Home Bihar गंगा वाटर मेट्रो सेवा का शुभारंभ जनवरी 2026 में होगा

गंगा वाटर मेट्रो सेवा का शुभारंभ जनवरी 2026 में होगा

गंगा नदी में पर्यटकों के लिए वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना दशहरा के अवसर पर थी, लेकिन विभिन्न तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों से इसका शुभारंभ टल गया। पहले इसे त्योहारी सीजन में शुरू किया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों के कारण इस सेवा को कई बार टाला गया। क्रिसमस और दीपावली जैसे बड़े त्योहार भी गुजर गए, और अब वर्ष 2025 अपने अंतिम चरण में है। अब, नव वर्ष 2026 के जनवरी महीने में गंगा वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

गंगा में जल परिवहन के लिए जहाज का आगमन

गंगा वाटर मेट्रो परियोजना के तहत कोलकाता के हावड़ा में हुगली कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इलेक्ट्रॉनिक जहाज MV-गोमधरकुंवर को गंगा नदी में भेजा गया है। यह जहाज बिहार के गायघाट स्थित बंदरगाह के पास आ चुका है। इस जहाज के आगमन से यह संकेत मिलता है कि गंगा में जल परिवहन की दिशा में काम तेजी से बढ़ रहा है।

तकनीकी परीक्षण और अंतिम तैयारी

भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के पटना स्थित निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि जहाज की तकनीकी जांच पूरी हो चुकी है और गंगा में इसका ट्रायल भी सफलतापूर्वक किया गया है। हालांकि, अब तक इसका रजिस्ट्रेशन और सर्वे प्रमाणपत्र पश्चिम बंगाल सरकार से प्राप्त होना बाकी है। भारतीय रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRS) से जहाज की सर्वे रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, लेकिन प्रमाणपत्र का इंतजार किया जा रहा है।

चार्जिंग प्वाइंट्स और संचालन योजना

वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने के लिए दीघा घाट से कंगन घाट के बीच इलेक्ट्रॉनिक जहाज के लिए चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। इस काम को बिहार सरकार द्वारा किया जाएगा। जहाज दीघा घाट से रवाना होकर एनआईटी घाट पर पहली बार चार्ज होगा, इसके बाद यह कंगन घाट जाएगा और वापस लौटते हुए एनआईटी घाट पर फिर से चार्जिंग के बाद दीघा घाट पहुंचेगा। इसके अलावा, कंगन घाट में भी चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने की योजना है, जो फिलहाल टेंडर प्रक्रिया में है।

जल परिवहन सेवा के लाभ

यह इलेक्ट्रॉनिक जहाज वातानुकूलित होगा, जिसमें 50 बैठने की सीटें उपलब्ध होंगी, और लगभग 25 लोग खड़े भी हो सकते हैं। यह सेवा पर्यटकों के लिए गंगा नदी में एक सुरक्षित, आरामदायक और आकर्षक यात्रा का अवसर प्रदान करेगी। जहाज की बैटरी आधे घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाएगी और इसके बाद यह करीब डेढ़ घंटे तक संचालन में रहेगा। इस समयावधि के दौरान पर्यटक गंगा नदी के किनारों का आनंद ले सकते हैं और शहर के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को देख सकते हैं।

पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना

गंगा वाटर मेट्रो सेवा का उद्देश्य गंगा नदी में पर्यटन को एक नई दिशा देना है। इस सेवा से पर्यटकों को गंगा की यात्रा एक नई और रोमांचक अनुभव प्रदान करेगी। इसके अलावा, यह जल परिवहन का एक सस्टेनेबल और पर्यावरण अनुकूल तरीका होगा। पटना के लोग और पर्यटक अब गंगा नदी के माध्यम से यात्रा कर सकेंगे, जो उन्हें शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंचने का एक आसान और आनंददायक तरीका देगा।

वाटर मेट्रो की भविष्यवाणी और विस्तार

आने वाले समय में, गंगा वाटर मेट्रो सेवा के विस्तार की भी योजना है। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है। जल परिवहन के इस नए रूप से शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह गंगा नदी के किनारे बसे इलाकों में नई ऊर्जा और गतिविधियों का निर्माण करेगा।

जनवरी 2026 में गंगा वाटर मेट्रो सेवा का शुभारंभ होने के बाद पटना में जल पर्यटन की एक नई शुरुआत होगी। यह परियोजना न केवल पर्यटकों के लिए एक आकर्षण होगी, बल्कि शहर के जल परिवहन को भी मजबूत करेगी। गंगा नदी पर चलने वाली यह इलेक्ट्रॉनिक वाटर मेट्रो सेवा एक सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण मित्र परिवहन विकल्प प्रदान करेगी। यह योजना पटना के पर्यटन क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इस सेवा का सफल संचालन राज्य और देश की पर्यावरणीय और जल परिवहन क्षेत्र में एक नई क्रांति ला सकता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version