले सोने और चांदी को रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। निवेशकों द्वारा मुनाफा वसूली करने की वजह से इन दोनों बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट आई है।
भारत के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें
24 कैरेट सोने की दर:
22 अक्टूबर 2025, बुधवार को 24 कैरेट (शुद्ध) सोने की कीमत ₹1,27,200 से ₹1,28,084 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जो भारत के प्रमुख शहरों में सामान्य दर है। MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) दिसंबर सोने के फ्यूचर्स ₹1,28,000 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हो रहे थे, जो पिछले बंद मूल्य से ₹271 या 0.21% नीचे था।
यहां 24 कैरेट सोने की दरों का शहरवार विवरण दिया गया है:
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दिल्ली: ₹1,27,350
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मुंबई: ₹1,27,200
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चेन्नई: ₹1,27,200
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बैंगलोर: ₹1,27,200
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कोलकाता: ₹1,27,200
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अहमदाबाद: ₹1,27,250
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पुणे: ₹1,27,200
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हैदराबाद: ₹1,27,200
22 कैरेट सोने की दर:
22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,16,600 से ₹1,17,410 प्रति 10 ग्राम के बीच थी, जो आमतौर पर आभूषणों के लिए उपयोग में लाए जाते हैं।
यहां 22 कैरेट सोने की दरों का शहरवार विवरण दिया गया है:
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चेन्नई: ₹1,16,600 (महानगरों में सबसे अधिक)
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दिल्ली: ₹1,16,750
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मुंबई: ₹1,16,600
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बैंगलोर: ₹1,16,600
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कोलकाता: ₹1,16,600
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अहमदाबाद: ₹1,16,650
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पुणे: ₹1,16,600
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हैदराबाद: ₹1,16,600
भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें
22 अक्टूबर 2025 को चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई, और यह ₹1,63,900 प्रति किलोग्राम या ₹163.90 प्रति ग्राम के स्तर पर ट्रेड हो रही थी।
यहां चांदी की कीमतों का शहरवार विवरण दिया गया है:
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मुंबई: ₹1,63,900
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दिल्ली: ₹1,63,900
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कोलकाता: ₹1,63,900
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बैंगलोर: ₹1,63,900
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पुणे: ₹1,63,900
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अहमदाबाद: ₹1,63,900
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चेन्नई: ₹1,81,900
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हैदराबाद: ₹1,81,900
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केरल: ₹1,81,900
चांदी की कीमत में ₹100 प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है। MCX चांदी के फ्यूचर्स ₹1,50,000 प्रति किलोग्राम पर गिरे, जो ₹327 या 0.22% नीचे थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की प्रवृत्तियाँ
अंतरराष्ट्रीय बाजार में, 22 अक्टूबर को स्पॉट गोल्ड लगभग $4,109 से $4,115 प्रति औंस पर ट्रेड हो रहा था, जो 0.3% से 0.4% तक गिरा है। इस गिरावट के बाद 21 अक्टूबर को एक बड़ी 5.5% की गिरावट आई थी, जो अगस्त 2020 के बाद की सबसे बड़ी एकल-दिन गिरावट थी।
सोना सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को $4,381.21 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, लेकिन इसके बाद तेज़ सुधार हुआ। इस साल 2025 में सोने की कीमतों में लगभग 56-63% की वृद्धि हुई है, जो वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितताओं, केंद्रीय बैंकों की खरीद और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के कारण है।
स्पॉट चांदी 22 अक्टूबर को लगभग $48.29 से $48.93 प्रति औंस के बीच ट्रेड हो रही थी, जो पिछले सत्र में 5% की गिरावट के बाद थोड़ी रिकवरी कर रही थी। चांदी ने इस सप्ताह रिकॉर्ड ऊंचाई $54.47 प्रति औंस को छुआ था। वर्ष 2025 में चांदी की कीमतों में लगभग 44-78% की वृद्धि देखी गई है।
कीमतों में गिरावट के कारण
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मुनाफा वसूली: बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण निवेशकों द्वारा मुनाफा वसूली है। लगातार कुछ हफ्तों तक जारी रहे लाभ के बाद, व्यापारियों ने कम कीमतों पर खरीदी गई स्थितियों से लाभ को लॉक करना शुरू कर दिया है।
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यूएस-चीन व्यापार तनाव में कमी: अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार के संकेतों ने सुरक्षित संपत्तियों, जैसे सोने और चांदी की मांग को कम कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक निष्पक्ष व्यापार समझौते की उम्मीद जताई है।
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अमरीकी डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर का इंडेक्स 0.4% बढ़ा, जिससे सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने और चांदी जैसी डॉलर में कीमत वाली वस्तुओं पर दबाव बढ़ता है।
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अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा का इंतजार: निवेशक अब 24 अक्टूबर को जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट में 3.1% के सालाना मुद्रास्फीति आंकड़े दिखने की संभावना है, जो फेडरल रिजर्व की भविष्यवाणी के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
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दीवाली के बाद के बाजार के रुझान: भारत में, धनतेरस के दौरान सोने और चांदी के आभूषणों की बिक्री में 35-40% की बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि दीवाली के बाद मांग में कमी आएगी, जिससे घरेलू बाजार में कमजोरी आएगी।
बाजार का दृष्टिकोण
हालांकि हाल की गिरावट आई है, विशेषज्ञों का मानना है कि बहुमूल्य धातुओं के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक रहेगा। फेडरल रिजर्व से 28-29 अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कमी की उम्मीद जताई जा रही है। यदि ब्याज दरों में कमी आती है, तो गैर-उपजाऊ संपत्तियों जैसे सोने को रखने की अवसर लागत कम हो जाएगी, जिससे बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है।
HSBC ने अनुमान जताया है कि सोना 2026 के मध्य तक $5,000 प्रति औंस तक पहुंच सकता है, अगर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जारी रहती है। स्टोनएक्स के सीनियर विश्लेषक मैट सिम्पसन ने कहा कि यह गिरावट “सिर्फ एक तकनीकी समायोजन है, जो बाजार को $4,000 के ऊपर एक लंबे समय तक रहने के बाद एक सुधार की आवश्यकता थी,” और “गिरावट के बाद खरीदारों की उम्मीद की जा सकती है।”
भारत में 2025 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में लगभग 60% की वृद्धि हुई है, जो वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितताओं, व्यापारिक तनावों और आर्थिक कारकों के कारण है। चांदी की कीमतों में भी अक्टूबर 2025 में मजबूत वृद्धि देखी गई है, जिसमें 1 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक ₹1,51,000 प्रति किलोग्राम से ₹1,63,900 तक की बढ़ोतरी हुई है।
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