Home Bihar सरकारी अस्पतालों को बड़ी राहत, 5006 एएनएम की तैनाती की तैयारी पूरी

सरकारी अस्पतालों को बड़ी राहत, 5006 एएनएम की तैनाती की तैयारी पूरी

बिहार के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने 5006 एएनएम की तैनाती की तैयारी पूरी कर ली है। यह नियुक्तियां संविदा के आधार पर की जा रही हैं और प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। नई तैनातियों से जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं मजबूत होने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन नियुक्तियों से नर्सिंग सेवाओं में सुधार होगा। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलेगी। लंबे समय से स्टाफ की कमी से जूझ रहे केंद्रों को इससे बड़ा सहारा मिलेगा।

भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में, जल्द जारी होगी मेरिट लिस्ट

5006 एएनएम की यह भर्ती राज्य स्वास्थ्य समिति के तहत कराई जा रही है। इसके लिए राज्य के विभिन्न केंद्रों पर ऑनलाइन परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद आंसर की ऑनलाइन जारी की गई, ताकि अभ्यर्थियों को पारदर्शिता का भरोसा मिल सके।

आंसर की को लेकर आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। 28 दिसंबर को आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि समाप्त हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग आपत्तियों की जांच और उनके निराकरण में जुट गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है।

चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती जल्द शुरू होगी

आपत्तियों के निपटारे के बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाएगी। इसके साथ ही उनकी Posting प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि चयनित एएनएम को जल्द से जल्द उनके कार्यस्थलों पर भेजा जाए, ताकि सेवाओं में किसी तरह की देरी न हो।

तैनाती के दौरान उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां स्वास्थ्य कर्मियों की सबसे अधिक कमी है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर खास फोकस

नई एएनएम की तैनाती का सबसे बड़ा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिलेगा। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लंबे समय से नर्सिंग स्टाफ की कमी महसूस की जा रही थी। अब नए कर्मियों के आने से मौजूदा स्टाफ पर काम का दबाव कम होगा।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विभाग ने विशेष योजना बनाई है। नियमित गर्भ जांच, सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण और नवजात देखभाल जैसी सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकेंगी। गांव स्तर पर जागरूकता और Outreach गतिविधियों को भी इससे बल मिलेगा।

आंखों के इलाज के लिए भी चल रही भर्ती प्रक्रिया

एएनएम भर्ती के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ऑप्थेलमिक असिस्टेंट के 220 पदों पर भी नियुक्ति प्रक्रिया चला रहा है। इन पदों पर नियुक्तियों से सरकारी अस्पतालों में आंखों से संबंधित जांच और उपचार सेवाओं में तेजी आने की उम्मीद है।

इस पहल से जिला और अनुमंडल स्तर पर Eye Care सेवाएं मजबूत होंगी। मरीजों को छोटी समस्याओं के लिए बड़े अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

पिछली भर्तियों से मिली सीख, इस बार Joining पर जोर

पिछली कुछ भर्तियों में यह देखने को मिला था कि चयनित होने के बावजूद कई अभ्यर्थी योगदान नहीं दे पाए थे। इसका प्रमुख कारण संविदा पर मिलने वाला कम वेतन और नौकरी के नवीनीकरण को लेकर बनी अनिश्चितता थी। इससे कई स्वास्थ्य केंद्रों पर रिक्तियां बनी रह गई थीं।

स्वास्थ्य विभाग ने इस बार इन अनुभवों को ध्यान में रखते हुए बेहतर Planning की है। विभाग का प्रयास है कि चयनित अभ्यर्थी वास्तव में Joining दें और सेवाएं शुरू करें। जिला स्तर पर प्रशासनिक समन्वय को भी मजबूत किया गया है।

जिला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मिलेगा सीधा लाभ

इन नई नियुक्तियों से जिला अस्पतालों में नर्सिंग सेवाओं को तत्काल राहत मिलेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जो ग्रामीण आबादी का बड़ा भार संभालते हैं, वहां भी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को लंबे इंतजार से राहत मिल सकती है। Emergency और Routine दोनों तरह की सेवाओं में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की पहल

इस भर्ती का एक मुख्य उद्देश्य दूरदराज और पिछड़े इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। कई गांव ऐसे हैं, जहां सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ही एकमात्र सहारा होते हैं। एएनएम की मौजूदगी से इन क्षेत्रों में Basic Health Services मजबूत होंगी।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के बीच का अंतर भी कम होगा। नियमित फॉलोअप और निगरानी सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से चल सकेंगी।

स्वास्थ्य विभाग का दीर्घकालिक लक्ष्य

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य इन नियुक्तियों के जरिए राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना है। Preventive और Curative दोनों तरह की सेवाओं के लिए एक भरोसेमंद कार्यबल तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग का कहना है कि इससे स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार आएगा।

मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और रोके जा सकने वाली बीमारियों पर नियंत्रण विभाग की प्राथमिकता में शामिल है।

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अहम कदम

कुल मिलाकर 5006 एएनएम और 220 ऑप्थेलमिक असिस्टेंट की नियुक्ति बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे न केवल नर्सिंग और विशेष सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि आम लोगों को समय पर और बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद भी बढ़ेगी।

स्वास्थ्य विभाग को भरोसा है कि यह पहल राज्य में Public Healthcare System को नई दिशा देगी और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

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