बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को पूरी तरह सक्रिय नजर आए। उन्होंने दिन की शुरुआत पटना स्थित गर्दनीबाग के बापू टावर के निरीक्षण से की। मुख्यमंत्री ने बापू टावर के छठे तल पर बने नवनिर्मित प्रशासनिक कार्यालय का उद्घाटन किया और पूरे टावर का दौरा कर भवन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वहां की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से बातचीत की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बापू टावर का निरीक्षण: प्रशासनिक कार्यालय का उद्घाटन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बापू टावर के छठे तल पर बने नए प्रशासनिक कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने टावर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया, जिनमें ग्राउंड फ्लोर पर स्थित ओरियंटेशन हॉल और तीसरे एवं पांचवें तल की दीर्घाओं का निरीक्षण शामिल था। बापू टावर में मौजूद शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए एक आधुनिक मंच तैयार किया गया है, जिसे बिहार सरकार की पहल से स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बापू टावर को सराहा और कहा, “यह टावर बहुत ही अच्छा बना है। महात्मा गांधी के जीवन और उनके आदर्शों को समझना आज के युवाओं के लिए जरूरी है। यह भवन गांधीजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक बेहतरीन स्थान बन सकता है।” इसके अलावा, उन्होंने यहां आई स्कूली बच्चों से मुलाकात की और उन्हें गांधीजी के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं को जानने और समझने की सलाह दी।
महात्मा गांधी के आदर्शों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने बापू टावर के उद्घाटन के दौरान गांधीजी के विचारों और कार्यों को समाज में फैलाने की महत्वता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के संस्थानों से छात्रों को महात्मा गांधी के विचारों को जानने का अवसर मिलेगा, जो समाज में शांति और अहिंसा के विचारों को फैलाने में मदद करेगा। उनका मानना है कि यह शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति को भी बढ़ावा देगा और समाज में गांधीजी के आदर्शों को स्थापित करने में सहायक होगा।
पटना साहिब रेलवे स्टेशन से पटना घाट तक संपर्क मार्ग का निरीक्षण
इसके बाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना साहिब रेलवे स्टेशन से पटना घाट तक बनने वाले संपर्क मार्ग का भी निरीक्षण किया। यह संपर्क मार्ग 1.5 किलोमीटर लंबा होगा और इसका निर्माण जेपी गंगा पथ परियोजना के तहत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस परियोजना पर तेजी से काम किया जाए और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
इस संपर्क मार्ग की कुल अनुमानित लागत ₹52.54 करोड़ है, और इसे राज्य सरकार और भारतीय रेलवे के बीच भूमि के आदान-प्रदान के आधार पर तैयार किया जा रहा है। यह नया मार्ग पटना साहिब रेलवे स्टेशन से शुरू होकर पटना घाट को जोड़ते हुए जेपी गंगा पथ से जुड़ जाएगा, जिससे यातायात को काफी सुविधाजनक बनाया जाएगा।
सड़क निर्माण से यातायात में सुधार और क्षेत्रीय विकास
इस नए संपर्क मार्ग का निर्माण पटना शहर में यातायात सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह मार्ग पटना साहिब रेलवे स्टेशन से पटना घाट तक यात्रियों के आने-जाने को सरल बनाएगा, जिससे शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में यातायात कम होगा। इसके साथ ही, यह मार्ग जेपी गंगा पथ को भी जोड़ने का कार्य करेगा, जो पटना में एक प्रमुख परिवहन मार्ग के रूप में कार्य करता है।
इस परियोजना से न केवल शहर के यातायात में सुधार होगा, बल्कि इससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क निर्माण कार्य के लिए राज्य सरकार और रेलवे के बीच साझेदारी स्थापित की गई है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय लेने में मदद मिल रही है।
सीएम ने अधिकारियों को दिए तेज़ी से काम करने के निर्देश
सीएम नीतीश कुमार ने इस परियोजना के निर्माण में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सड़क का निर्माण समय सीमा के भीतर किया जाना चाहिए, ताकि लोग इसका जल्द से जल्द लाभ उठा सकें। यह परियोजना न केवल शहर के परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि पर्यटन और व्यवसाय को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जो पटना के विकास में अहम योगदान देगा।
बापू टावर में गांधीजी के विचारों का प्रचार
बापू टावर के उद्घाटन के साथ, राज्य सरकार ने गांधीजी के विचारों को बढ़ावा देने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बापू टावर का उद्देश्य महात्मा गांधी के जीवन और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। इस टावर में विभिन्न प्रदर्शनी गैलरी और ओरियंटेशन हॉल जैसे स्थान होंगे, जो विद्यार्थियों और आम लोगों को गांधीजी के विचारों से अवगत कराएंगे। इस तरह के प्रयास बिहार सरकार की शिक्षा और संस्कृति को प्रोत्साहित करने की रणनीति का हिस्सा हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा।
पटना में सुधार और विकास की दिशा में नए प्रयास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार पटना शहर के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इन प्रयासों में बापू टावर जैसे सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्रों का निर्माण, साथ ही शहर में यातायात सुविधाओं में सुधार के लिए नए मार्गों का निर्माण शामिल है। ये कदम पटना को एक समृद्ध और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
इन विकास कार्यों से न केवल पटना शहर में जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि बिहार के अन्य क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इन परियोजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बापू टावर के उद्घाटन और पटना साहिब रेलवे स्टेशन से पटना घाट तक संपर्क मार्ग के निरीक्षण के दौरान जो दिशा-निर्देश दिए गए, वे बिहार के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। बापू टावर के माध्यम से महात्मा गांधी के विचारों का प्रचार-प्रसार होगा, वहीं संपर्क मार्ग के निर्माण से पटना में यातायात के मुद्दों में सुधार आएगा। इन परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन से बिहार की शहरी विकास योजना को नई दिशा मिलेगी और राज्य के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
बिहार सरकार की यह पहल राज्य की राजधानी पटना में एक मजबूत, समृद्ध और सुसंगत विकास मॉडल बनाने के उद्देश्य को पूरा करने में मदद करेगी, और आने वाले समय में ये परियोजनाएं राज्य के नागरिकों के लिए बेहतरीन बदलाव लेकर आएंगी।
