बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर सियासी माहौल और भी गर्मा गया है। आज चुनाव प्रचार के दूसरे चरण का आखिरी दिन है और इसी बीच महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने पटना एयरपोर्ट पर एक बड़ा बयान दिया है। इस बयान में उन्होंने बिहार में बदलते माहौल और जनता के रुझान पर अपनी बात रखी। साथ ही, आज उनके जन्मदिन के मौके पर भी चुनावी सभा में शिरकत करने के लिए वह पूरी तरह से सक्रिय हैं।
चुनावी प्रचार का आखिरी दिन, तेजस्वी का आत्मविश्वास
तेजस्वी यादव ने एयरपोर्ट से चुनावी रैली के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है और इस बार माहौल बहुत अच्छा है। बिहार की जनता ने इस बार बदलाव का मन बना लिया है और वे अपने वोट से इसे साकार करने जा रहे हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि 11 नवंबर को भी जनता अपने वोट से बदलाव की मुहिम को और मजबूत करेगी।
उनका कहना था कि महागठबंधन की सरकार के लिए बिहार में समर्थन बढ़ रहा है और जनता ने इस बार बदलाव के लिए ठान लिया है। उन्होंने ये भी कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार का विकास और नई दिशा तय होगी, जिससे राज्य में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार होगा।
प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर हमला
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी या केंद्र के मंत्री इस समय 65% आरक्षण की बात नहीं कर रहे हैं, जो कि बिहार सरकार ने पिछले 17 महीनों में बढ़ाया था। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने आरक्षण पर चुप्पी साध रखी है और इसके बजाय वे अपने राज्य गुजरात की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा, रोजगार और सिंचाई की समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं हो रही है, जबकि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
तेजस्वी ने गुजरात के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा, “गुजरात में फैक्ट्रियां बनने की बातें होती हैं, लेकिन बिहार में कट्टा और अपराध की चर्चा होती है।” उन्होंने सरकार से हिसाब मांगा और कहा कि यदि सरकार इतनी दावा करती है तो उसे यह बताना चाहिए कि बिहार को क्या दिया और गुजरात को क्या दिया।
ईवीएम पर चिंता और चुनावी गड़बड़ी की आशंका
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को लगातार ऐसे वीडियो मिल रहे हैं, जिनमें ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की संभावना जताई जा रही है। तेजस्वी ने चुनाव आयोग से इन घटनाओं पर स्पष्ट जवाब मांगा और कहा कि कई जगहों से पर्चियां और वी वी पैट बाहर कैसे आईं। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग्स गायब होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
तेजस्वी ने इन मुद्दों पर चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि वह वोट चोरी की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अपनी वोट की ताकत का सही इस्तेमाल करें और किसी भी तरह की गड़बड़ी को न होने दें।
भाजपा पर संजय यादव का निशाना
तेजस्वी यादव के करीबी और राज्यसभा सांसद संजय यादव ने भी भाजपा पर तगड़ा हमला किया। संजय यादव ने दावा किया कि भाजपा इस चुनाव में एकतरफा हार रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। संजय ने कहा कि मोदी अब केवल कट्टा की बातें कर रहे हैं, जबकि उन्हें यह बताना चाहिए कि केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में बिहार के लिए क्या किया।
संजय यादव ने मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि अगर भाजपा बिहार के विकास के लिए गंभीर है, तो उसे इसे लेकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी को चाहिए कि वे इस समय बिहार के मुद्दों पर बात करें और अपनी सरकार के कार्यों का हिसाब दें।
बिहार में बदलाव की हवा
तेजस्वी यादव का यह बयान इस बात का संकेत है कि वह और उनका महागठबंधन बिहार के चुनावी मुकाबले को लेकर पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। बिहार में लगातार विकास की बात करने वाले तेजस्वी ने राज्य की जनता से भरोसा जताया है कि उनकी सरकार आने के बाद बिहार में एक नई दिशा मिलेगी।
उनकी पार्टी ने बिहार के अंदर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है, जिनका मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास को गति देना है। तेजस्वी का मानना है कि बिहार को अपनी पहचान फिर से बनानी होगी और इसके लिए एक सशक्त और विकास-oriented सरकार की जरूरत है।
आगामी चुनाव का परिप्रेक्ष्य
बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन और भाजपा के बीच मुकाबला तीव्र होने की संभावना है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन ने विकास और रोजगार को प्रमुख मुद्दा बनाया है, जबकि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से गुजरात मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है और चुनावी मैदान में जनता की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
तेजस्वी के द्वारा उठाए गए मुद्दों से यह स्पष्ट है कि चुनाव में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। जनता की अपेक्षाएं अब केंद्र और राज्य सरकारों से हैं, और वे चाहते हैं कि उनके मुद्दों का समाधान जल्द से जल्द हो।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के अंतिम चरण में राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी की ओर से जोरदार अपील की है, जिसमें उन्होंने बदलाव और विकास का वादा किया है। आगामी चुनाव बिहार के लिए एक नया अध्याय लेकर आएगा, जहां जनता के फैसले से राज्य का भविष्य तय होगा। तेजस्वी और महागठबंधन के लिए यह चुनाव एक अवसर है, जबकि भाजपा और उसके नेता प्रधानमंत्री मोदी को भी इस चुनाव में अपनी नीतियों का हिसाब देना होगा।
बिहार का चुनावी सफर अब अपने अंतिम चरण में है, और दोनों प्रमुख दल अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार हैं। अब यह देखना बाकी है कि बिहार के लोग किसे अपनी पसंदीदा सरकार के रूप में चुनते हैं और राज्य के भविष्य की दिशा क्या होती है।
Read this article in
KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।
Share this:
- Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
- Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook
- Click to share on X (Opens in new window) X
- Click to share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
- Click to share on Threads (Opens in new window) Threads
- Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram
