ऐतिहासिक शहर मुजफ्फरपुर इस बार दुर्गा पूजा के अवसर पर एक भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव स्थल में बदल गया है। 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस महापर्व में शहरभर में 75 से अधिक शानदार पंडाल स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा, सफाई और ट्रैफिक प्रबंधन के व्यापक इंतज़ाम किए हैं ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से पूजा का आनंद ले सकें।
प्रमुख पंडाल और आकर्षण
रामदयालुनगर भीखनपुरा: स्थापत्य का अद्भुत नमूना
यहाँ का 110 फुट ऊँचा प्रवेशद्वार महाकालेश्वर मंदिर की प्रतिकृति के रूप में बनाया गया है। स्थानीय समिति द्वारा आयोजित 46वीं वर्षगांठ पर 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन थीम को रंग-बिरंगी बदलती रोशनी के साथ सजाया गया है। आधा किलोमीटर के दायरे में फैली यह रोशनी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है।
लेनिन चौक: बंगाली परंपरा का संगम
70 फुट ऊँचे पंडाल में पारंपरिक बंगाली आर्किटेक्चर और 12 फुट ऊँची दुर्गा प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है। अल्पना दुर्गा पूजा समिति की यह 58वीं वर्षगांठ है। विशेष Mahishasur Vadh दृश्य की झाँकी सप्तमी से दशमी तक प्रतिदिन रात 7 बजे प्रदर्शित की जा रही है।
हरिसभा चौक: 124 वर्षों की निरंतर परंपरा
यहाँ की पूजा बिहार की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक है। 124वें वर्ष में आयोजित इस पूजा में पारंपरिक बंगाली विधि से अनुष्ठान हो रहे हैं। कोलकाता से आए कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दे रहे हैं और पुजारी सुकांत बनर्जी पूरे विधिविधान से पूजा संपन्न करा रहे हैं।
नवाचार और थीम आधारित पंडाल
अलकापुरी गोविंदपुरी: सैन्य श्रद्धांजलि
यहाँ Operation Sindoor थीम के तहत भारतीय सेना की वीरता दर्शाई गई है। पाकिस्तानी घुसपैठ और सेना के जवाबी हमले की झाँकियाँ श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं।
मोतीझील का संतोषी माता मंदिर: आधुनिक तकनीक का मेल
यहाँ इलेक्ट्रॉनिक मूविंग डिस्प्ले और लाइट शो के जरिए धार्मिक कथाएँ प्रस्तुत की जा रही हैं। पारंपरिक आस्था और आधुनिक तकनीक का यह अद्भुत संगम श्रद्धालुओं को अलग अनुभव दे रहा है।
प्रशासनिक इंतज़ाम
ट्रैफिक मैनेजमेंट
डीएम सुब्रत कुमार सेन और एसएसपी सुशील कुमार ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए हैं:
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महेशबाबू चौक से जुरन छपरा तक वन-वे ट्रैफिक
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हरिसभा चौक के आसपास वाहनों पर रोक, केवल पैदल श्रद्धालुओं की अनुमति
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कल्याणी चौक आने वालों के लिए जिला स्कूल में पार्किंग
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त्योहार अवधि में भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित
सुरक्षा व्यवस्था
डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि 11 केंद्रीय बलों की कंपनियाँ, 5,000 से अधिक होमगार्ड और हजारों बिहार सैन्य पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। साथ ही शांति बनाए रखने के लिए विशेष सुरक्षा आदेश जारी किए गए हैं।
मेला और बाज़ार
P&M Mall बेला रोड
यहाँ 11 दिनों तक शॉपिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और फूड स्टॉल्स आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
पारंपरिक बाज़ार मेले
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पंकज मार्केट: Operation Sindoor थीम डिस्प्ले
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औराई बाज़ार: स्थानीय मेला और पारंपरिक खरीदारी
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अन्य पंडाल स्थल: खाने-पीने और शॉपिंग स्टॉल्स के साथ छोटे-छोटे मेले
मंदिर आधारित आयोजन
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सर्वेश्वरनाथ महामाया मंदिर, ब्रह्मपुरा
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माता खंडेश्वरी मंदिर
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श्री दुर्गा स्थान, गोला रोड
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बालगामुखी मंदिर, कच्चीसाराय
इन मंदिरों को विशेष सजावट और रोशनी से सँवारा गया है।
सफाई और सुरक्षा प्रोटोकॉल
नगर आयुक्त विक्रम वीरकर के नेतृत्व में सभी पंडाल स्थलों पर 24 घंटे सफाईकर्मियों की तैनाती है। चूना छिड़काव और ब्लीचिंग का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
ऊर्जा विभाग ने सख्त गाइडलाइन जारी की है:
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सभी वायरिंग का काम अधिकृत ठेकेदार से
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हर पंडाल में अग्निशमन यंत्र
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सुरक्षित वायरिंग और इन्सुलेशन
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आपातकालीन निकासी मार्ग स्पष्ट रूप से चिन्हित
सांस्कृतिक कार्यक्रम और सहभागिता
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कई पंडालों पर इलेक्ट्रॉनिक शो और Light & Sound Programs
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कोलकाता से आए कलाकारों की प्रस्तुतियाँ
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बदलते रंगों वाली सजावट
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शुभंकरपुर समिति की 25वीं वर्षगांठ पर मूविंग मूर्ति प्रदर्शन
उत्सव का समय
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अवधि: 22 सितंबर – 2 अक्टूबर 2025
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मुख्य पूजा: सप्तमी से विजयादशमी तक
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सांस्कृतिक कार्यक्रम: शाम 7 बजे से
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पीक आवर: शाम के समय विशेष भीड़ प्रबंधन
मुजफ्फरपुर दुर्गा पूजा 2025 परंपरा और नवाचार का अद्भुत संगम है। 75 से अधिक पंडाल अपनी अनोखी थीम और स्थापत्य के साथ शहर को धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र में बदल रहे हैं। हरिसभा चौक की 124 साल पुरानी परंपरा और Operation Sindoor जैसी आधुनिक थीम इस उत्सव को और खास बना रही हैं।
प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय समितियों की तैयारी से यह सुनिश्चित हुआ है कि श्रद्धालु आस्था, संस्कृति और उत्सव की इस अनूठी धारा में सुरक्षित और सहज रूप से शामिल हो सकें।
