बाजार समिति परिसर में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद सभी महिलाएं चाह रही थीं कि मुख्यमंत्री उनके स्टॉल तक पहुंचें। हालांकि समय की सीमा के कारण मुख्यमंत्री सभी स्टॉल पर नहीं जा सके, लेकिन उन्होंने महिलाओं द्वारा संचालित स्टॉल पर सबसे अधिक समय बिताया। यह कार्यक्रम महिलाओं के लिए उत्साह और आत्मविश्वास का केंद्र बन गया।
मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने महिलाओं से सीधे संवाद किया और उनके कामकाज की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि उनका काम ठीक से चल रहा है या नहीं और किसी तरह की परेशानी तो नहीं है। इस पर महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि उनकी जिंदगी अब संवर चुकी है। महिलाओं ने बताया कि livelihood से जुड़े अवसरों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।
महिलाओं ने साझा की अपनी प्रगति और अनुभव
कार्यक्रम में मौजूद हर महिला चाहती थी कि मुख्यमंत्री एक बार उनके स्टॉल पर जरूर आएं। मुख्यमंत्री ने सतत जीविकोपार्जन, कृषि, मसाला और अन्य livelihood से जुड़े स्टॉल का निरीक्षण किया। सतत जीविकोपार्जन स्टॉल पर पहुंचते ही महिलाओं ने उनका स्वागत किया।
रेणु देवी सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि वे अब अलग-अलग रोजगार से जुड़कर न केवल जिले में बल्कि बाहर भी अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले उनके पास सीमित साधन थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। महिलाओं ने अपनी प्रगति का श्रेय सरकारी योजनाओं और निरंतर support को दिया।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि confidence के साथ काम करने से और बेहतर परिणाम मिलेंगे। मुख्यमंत्री का यह संवाद महिलाओं के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ।
मत्स्य पालन और अन्य स्टॉल पर भी पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा संचालित मत्स्य पालन से जुड़े स्टॉल का भी निरीक्षण किया। महिलाओं ने बताया कि fishery से उन्हें स्थायी income मिल रही है। उन्होंने training और तकनीकी सहायता के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में कुल 14 स्टॉल लगाए गए थे, जिनमें लगभग 60 महिलाएं कार्य कर रही थीं। मुख्यमंत्री ने उत्पादों को देखा और उनके उत्पादन व बाजार तक पहुंच को लेकर सवाल पूछे। अधिकारियों ने भी भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। इस संवाद से महिलाओं का उत्साह और बढ़ा।
रंगोली के माध्यम से दिखी समृद्ध बिहार की झलक
मुख्यमंत्री के आगमन पर जीविका दीदियों ने रंगोली के माध्यम से बिहार की समृद्धि को दर्शाया। रंगोली में development, reservation और empowerment से जुड़ी योजनाओं की उपलब्धियों को उकेरा गया था। महिलाओं ने बताया कि यह रंगोली उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को दर्शाती है।
पवन देवी और कृष्णा देवी सहित अन्य महिलाओं ने कहा कि उन्हें रोजगार के विभिन्न क्षेत्रों में अवसर मिले हैं। इन अवसरों ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। कार्यक्रम में सात हजार से अधिक महिलाएं पंडाल में मौजूद थीं, जो महिला भागीदारी को दर्शाता है।
समृद्धि यात्रा के तहत 853 करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा
समृद्धि यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री ने जिले के लिए 853 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी। बाजार समिति परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 172 infrastructure से जुड़ी योजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन, शिलान्यास और कार्यारंभ किया गया।
इनमें 212 करोड़ रुपये की 47 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। 194 करोड़ रुपये की 89 योजनाओं का शिलान्यास हुआ। वहीं 447 करोड़ रुपये की 36 योजनाओं का कार्यारंभ किया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य जिले में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है।
बाजार समिति के नवीनीकरण सहित कई भवनों का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने बाजार समिति के जीर्णोद्धार के दूसरे चरण का उद्घाटन किया। यह कार्य 70.99 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है। इससे व्यापारियों और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इसके साथ ही गृह विभाग से जुड़े नौ प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया गया। चार नक्सल थानों के भवनों का भी लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े भवनों का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान कई जनोपयोगी भवनों का उद्घाटन किया गया। पारू में 1.07 करोड़ रुपये की लागत से बने पशु चिकित्सालय का उद्घाटन किया गया। यह अस्पताल पशुपालकों के लिए लाभकारी होगा।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के नए भवनों का भी उद्घाटन किया गया। इनसे युवाओं के skill development को बढ़ावा मिलेगा। मड़वन के भटौना में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भवन का उद्घाटन किया गया, जो बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त करेगा।
छात्राओं के लिए हॉस्टल और पंचायत भवन शुरू
पताही स्थित नवराष्ट्र हाई स्कूल परिसर में 100 बेड का गर्ल्स हॉस्टल उद्घाटित किया गया। इसके अलावा एक अन्य स्थान पर भी 100 बेड का हॉस्टल शुरू किया गया। इन हॉस्टलों से छात्राओं की शिक्षा को निरंतरता मिलेगी।
पंचायत सरकार भवनों का भी उद्घाटन किया गया। इन भवनों से स्थानीय governance और service delivery को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास पर जोर
यह कार्यक्रम महिला empowerment और inclusive development का प्रतीक बना। मुख्यमंत्री का महिलाओं से सीधा संवाद नीति के प्रभाव को दर्शाता है। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट कर आभार जताया।
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ। महिलाएं आत्मविश्वास और नई ऊर्जा के साथ लौटीं। विकास और सशक्तिकरण इस आयोजन के प्रमुख संदेश रहे।
