मुजफ्फरपुर, बिहार में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें दहेज के लिए एक नवविवाहिता महिला को उसके ससुरालवालों ने निर्ममता से मार डाला। महिला का नाम ममता कुमारी था, और उसे ससुराल वालों ने पहले हाथ-पैर बांधकर और फिर तेजाब से हमला करके मौत के घाट उतार दिया। मृतका के भाई संजय सहनी ने आरोप लगाया है कि ममता को उसके ससुराल वालों ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया था। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
घटना का विवरण
यह घटना मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाना क्षेत्र के चोरकरिया गांव की है। मृतका ममता कुमारी की शादी अप्रैल 2024 में दीपु सहनी से हुई थी। मृतका के भाई संजय सहनी ने पुलिस को बताया कि शादी के कुछ ही महीनों बाद ममता के ससुरालवाले दहेज और घरेलू मामलों को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे थे। जब परिवार को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने ममता के ससुरालवालों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन जब मामला नहीं सुलझा, तो पंचायत बुलवाई गई। पंचायत के बाद ससुरालवालों ने यह वादा किया था कि वे ममता को ठीक से रखेंगे, लेकिन इसके बावजूद दहेज की मांग और प्रताड़ना जारी रही।
ममता की मौत
कुछ दिनों बाद, ममता के भाई को सूचना मिली कि ममता अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर है। जब वह अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि ममता का चेहरा और गर्दन तेजाब से झुलस गए थे। ममता अंतिम सांसें ले रही थी। डॉक्टरों ने ममता की हालत को गंभीर बताते हुए कहा कि उसकी स्थिति में सुधार की कोई संभावना नहीं है। कुछ समय बाद ममता की मौत हो गई। संजय सहनी ने पुलिस को बताया कि ममता की ससुरालवाले उसे दहेज की वजह से लगातार परेशान कर रहे थे, और अंत में उन्हीं लोगों ने ममता को हाथ-पैर बांधकर तेजाब से हमला किया, जिससे उसकी मौत हुई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई शुरू की और संजय सहनी के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया। तुर्की थाना के थानाध्यक्ष रोहन कुमार ने बताया कि गश्ती दल को घटना की सूचना मिलने पर बयान दर्ज कराया गया है। पुलिस ने ममता के भाई के बयान को ध्यान में रखते हुए ससुरालवालों के खिलाफ कार्रवाई की है। मृतका के भाई ने यह भी आरोप लगाया कि ससुरालवालों ने घरेलू और दहेज प्रताड़ना के तहत ममता की हत्या की है। पुलिस ने बयान की कापी तुर्की थाना को भेज दी है, और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
दहेज प्रथा पर एक और सवाल
यह घटना दहेज प्रथा के खिलाफ चल रही लड़ाई को और भी चुनौतीपूर्ण बनाती है। इसके बावजूद कि दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए कई कानूनी प्रावधान और पहल की गई हैं, बिहार जैसे राज्यों में इस मुद्दे पर लगातार उत्पीड़न और हत्याएं हो रही हैं। ममता कुमारी की मौत एक और उदाहरण है कि कैसे दहेज प्रथा के चलते महिलाएं अपने परिवारों द्वारा शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होती हैं। यह सवाल उठाता है कि क्या भारत में दहेज के खिलाफ कानून प्रभावी रूप से लागू हो रहे हैं या नहीं।
ममता कुमारी की मौत एक दुखद और दर्दनाक घटना है, जो समाज में व्याप्त दहेज प्रथा के गंभीर परिणामों को उजागर करती है। इस अपराध ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया है। इस मामले में ममता कुमारी के परिवार को न्याय की उम्मीद है, और इस घटना ने दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के खिलाफ गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा और महिलाओं के खिलाफ हो रहे इस प्रकार के अपराधों पर कड़ा नियंत्रण करेगा।
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