प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव प्रचार के दौरान मुजफ्फरपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीधे तौर पर RJD (राष्ट्रीय जनता दल) और कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने राज्य के पुराने हालात और ‘जंगलराज’ को याद करते हुए इन दोनों पार्टियों पर गंभीर आरोप लगाए। प्रधानमंत्री ने पांच शब्दों का इस्तेमाल किया जिनके मुताबिक, RJD और कांग्रेस के शासन की पहचान यही रही है: कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन, और करप्शन।
प्रधानमंत्री मोदी का RJD और कांग्रेस शासन पर कटाक्ष:
प्रधानमंत्री मोदी ने मुजफ्फरपुर की जनसभा में कहा कि बिहार में RJD और कांग्रेस की सरकार में पांच मुख्य काम हुए हैं, जिनका असर आज भी राज्य में महसूस किया जा रहा है। उन्होंने पांच शब्दों का उल्लेख किया: कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन। ये शब्द उनके अनुसार, ‘जंगलराज’ की पहचान बने हैं। मोदी ने कहा कि ये सिर्फ RJD के शासन की पहचान नहीं बल्कि उनके गठबंधन का भी हाल है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जहां कट्टा और क्रूरता का राज होता है, वहां कानून कमजोर हो जाता है। जहां कटुता और नफरत फैलाने वाली राजनीति होती है, वहां आपसी भाईचारे का कोई स्थान नहीं रहता। और जहां कुशासन और करप्शन होते हैं, वहां विकास की कोई उम्मीद नहीं रहती। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोग कभी बिहार का भला कर सकते हैं?
बिहार में विकास और औद्योगिकीकरण की आवश्यकता:
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की प्रगति के लिए औद्योगिकीकरण और उद्यमिता को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए जरूरी है कि राज्य में भूमि, बिजली, कनेक्टिविटी और सबसे महत्वपूर्ण, कानून का राज हो। उन्होंने इस पर जोर दिया कि जो लोग बिहार में जमीनों पर कब्जा करने का इतिहास रखते हैं, वे औद्योगिकीकरण के लिए जमीन कैसे दे सकते हैं? मोदी ने यह भी सवाल किया कि जो लोग बिहार को लालटेन युग में रखना चाहते थे, क्या वे बिहार को बिजली देने में सक्षम हैं?
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने भारतीय रेल को लूटा, क्या वे बिहार में कनेक्टिविटी सुधारने की कोशिश करेंगे? और जिन लोगों ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़े, क्या वे बिहार में कानून का राज स्थापित कर सकते हैं?
भाजपा और NDA की सरकार द्वारा किए गए कार्य:
प्रधानमंत्री ने बिहार में भाजपा और NDA के शासन में हुए सकारात्मक परिवर्तनों को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के तहत बिहार में रेलवे इंजन बनाए जा रहे हैं, बड़े डेयरी प्लांट स्थापित हो रहे हैं, और बिहार का मशहूर मखाना (फॉक्स नट) अब पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट हो रहा है।
इसके अलावा, उन्होंने फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, लेदर पार्क और आईटी पार्क जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब बिहार के युवाओं को पलायन करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। वे बिहार में ही रहकर अपना रोजगार पाएंगे और राज्य का नाम रोशन करेंगे।
RJD के चुनावी प्रचार पर प्रधानमंत्री का निशाना:
प्रधानमंत्री मोदी ने RJD और कांग्रेस के चुनाव प्रचार को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रचार में RJD और कांग्रेस ने जो नारे और गाने लगाए हैं, वे बेहद खतरनाक हैं। मोदी ने कहा, “आप देख रहे होंगे कि इनकी जनसभाओं में कौन से गाने बजाए जा रहे हैं। गाने में छूरा, कट्टा और दूनाली की बातें हो रही हैं। क्या ये जनता की मानसिकता को दर्शाते हैं? क्या ऐसा संदेश बिहार के लोगों को देना चाहिए?”
उन्होंने कहा कि RJD और कांग्रेस ने बिहार की बहन-बेटियों को उठाकर ले जाने की धमकियां दी हैं, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है। मोदी ने बिहार के युवाओं से पूछा कि क्या वे इस तरह की राजनीति को स्वीकार करेंगे? क्या ऐसे लोगों को बिहार की धरती से उखाड़ फेंका नहीं जाना चाहिए?
RJD के घोषणा पत्र पर प्रधानमंत्री मोदी का बयान:
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के अंत में RJD के चुनावी घोषणा पत्र पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “क्या हम इन जमानत पर निकले युवराजों को फिर से बिहार लूटने का मौका देंगे?” मोदी ने यह भी कहा कि सर्वे रिपोर्ट से साफ है कि इस चुनाव में RJD और कांग्रेस को अब तक की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ने वाला है।
उन्होंने यह भी बताया कि सर्वे में यह बात सामने आ रही है कि इस बार NDA को सबसे बड़ी जीत मिल रही है और RJD-कांग्रेस को सबसे कम सीटें मिलने वाली हैं। मोदी ने यह भी कहा कि इस हार के डर से RJD और कांग्रेस अब अपने घोषणा पत्र में झूठे वादे कर रहे हैं, जिन्हें उनके अपने समर्थक भी नहीं मान रहे हैं।
बिहार के लोगों की बुद्धिमत्ता का अपमान:
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर बिहार के युवा इन दोनों पार्टियों का मजाक उड़ा रहे हैं, क्योंकि उनकी घोषणाओं में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि RJD और कांग्रेस बिहार के लोगों की बुद्धिमत्ता को कम आंक रहे हैं, जो बहुत बड़ी गलती है। बिहार के लोग अब झूठ और धोखे को नहीं सहेंगे और इन पार्टियों को सही जवाब देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुजफ्फरपुर में दिया गया भाषण बिहार चुनाव के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। उन्होंने RJD और कांग्रेस की नीतियों की कठोर आलोचना करते हुए बिहार के विकास के लिए भाजपा और NDA की सरकार द्वारा किए गए कार्यों को उजागर किया। उनका संदेश स्पष्ट था: बिहार को अब विकास, शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ना है, न कि डर, भ्रष्टाचार और कुशासन के दौर में लौटना है।
अब यह बिहार के लोगों पर निर्भर करेगा कि वे किस प्रकार की सरकार चाहते हैं – एक जो विकास और कानून-व्यवस्था पर ध्यान देती है या फिर एक जो डर और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा देती है।
