बिहार के किशनगंज जिले के एक रेजिडेंशियल गर्ल्स स्कूल में शुक्रवार रात को भोजन विषाक्तता की घटना सामने आई, जिसमें कम से कम 16 छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना ओबीसी प्लस 2 रेजिडेंशियल गर्ल्स स्कूल, खादी बस्ती के होस्टल में हुई। छात्राओं ने देर रात खाने के बाद पेट में दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें किशनगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्कूल अधिकारियों का कहना है कि सभी छात्राएं स्थिर हैं और उनका इलाज किया जा रहा है।
घटना का विवरण और बढ़ती चिंताएं
यह घटना स्कूल के होस्टल में उस समय हुई जब छात्राओं ने रात के खाने में हलवा खाया। खाना खाने के बाद, छात्राओं ने पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत की। जैसे-जैसे अधिक छात्राएं इन लक्षणों का सामना करने लगीं, दहशत फैल गई। स्कूल अधिकारियों ने तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया और एम्बुलेंस के माध्यम से प्रभावित छात्राओं को अस्पताल भेजा।
चिकित्सा प्रतिक्रिया और इलाज
किशनगंज सदर अस्पताल के डॉक्टर गौरव कुमार ने पुष्टि की कि 16 छात्राएं भोजन विषाक्तता के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा, “सभी छात्राएं स्थिर हैं और उन्हें उचित चिकित्सा देखभाल मिल रही है।” अस्पताल में भर्ती छात्राओं की स्थिति अब बेहतर है और डॉक्टरों द्वारा उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। डॉ. कुमार ने कहा कि किसी भी छात्रा की हालत गंभीर नहीं है और सभी को जल्द ठीक होने की उम्मीद है।
अस्पताल में भर्ती छात्राओं के नाम
अस्पताल में भर्ती छात्राओं में नंदिनी कुमारी, राज प्रिया, स्वीटी, लक्ष्मी, राखी, सलोनी, शिवानी, शारदा, प्रीति प्रिया, रानी, शिवानी भारती और सोनाक्षी प्रिया शामिल हैं। ये छात्राएं सभी 11 से 14 साल के बीच की हैं और इन्हें हलवा खाने के बाद गंभीर लक्षण दिखाई दिए थे।
छात्राओं का बयान
अस्पताल में भर्ती होने के बाद कई छात्राओं ने अपनी स्थिति के बारे में बताया। एक छात्रा ने कहा, “हमें हलवा दिया गया था। हलवा खाने के बाद हमें अचानक पेट में दर्द होने लगा और हम उल्टी करने लगे। हमने वार्डन को सूचित किया और हमें अस्पताल ले जाया गया।” छात्राओं के मुताबिक, उनकी तबियत भोजन के बाद अचानक बिगड़ी और जल्द ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
खाद्य विषाक्तता की जांच
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि भोजन विषाक्तता के कारण की जांच की जा रही है। हलवा और अन्य भोजन के सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण के लिए भेजा गया है। स्कूल अधिकारियों ने बताया कि वे जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और छात्राओं की तबियत पर निगरानी रखे हुए हैं।
स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्कूल प्रशासन ने कहा कि वे सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्कूल अधिकारियों ने बताया कि वे स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर इस मामले की जांच में सहयोग कर रहे हैं और घटना के बाद सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।
किशनगंज के इस रेजिडेंशियल स्कूल में हुए भोजन विषाक्तता के मामले ने छात्राओं की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। छात्राओं की हालत अब स्थिर है और उनकी रिकवरी पर ध्यान दिया जा रहा है। जांच के परिणामों के आधार पर, यह पता लगाया जाएगा कि भोजन में क्या गड़बड़ी थी, और इसके बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना यह दिखाती है कि बच्चों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को लेकर स्कूलों को और ज्यादा जिम्मेदारी से काम करने की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की पूरी जांच करेंगे और भविष्य में ऐसी कोई भी घटना न हो, इसके लिए कदम उठाएंगे।
