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बिहार सरकार की कौशल विकास योजना : रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अवसर

बिहार सरकार लगातार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। सरकार का मानना है कि यदि युवाओं को सही दिशा और आधुनिक तकनीकी शिक्षा दी जाए, तो वे न केवल अपनी बेरोजगारी की समस्या का समाधान कर सकते हैं, बल्कि राज्य और देश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यही वजह है कि बिहार सरकार ने रोजगार से जुड़ी नई योजनाओं को लागू किया है, ताकि युवा अपने कौशल को निखारकर आत्मनिर्भर बन सकें।

बिहार सरकार की कौशल विकास योजना

इसी कड़ी में बिहार सरकार ने उद्योग विभाग के तहत और भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के सहयोग से एक नि:शुल्क रोजगारोन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 अक्टूबर 2025 से पटना स्थित टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (टीआरटीसी) में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं को रोजगार की दिशा में प्रशिक्षित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है।

नि:शुल्क और आवासीय प्रशिक्षण का लाभ

यह प्रशिक्षण पूरी तरह से नि:शुल्क और आवासीय होगा, जिसका मतलब है कि अभ्यर्थियों को रहने और खाने की पूरी सुविधा संस्थान द्वारा दी जाएगी। प्रशिक्षण की अवधि तीन महीने होगी, और चयनित उम्मीदवारों को प्रतिदिन आठ घंटे की नियमित कक्षाएं दी जाएंगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आधुनिक तकनीक और प्रायोगिक शिक्षा के आधार पर चलाया जाएगा, ताकि छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो सके।

कार्यक्रम के दौरान चयनित अभ्यर्थियों से 1000 रुपये का कॉशन मनी लिया जाएगा, जो प्रशिक्षण के समाप्त होने के बाद वापस कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्यक्रम में पारदर्शिता बनी रहे और उम्मीदवारों को यह समझ में आए कि उन्हें एक गंभीर और सशक्त प्रशिक्षण मिल रहा है। साथ ही, यह राशि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए एक अतिरिक्त बोझ नहीं बने, इसके लिए प्रशिक्षण के दौरान सभी सुविधाएं संस्थान द्वारा दी जाएंगी।

कौशल विकास के लिए उपलब्ध कोर्स

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत युवाओं को विभिन्न रोजगारोन्मुखी तकनीकी कोर्स प्रदान किए जाएंगे। ये कोर्स उन्हें आधुनिक उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों में काम करने के लिए सक्षम बनाएंगे। इसमें प्रमुख कोर्स शामिल हैं:

  • सर्टिफिकेट कोर्स इन सीएनसी लेथ

  • सर्टिफिकेट कोर्स ऑन सीएनसी मिलिंग

  • सर्टिफिकेट कोर्स इन टूल एंड डाई मेकिंग

  • एसी और फ्रिज रिपेयरिंग कोर्स

सीएनसी लेथ और सीएनसी मिलिंग जैसे कोर्स आज के औद्योगिक परिदृश्य में बेहद मांग में हैं। वहीं, टूल और डाई मेकिंग कोर्स भी औद्योगिक निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कौशल है। इसके अलावा, एसी और फ्रिज रिपेयरिंग का कोर्स युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करेगा, क्योंकि घरेलू उपकरणों की मरम्मत एक स्थिर रोजगार देने वाला क्षेत्र है।

पात्रता और आयु सीमा

इन कोर्सों में प्रवेश के लिए कुछ शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। कोर्स संख्या 1 से 3 के लिए अभ्यर्थी का बारहवीं, आईटीआई या डिप्लोमा पास होना आवश्यक है। वहीं, एसी और फ्रिज रिपेयरिंग कोर्स के लिए अभ्यर्थी का बारहवीं या आईटीआई (इलेक्ट्रीशियन ट्रेड) पास होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों की आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष रखी गई है। यह आयु सीमा यह सुनिश्चित करती है कि न केवल युवा बल्कि वे लोग भी इस कार्यक्रम का लाभ उठा सकते हैं, जिन्होंने किसी कारणवश अब तक नौकरी या कौशल आधारित शिक्षा प्राप्त नहीं की है।

कार्यक्रम का उद्देश्य

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं को उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों का लाभ उठा सकें। प्रशिक्षण के बाद, उम्मीदवार निजी उद्योगों में नौकरी पा सकते हैं, सरकारी योजनाओं से जुड़ सकते हैं, स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं या फिर स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत स्तर पर युवाओं को सक्षम बनाने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का भी उद्देश्य है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में, जहां केवल डिग्री नहीं बल्कि कौशल भी महत्वपूर्ण हो गया है, यह कार्यक्रम युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

बिहार सरकार की यह योजना उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है, जो अपने करियर को नई ऊँचाइयों तक ले जाना चाहते हैं। नि:शुल्क और आवासीय प्रशिक्षण से न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का भी विकास होगा। सरकार ने युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और कौशल विकास के जरिए अपने जीवन को और अपने करियर को सफल बनाएं।

बिहार सरकार की इस कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को न केवल तकनीकी शिक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। यह कार्यक्रम विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि उन्हें बिना किसी वित्तीय बोझ के उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इस पहल के माध्यम से सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। अब यह युवाओं पर निर्भर करेगा कि वे इस मौके का पूरा फायदा उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।

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