फसल बर्बाद, मुआवजा गायब: लापरवाही का बड़ा खुलासा
मुजफ्फरपुर जिले के हजारों किसान फसल बर्बादी के बाद भी मुआवजे का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन अब इसकी असली वजह सामने आ चुकी है। छात्र राष्ट्रीय जनता दल (छात्र राजद) के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार की शिकायत के बाद हुई जांच में खुलासा हुआ है कि जिला कृषि कार्यालय की गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसानों को आज तक फसल क्षति मुआवजा नहीं मिल पाया।
जिला कृषि कार्यालय की लापरवाही से लाखों किसान मुआवजा से वंचित
KKN ब्यूरो। मुजफ्फरपुर जिले में फसल क्षति से प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता से वंचित रखने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। छात्र राजद प्रदेश उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार द्वारा 26 दिसंबर को सीपीग्राम (प्रधानमंत्री कार्यालय) पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद विभागीय जांच कराई गई।
विलंब से भेजी गई थी रिपोर्ट
जांच की जिम्मेदारी ज्वाइंट सेक्रेट्री रविन्द्र नाथ चौधरी को सौंपी गई, जिनकी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया कि जिला कृषि पदाधिकारी ने अत्यधिक विलंब से फसल क्षति की रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजी, जिससे सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई और मीनापुर, बोचहा, कुढ़नी, कांटी समेत कई प्रखंडों के किसान मुआवजे से वंचित रह गए।
छात्र नेता का आरोप
छात्र नेता अमरेन्द्र कुमार का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के बाद प्रखंड स्तर पर सर्वेक्षण समय पर पूरा हो गया था, लेकिन जिला कार्यालय ने रिपोर्ट रोककर रखी। नतीजतन, लाखों किसान डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली इनपुट सहायता राशि से बाहर हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लापरवाही स्पष्ट है, तो अब तक दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकारी संवेदनशीलता कहीं नजर नहीं आती।
छात्र राजद करेगा आंदोलन
छात्र राजद ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र मुआवजा नहीं मिला, तो जिला मुख्यालय से लेकर पटना तक आंदोलन किया जाएगा।
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