बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सियासी जंग पूरे जोरों पर है। सभी पार्टियों ने प्रचार अभियान की कमान अपने शीर्ष नेताओं के हाथों में सौंप दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव आज बिहार में अलग-अलग जगहों पर जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं।
पीएम मोदी का बिहार दौरा: कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि और जनसभा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने बिहार दौरे की शुरुआत समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम से की। यहां उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, जो कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं, भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के परिजनों से मुलाकात की और बिहार के विकास पर चर्चा की। श्रद्धांजलि देने के बाद मोदी समस्तीपुर में BJP की बड़ी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे, जहां भारी भीड़ उमड़ी। इसके बाद वे बेगूसराय में दूसरी रैली करेंगे।
बिहार आने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर को नमन किया और बिहार के लोगों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता का जोश इस बात का संकेत है कि इस बार भी BJP-NDA को प्रचंड जनसमर्थन मिलने वाला है।
छठ पर्व का ज़िक्र और सांस्कृतिक अपील
अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के महापर्व Chhath Puja का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि छठ पर्व न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे भारत की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे छठ मइया के पारंपरिक गीत साझा करें ताकि इस पर्व की भव्यता और भी बढ़े।
मोदी ने कहा कि वे आने वाले कुछ दिनों में इन गीतों को देशवासियों के साथ साझा करेंगे। उन्होंने बिहार की संस्कृति को भारत की आत्मा बताया और कहा कि विकास के साथ संस्कृति का संतुलन ही सच्ची प्रगति है।
अमित शाह का प्रचार अभियान: बक्सर और सीवान में जनसभाएं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज बिहार के चुनावी दौरे पर हैं। वे बक्सर और सीवान में NDA Rallies को संबोधित करेंगे। शाह आज पटना में रात्रि विश्राम करेंगे और कल राज्य के तीन अन्य जिलों में रैलियां करेंगे।
भाजपा सूत्रों के अनुसार अमित शाह की बिहार यात्रा का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय करना है। उनके भाषणों का केंद्र बिंदु राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और मोदी सरकार की उपलब्धियाँ हैं।
जेपी नड्डा का बिहार दौरा और प्रबुद्धजन सम्मेलन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बिहार दौरे पर हैं। वे आज हाजीपुर में होने वाले Prabuddhajan Sammelan में हिस्सा लेंगे। इससे पहले वे राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक करेंगे।
नड्डा का ध्यान शहरी मतदाताओं को जोड़ने और NDA के अंदर समन्वय को मजबूत करने पर है। पार्टी सूत्रों के अनुसार नड्डा राज्य में भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच सीट-बंटवारे और अभियान रणनीति को लेकर भी समीक्षा करेंगे।
विपक्ष का पलटवार: तेजस्वी यादव ने शुरू किया बड़ा प्रचार अभियान
वहीं दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन Mahagathbandhan ने भी आज से अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना, वैशाली, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर जिलों में रैलियों का आयोजन किया है।
तेजस्वी के साथ वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के नेता आईपी गुप्ता भी मौजूद हैं। तेजस्वी यादव ने हेलीकॉप्टर से प्रचार अभियान शुरू करते हुए सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा की और लिखा, “उत्साह, उमंग और विश्वास के साथ मंजिल की ओर बढ़ते कदम।”
उनके भाषणों का मुख्य फोकस बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर रहेगा। तेजस्वी की टीम आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिलों में जनसभाएं करेगी ताकि युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं को जोड़ सके।
तेजस्वी यादव का बयान: “अगर मैं सीएम बना तो लोग होंगे ‘चिंता मुक्त’”
तेजस्वी यादव ने आज सुबह पटना स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि “तेजस्वी टूटी-फूटी बातें नहीं करता। जो कहता है, वो करता है। अगर तेजस्वी सीएम बना तो बिहार के लोग भी CM यानी Chinta Mukt बन जाएंगे।”
उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर तेजी से जगह बना ली। राजद समर्थक #ChintaMuktBihar के हैशटैग के साथ इसे वायरल कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी का यह बयान युवा वर्ग और आम मतदाता से भावनात्मक जुड़ाव का प्रयास है।
मुकेश सहनी का BJP पर हमला
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने आज पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में भाजपा पर निशाना साधा। भाजपा द्वारा महागठबंधन पर अल्पसंख्यक वर्ग से डिप्टी सीएम उम्मीदवार न देने के सवाल पर सहनी ने कहा कि “BJP को मुसलमानों की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमें उनकी चिंता है। भाजपा को अपने नेता शाहनवाज हुसैन की चिंता करनी चाहिए।”
उनका यह बयान BJP की आलोचना का जवाब माना जा रहा है। सहनी ने स्पष्ट किया कि Mahagathbandhan हर वर्ग के लोगों का गठबंधन है और किसी समुदाय की उपेक्षा नहीं की जाएगी।
दीपांकर भट्टाचार्य ने आरा से किया प्रचार अभियान की शुरुआत
सीपीआई (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी आज आरा से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की। वे किसानों, मजदूरों और आम वर्ग के मुद्दों पर अपनी रैलियों में फोकस करेंगे।
उनकी पार्टी Mahagathbandhan का हिस्सा है और उसका लक्ष्य जमीनी स्तर पर सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता के संदेश को मजबूत करना है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीपीआई (माले) की मौजूदगी कई सीटों पर महागठबंधन को फायदा पहुंचा सकती है।
बिहार में बढ़ी राजनीतिक हलचल
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना, सीवान, बक्सर, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर इस बार चुनावी रणभूमि बने हुए हैं।
जहां NDA विकास, कानून व्यवस्था और केंद्र की योजनाओं को अपनी ताकत बना रहा है, वहीं Mahagathbandhan बेरोजगारी, महंगाई और किसान मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है।
जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ दोनों गठबंधनों के लिए संकेत दे रही है कि जनता इस बार मुद्दों पर ध्यान दे रही है। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के प्रचार अभियान पूरी ताकत से चल रहे हैं।
कर्पूरी ठाकुर की विरासत और बिहार की राजनीति
जननायक कर्पूरी ठाकुर बिहार की राजनीति में आज भी प्रेरणा स्रोत माने जाते हैं। उनकी नीतियां सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण पर आधारित थीं।
प्रधानमंत्री मोदी का कर्पूरी ग्राम दौरा न केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम है। यह NDA का उस वर्ग तक संदेश है जो कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा से गहराई से जुड़ा हुआ है।
आगे की राह: बिहार में होगा कड़ा मुकाबला
जैसे-जैसे प्रचार अभियान तेज हो रहा है, बिहार एक बार फिर देश की सियासत का केंद्र बन गया है। दोनों गठबंधन अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
NDA मोदी के नेतृत्व, नीतीश कुमार के शासन मॉडल और अमित शाह की रणनीति पर भरोसा जता रहा है। वहीं Mahagathbandhan तेजस्वी यादव की युवा छवि, मुकेश सहनी की पिछड़े वर्ग में पकड़ और दीपांकर भट्टाचार्य के वामपंथी समर्थन पर आश्वस्त है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बार चुनाव में जातीय समीकरणों के साथ-साथ युवा मतदाताओं और स्थानीय विकास के वादे निर्णायक भूमिका निभाएंगे। चुनाव आयोग जल्द ही मतदान तिथियों और चरणबद्ध कार्यक्रम की घोषणा करेगा।
Bihar Elections 2025 केवल एक राज्यीय लड़ाई नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने वाला चुनाव भी है। भाजपा के लिए यह जीत उसके राष्ट्रीय एजेंडे को मजबूत करेगी, जबकि Mahagathbandhan के लिए यह मौका है विपक्षी एकता को फिर से स्थापित करने का।
प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और दीपांकर भट्टाचार्य सभी नेताओं की सक्रियता से बिहार की सियासी तस्वीर पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुकी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसके वादों पर भरोसा जताती है।
