बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की है कि अब Student Credit Card Scheme के तहत मिलने वाला शिक्षा ऋण पूरी तरह से interest-free loan होगा। इस फैसले से 12वीं कक्षा के बाद higher education हासिल करने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में चुनावी सौगात
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हाल के दिनों में लगातार नई घोषणाएँ कर रहे हैं। इस बार उनकी घोषणा सीधे तौर पर छात्रों को राहत देने वाली है। अब तक सामान्य वर्ग के छात्रों को इस योजना के तहत 4 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता था, जबकि महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर आवेदकों को केवल 1 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता था।
नए प्रावधान के बाद सभी श्रेणियों के छात्र-छात्राओं को यह ऋण बिना किसी ब्याज के मिलेगा। इसे चुनाव से पहले युवाओं और उनके अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
Student Credit Card Scheme की पृष्ठभूमि
यह योजना बिहार में 2 अक्टूबर 2016 को Saat Nischay Programme के तहत शुरू की गई थी। उद्देश्य था कि आर्थिक रूप से कमजोर तबके के छात्र भी higher education के सपने पूरे कर सकें। इस योजना के तहत 12वीं पास छात्र-छात्राओं को अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है।
अब interest-free loan का लाभ जुड़ने के बाद यह योजना और अधिक प्रभावी हो गई है। इससे उन छात्रों का मनोबल बढ़ेगा जो पैसों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में रोकने को मजबूर हो जाते थे।
नई शर्तें और Repayment Period में बदलाव
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नई शर्तों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब सभी को ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा और repayment period भी पहले से आसान कर दिया गया है।
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पहले 2 लाख रुपये तक के ऋण को 60 मासिक किस्तों यानी 5 वर्षों में लौटाना होता था।
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अब यह समय सीमा बढ़ाकर 84 महीने यानी 7 वर्ष कर दी गई है।
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वहीं, 2 लाख रुपये से अधिक के ऋण को 7 वर्षों में लौटाना होता था।
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इसे अब बढ़ाकर अधिकतम 120 महीने यानी 10 वर्ष कर दिया गया है।
यह बदलाव छात्रों को अधिक समय देगा ताकि वे नौकरी पाकर आराम से किस्त चुका सकें।
नीतीश कुमार का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि राज्य के अधिक से अधिक छात्र higher education हासिल करें। ब्याज मुक्त ऋण और लंबी अवधि में repayment की सुविधा से छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। वे उत्साह और लगन से पढ़ाई कर अपने भविष्य के साथ-साथ राज्य और देश का भविष्य भी संवारेंगे।”
छात्रों और परिवारों पर असर
बिहार में शिक्षा की सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक कमी रही है। कई बार छात्र फीस और अन्य खर्च वहन न कर पाने की वजह से पढ़ाई छोड़ देते हैं। इस फैसले से अब हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। अभिभावक भी संतुष्ट हैं कि उनके बच्चों की पढ़ाई बिना आर्थिक बोझ के आगे बढ़ सकेगी।
राजनीतिक महत्व
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह ऐलान चुनाव से पहले एक रणनीतिक कदम है। युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले छात्रों के लिए यह योजना सीधा आकर्षण है। शिक्षा बिहार की राजनीति में हमेशा एक बड़ा मुद्दा रही है और यह घोषणा नीतीश कुमार की छवि को मजबूत करती है।
शिक्षा और राज्य का भविष्य
विशेषज्ञ मानते हैं कि interest-free loan से न केवल छात्रों को लाभ होगा बल्कि राज्य की human resource क्षमता भी मजबूत होगी। अधिक छात्र अब डॉक्टर, इंजीनियर, वकील या मैनेजमेंट प्रोफेशनल बनने की ओर बढ़ेंगे। इससे राज्य में रोजगार और विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा कि Student Credit Card Loan अब पूरी तरह से interest-free होगा, छात्रों और परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह न सिर्फ युवाओं को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा बल्कि आने वाले विधानसभा चुनाव में एक बड़ा मुद्दा भी बनेगा।
लंबे repayment period और ब्याज मुक्त सुविधा ने इस योजना को और भी प्रभावी बना दिया है। आने वाले वर्षों में इसका असर न सिर्फ छात्रों के करियर पर बल्कि बिहार की शिक्षा और विकास यात्रा पर भी साफ दिखाई देगा।
