बिहार के जमुई जिले के धर्धा गांव से एक दिल दहला देने वाली दहेज हत्या का मामला सामने आया है। यहां एक 30 वर्षीय महिला, अराधना कुमारी, को उसके पति और ससुरालवालों ने दहेज उत्पीड़न के बाद कथित रूप से पीट-पीटकर और गला घोंटकर मार डाला। यह घटना शनिवार रात हुई, और इस दौरान अराधना की चार साल की बेटी ने पूरी घटना को अपनी आंखों से देखा।
हत्या और आत्महत्या का नाटक करने की कोशिश
अराधना कुमारी की शादी बाबन कुमार रावत से हुई थी, जो बिहार पुलिस में कार्यरत हैं। पुलिस रिपोर्ट्स के अनुसार, अराधना के पति, सास, ससुर, बहन और भतीजे ने मिलकर उसे पहले बेरहमी से पीटा और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने शव को बिस्तर पर लिटा दिया ताकि यह आत्महत्या जैसा दिखे। फिर वे घटनास्थल से फरार हो गए।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, और हत्या के मामले की जांच जारी है। पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
चार साल की बेटी की दिल दहला देने वाली गवाही
इस मामले में एक अहम गवाह अराधना की चार साल की बेटी सृष्टि है, जिसने अपनी आंखों देखी घटना पुलिस को बताई। उसने पुलिस को बयान देते हुए कहा, “मेरे पिता, दादा, दादी, चाची और भाई ने पहले मेरी मां को लाठी से पीटा। फिर उन्होंने उनका गला घोंट दिया। जब वह गिर गईं, तो उन्होंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और वहां से भाग गए।”
सृष्टि की यह गवाही अपराध की भयावहता को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित हुई है। इससे पहले अपराध को आत्महत्या के रूप में दिखाने की कोशिश की गई थी।
दहेज उत्पीड़न का इतिहास
अराधना के परिवार के अनुसार, उसकी शादी के बाद से ही दहेज के लिए उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। अराधना की मां ने पुलिस को बताया कि 2014 में शादी के समय परिवार ने जो भी दहेज दिया था, वह सब दिया था, लेकिन बाबन कुमार रावत के सरकारी नौकरी मिलने के बाद दहेज की मांग बढ़ गई। अब वे 15 लाख रुपये और एक स्कॉर्पियो कार की मांग करने लगे। जब यह मांग पूरी नहीं हो पाई, तो उत्पीड़न बढ़ता गया, जो अंततः अराधना की हत्या तक पहुंच गया।
अराधना के भाई राजीव रावत ने बताया कि उसकी बहन ने उसी सुबह उसे फोन किया था और मारपीट की शिकायत की थी। लेकिन जब वे पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे, तब तक अराधना की मौत हो चुकी थी और घर खाली था।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
पुलिस ने हत्या के बाद मामले की जांच शुरू कर दी। बरहट पुलिस स्टेशन के अधिकारी कुमार संजीव ने पुष्टि की कि एक आरोपी — अराधना के ससुर — को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम हो चुका है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
बिहार में दहेज हिंसा का बढ़ता हुआ मुद्दा
यह मामला एक बार फिर बिहार में दहेज हिंसा की गंभीरता को उजागर करता है, बावजूद इसके कि दहेज निषेध कानून 1961 के तहत दहेज मांगना और दहेज के कारण हत्या करना अपराध है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि बिहार में हर साल देश के अन्य राज्यों के मुकाबले दहेज से जुड़ी मौतों की संख्या काफी ज्यादा होती है। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि दहेज प्रथा को रोकने के लिए कानूनों का पालन सख्ती से करना कितना जरूरी है।
अराधना कुमारी की हत्या एक दुखद उदाहरण है कि किस तरह दहेज उत्पीड़न से महिलाएं लगातार पीड़ित हो रही हैं, जबकि इस प्रथा के खिलाफ लड़ाई अब भी जारी है।
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