बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की हज़ारों आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। सरकार ने उनके मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस फैसले को चुनाव से पहले महिला मतदाताओं तक पहुंचने की एक महत्वपूर्ण कोशिश माना जा रहा है।
अब आंगनबाड़ी सेविका का मानदेय 7,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की भूमिका राज्य में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण तथा जीवन स्तर को सुधारने में अहम है।
उन्होंने कहा कि इसी योगदान का सम्मान करते हुए सरकार ने मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया है। विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सेविकाओं और सहायिकाओं को नया मानदेय शीघ्र प्रभाव से मिले।
2005 से लगातार प्रयास
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में लिखा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य सुधार पर लगातार काम किया गया है।
Integrated Child Development Services यानी ICDS के तहत छह प्रकार की सेवाएं दी जाती हैं और इन सेवाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाने में आंगनबाड़ी केंद्रों और वहाँ काम करने वाली सेविकाओं तथा सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मनोबल और सेवाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मेहनत और योगदान को देखते हुए उनके मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। इससे न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा बल्कि ICDS services in Bihar और बेहतर होंगी।
आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं का सबसे बड़ा आधार हैं। यहाँ बच्चों को पौष्टिक आहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और परामर्श सेवाएं मिलती हैं। सेविकाओं और सहायिकाओं के समर्पण से ही यह संभव हो पाता है।
बिहार सरकार का यह फैसला न केवल आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा बल्कि आने वाले Bihar Assembly Elections 2025 में राजनीतिक रूप से भी असर डाल सकता है।
