बिहार में मानसून ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। रविवार रात से राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जो सोमवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश के चलते पटना के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई स्कूलों को बंद करना पड़ा क्योंकि जलभराव के चलते विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। मौसम विभाग ने पटना के अलावा नवादा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा और बेगूसराय जैसे जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने आम जनता से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है।
पटना में जलजमाव से जूझते लोग, यातायात भी बाधित
राजधानी पटना के जीपीओ, कंकड़बाग, राजीव नगर, पाटलिपुत्रा कॉलोनी और गोला रोड जैसे प्रमुख इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर पानी भर जाने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है और दुपहिया व चार पहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम द्वारा जल निकासी की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। स्कूल परिसरों और आसपास की सड़कों में पानी भर जाने से बच्चों को स्कूल पहुंचाने में भी दिक्कतें आईं, जिससे कई स्कूलों ने अवकाश घोषित कर दिया।
28 जुलाई से 2 अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में बताया है कि 28 जुलाई से लेकर 2 अगस्त तक पूरे बिहार में Heavy Rain Alert और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार दोनों क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना है।
विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों में एक स्पष्ट रूप से चिन्हित निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला है जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा में झुकाव लिए हुए है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ते हुए अगले 12 घंटे में कमजोर हो सकता है, लेकिन तब तक इसका प्रभाव बिहार पर बना रहेगा।
मुख्यमंत्री की यात्रा पर भी पड़ा मौसम का असर
खराब मौसम का असर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तय यात्रा पर भी देखा गया है। सोमवार को उन्हें हेलीकॉप्टर से एक कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन मौसम की खराब स्थिति के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान संभव नहीं रही। ऐसे में उनका यह कार्यक्रम रद्द हो सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार मौसम को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी समीक्षा की जा रही है और नई तारीख तय की जा सकती है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि Weather Disruption in Bihar केवल आम जनजीवन ही नहीं बल्कि राजनीतिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर रही है।
इन जिलों में अधिक असर, किसानों के लिए सावधानी जरूरी
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश और वज्रपात हो सकते हैं। विशेष रूप से मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, नालंदा और पटना में Heavy Monsoon Rain in Bihar की संभावना जताई गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। यह बारिश जहां एक ओर धान की खेती के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं अत्यधिक जलभराव फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों की जल निकासी सुनिश्चित करें और बिजली के खंभों तथा पेड़ों से दूर रहें।
बिजली गिरने की संभावना, सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी
वज्रपात के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है। अगर कोई व्यक्ति खुले में है, तो उसे तुरंत किसी पक्के भवन की शरण लेनी चाहिए। मोबाइल टावर, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
दोपहिया वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे Thunderstorm Safety Tips का पालन करें और तेज बारिश या बिजली गिरने के समय सड़क किनारे किसी सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं।
स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में, राहत कार्य जारी
नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जलजमाव प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों जैसे अस्पतालों, स्कूलों और प्रमुख चौराहों पर जल निकासी के लिए मोटर पंप लगाए गए हैं।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भी निगरानी तेज कर दी गई है। आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। जनता को केवल सरकारी स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।
अगले कुछ दिन राज्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। लगातार बारिश से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि जनस्वास्थ्य, शिक्षा और व्यवसायिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
हालांकि यह बारिश राज्य के जलस्तर को बनाए रखने और फसलों के लिए जरूरी है, लेकिन अत्यधिक वर्षा के कारण नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। प्रशासन की ओर से जनता से अनुरोध किया गया है कि वे मौसम की ताजा जानकारी के लिए स्थानीय समाचार चैनलों और सरकारी बुलेटिन्स पर ध्यान दें और किसी भी स्थिति में सतर्कता बरतें।
