बिहार की राजधानी पटना से दर्दनाक Bihar News सामने आई है। दीघा थाना क्षेत्र के Patna Marine Drive घाट पर रविवार सुबह गंगाजल लेने पहुंचे दो युवक गहराई में डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग दहशत में आ गए।
पहचान हुई दोनों युवकों की
जानकारी के अनुसार, दोनों युवक पटना के गर्दनीबाग दमडिया रोड नंबर 20 के निवासी थे। मृतकों की पहचान बंटी कुमार (31 वर्ष) और सुमित कुमार (30 वर्ष) के रूप में हुई है।
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सुमित कुमार LNT भागलपुर में नौकरी करते थे।
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वह नवरात्र के मौके पर छुट्टी लेकर घर लौटे थे।
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बंटी और सुमित दोनों रविवार सुबह Navratri की तैयारी के लिए Ganga Jal लेने घाट पर पहुंचे थे।
अब तक नहीं मिला शव
परिजनों का कहना है कि घटना को दो घंटे से अधिक समय बीत चुका है लेकिन सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं हुआ। पुलिस को जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक युवकों का शव बरामद नहीं हो सका है। इससे परिवार में नाराजगी और गुस्सा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि दीघा घाट पर किसी तरह की बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। यही वजह रही कि दोनों युवक गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके और हादसे का शिकार हो गए।
लोगों का कहना है कि यहां हमेशा से सुरक्षा व्यवस्था की कमी रही है और त्योहारों के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
परिजनों का आक्रोश
मृतकों के परिजन मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद समय पर बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया। Dial 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची लेकिन उनका ध्यान केवल भीड़ को नियंत्रित करने पर रहा।
श्रद्धा बनी हादसे की वजह
दोनों युवक नवरात्रि की कलश स्थापना के लिए गंगाजल लेने घाट पर पहुंचे थे। श्रद्धा और आस्था से जुड़ा यह कदम ही उनके लिए हादसे का कारण बन गया। परिवार और आसपास के लोग सदमे में हैं कि धार्मिक तैयारी इस तरह की त्रासदी में बदल गई।
स्थानीय लोगों की मांग
लोगों ने प्रशासन से घाटों पर स्थायी सुरक्षा इंतज़ाम की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल इस तरह की घटनाएं होती हैं लेकिन सुधार के नाम पर केवल आश्वासन मिलता है।
पटना के Patna Marine Drive घाट पर बंटी कुमार और सुमित कुमार की डूबने से मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धा और परंपरा को निभाने के लिए पहुंचे युवक सुरक्षा इंतज़ाम की कमी के कारण अपनी जान गंवा बैठे।
यह हादसा प्रशासन की लापरवाही और घाटों की असुरक्षित स्थिति को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि क्या इस घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम उठाते हैं या नहीं।
