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 Bihar Crime : Sitamarhi में बढ़ते अपराधों से हड़कंप, CSP ऑपरेटर और राजनीतिक नेताओं पर हमले से कानून-व्यवस्था पर सवाल

बिहार के सीतामढ़ी ज़िले में हाल के हफ्तों में लगातार गंभीर अपराध सामने आए हैं। गोलीबारी, हत्या और लूट की घटनाओं ने पूरे जिले में डर का माहौल पैदा कर दिया है। Sitamarhi Crime News इन दिनों लगातार सुर्खियों में है, जबकि पुलिस की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर जनता सवाल उठा रही है।

CSP ऑपरेटर पर हमले

28 सितंबर 2025 को छोरौत नींबरी बाज़ार में Bank of India CSP Operator श्रवण कुमार (40) पर दिनदहाड़े हमला किया गया। तीन बाइक सवार बदमाशों ने करीब पांच राउंड गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल श्रवण कुमार को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर सदर अस्पताल रेफर किया गया।

इससे पहले 16 सितंबर 2025 को फिनो पेमेंट बैंक के CSP ऑपरेटर उत्तम कुमार (26) को अपराधियों ने गोली मारकर चार लाख रुपये लूट लिए थे। हालांकि एक लुटेरा भागते वक्त सड़क हादसे में मारा गया लेकिन पीड़ित ऑपरेटर गंभीर चोटों के बावजूद बच गया।

ब्रह्मर्षि सेना नेता की हत्या

26 सितंबर 2025 को ब्रह्मर्षि सेना के पूर्व जिला अध्यक्ष राम मनोहर शर्मा उर्फ गणेश शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना उनके घर के बाहर लगमा गांव, थाना डुमरा में हुई।

हत्या के बाद ज़बरदस्त जनाक्रोश देखने को मिला।

  • एनएच-77 पर कई किलोमीटर तक सड़क जाम

  • पुलिस से झड़प और हिंसक प्रदर्शन

  • एसडीपीओ राजीव कुमार सिंह की गाड़ी में तोड़फोड़

  • कई पुलिस अधिकारी होटलों में शरण लेने को मजबूर

साज़िश का पर्दाफाश

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एसडीपीओ राजीव कुमार सिंह ने बताया कि राधौर पंचायत के मुखिया रविशंकर ठाकुर तीन हत्याओं का मुख्य साज़िशकर्ता है।

पुलिस के मुताबिक ठाकुर चुनाव से पहले जिले के एसपी को हटवाने के लिए घटनाओं को अंजाम दे रहा था। जांच में सामने आया कि उसने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की योजना बनाई थी ताकि प्रशासन पर दबाव बने। एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में भी ठाकुर के इस षड्यंत्र का ज़िक्र सामने आया है।

जुड़े हुए हत्या के मामले

पुलिस जांच ने तीन घटनाओं को आपस में जोड़ा है—

  • बाजपट्टी थाना क्षेत्र में आदित्य सिंह की हत्या

  • मुखिया के साले मदन कुशवाहा की हत्या

  • डुमरा में राम मनोहर शर्मा की हत्या

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा उपाय

जिला पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज किया है। मुख्य शूटर की गिरफ्तारी के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इसके साथ ही न्यायिक जांच भी शुरू की गई है।

हालांकि यह भी सामने आया है कि कई पीड़ित पहले ही पुलिस को अपनी जान से खतरे की लिखित शिकायत दे चुके थे लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। इसी लापरवाही से लोगों का भरोसा और कमजोर हुआ है।

अपराध का पैटर्न

हाल की घटनाओं में अपराधियों का तरीका लगभग एक जैसा रहा है।

  • बाइक सवार बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े हमला

  • कई शूटरों की मौजूदगी और संगठित प्लानिंग

  • CSP ऑपरेटरों को निशाना क्योंकि वे नकद रखते हैं

  • राजनीतिक व्यक्तियों की हत्या राजनीतिक दबाव बनाने के लिए

आर्थिक और सामाजिक असर

CSP ऑपरेटरों पर हमलों से ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा है। लोगों में कैश लेकर चलने का डर बढ़ गया है। चार लाख रुपये की लूट जैसी घटनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को झटका दे रही हैं।

समुदाय में डर का माहौल है और आम लोग पुलिस पर भरोसा खोते जा रहे हैं। लोग आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस हेलमेट चेकिंग जैसे छोटे मामलों में सख़्त है लेकिन गंभीर अपराध रोकने में विफल है।

राजनीतिक प्रभाव

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्याओं को चुनाव से पहले राजनीतिक दबाव बनाने के लिए अंजाम दिया जा रहा था। इससे साफ है कि Bihar Assembly Elections 2025 को देखते हुए अपराध को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई है। कई थानों में संयुक्त ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और गश्त तेज की गई है।

पीड़ित परिवारों का समर्थन

स्थानीय विधायक गायत्री देवी ने पीड़ितों से मुलाकात की और सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मुआवजे, सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।

जांच की वर्तमान स्थिति

पुलिस टीमें कई जिलों में छापेमारी कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई साज़िशों का खुलासा हुआ है। हालांकि राजनीतिक संरक्षण और गवाहों को धमकाने जैसी चुनौतियां सामने हैं।

आज भले ही किसी Circle Officer की हत्या नहीं हुई हो लेकिन सीतामढ़ी अब भी गंभीर अपराधों से जूझ रहा है। CSP ऑपरेटरों पर हमले और राजनीतिक साज़िश वाली हत्याओं ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।

मुख्य साज़िशकर्ता की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता है, लेकिन जनता का भरोसा बहाल करना अभी बाकी है। विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं, ऐसे में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखना और राजनीतिक लाभ के लिए हिंसा को रोकना होगा।

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