Home Bihar 22 वर्षीय सोफिया परवीन उर्फ रुखसार की पहचान चार दिन बाद हुई

22 वर्षीय सोफिया परवीन उर्फ रुखसार की पहचान चार दिन बाद हुई

पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGIMS) में रखे गए 22 वर्षीय नर्सिंग छात्रा सोफिया परवीन उर्फ रुखसार का शव चार दिन बाद पहचाना गया। यह शव शनिवार रात उनके परिवार द्वारा पहचाना गया था, जो बिहार के बेतिया से पटना पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, सोफिया की हत्या उनके बॉयफ्रेंड ने की थी, जिसने उसे उनके दानापुर स्थित अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल से फेंक दिया था, और फिर अस्पताल में शव छोड़कर फरार हो गया था।

सोफिया बेतिया के भांगा बलुआ गांव की निवासी थीं और पटना में एक निजी अस्पताल में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थीं। उनके परिवार ने उन्हें एक समाचार रिपोर्ट में देखा, जिसके बाद उन्होंने शव की पहचान की और पटना पहुंचकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।

परिवार का शॉक और भावनात्मक प्रतिक्रिया

सोफिया की बहन शबाना खातून ने मीडिया से बात करते हुए अपनी भावनाओं का इज़हार किया। उन्होंने बताया कि एक दिन सोफिया एक लड़के के साथ बेतिया आई थी, जिसने खुद को पुलिसकर्मी बताया था। वह स्कॉर्पियो गाड़ी में आया था और उसे अपने दोस्त के रूप में पेश किया। वह एक रात उनके घर पर ठहरा और फिर अगली सुबह सोफिया को पटना वापस ले गया। शबाना ने कहा, “उसके बाद जब मुझे समाचार में सोफिया की हत्या की खबर मिली, तो मेरी सारी दुनिया हिल गई।”

आंसू बहाते हुए शबाना ने न्याय की मांग की, “जिस तरह से उसने मेरी बहन को मारा, उसे उसी तरह सजा मिलनी चाहिए।” शबाना ने यह भी कहा कि उनके परिवार ने उस लड़के को अपने घर पर आदर और मेहमान की तरह रखा, बिना यह जाने कि उसकी मंशा क्या थी।

हत्या का CCTV में रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार, आरोपी और सोफिया दानापुर स्थित सोहो निर्मला अपार्टमेंट्स के फ्लैट नंबर 306 में साथ रह रहे थे। 30 सितंबर को एक विवाद के बाद आरोपी ने सोफिया को तीसरी मंजिल से फेंक दिया। यह ऊंचाई लगभग 65 फीट थी, और सोफिया की मौके पर ही मौत हो गई।

नजदीकी स्कूल के CCTV कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में सोफिया को बालकनी से गिरते हुए देखा जा सकता है, और वह स्कूल की बाउंड्री वॉल से टकरा कर जमीन पर गिर गई।

आरोपी का फरार होना और शव का अस्पताल में छोड़ देना

हादसे के बाद आरोपी ने सोफिया का शव IGIMS अस्पताल में छोड़ दिया। अस्पताल के CCTV फुटेज में देखा गया कि आरोपी एक ऑटो-रिक्शा में सोफिया का खून से सना हुआ शव लेकर अस्पताल पहुंचता है। वह शव को इमरजेंसी OPD के पास स्ट्रेचर पर रखकर वहां से भाग जाता है।

अस्पताल के स्टाफ ने IGIMS पुलिस आउटपोस्ट को सूचित किया, जिसके बाद शास्त्री नगर पुलिस को भी सूचित किया गया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार हो गया। सोफिया बिना किसी इलाज के ही मर गई।

नकली पहचान और संदिग्ध दस्तावेज

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने 9 सितंबर को फ्लैट किराए पर लिया था, लेकिन उसने एक नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। मकान मालिक अखिलानंद सिंह ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने अमित कुमार के नाम से फ्लैट किराए पर लिया था और खुद को और सोफिया को पति-पत्नी के रूप में प्रस्तुत किया। जब पुलिस ने आधार कार्ड की जांच की, तो वह नकली पाया गया।

इसके अलावा, सोफिया का मोबाइल फोन भी गायब है, जिससे शक है कि आरोपी ने साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की हो।

समाचार रिपोर्ट से सोफिया की पहचान

यह मामला उस समय सामने आया जब सोफिया के बचपन के दोस्त अर्जु खान ने 3 अक्टूबर को एक समाचार रिपोर्ट में उनकी तस्वीर पहचान ली। अर्जु ने पुलिस को बताया, “मैंने जैसे ही यह समाचार देखा, मुझे तुरंत सोफिया की पहचान हो गई। मैंने बिना देर किए उसकी बहन को सूचित किया।”

शबाना ने बताया कि वह अपने ससुराल में थी जब उसे यह फोन आया। “मैं तुरंत अपने माता-पिता के घर पहुंची और उन्हें यह समाचार रिपोर्ट दिखाई। हम सब रो पड़े, और फिर पुलिस को सूचित किया और पटना के लिए रवाना हो गए,” शबाना ने कहा।

पुलिस जांच जारी

दानापुर पुलिस स्टेशन ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अपार्टमेंट से कपड़े और अन्य सामान एकत्र किए। पुलिस यह भी कोशिश कर रही है कि वह ऑटो-रिक्शा चालक को ढूंढ सके, जिसने आरोपी की मदद की थी। सभी उपलब्ध CCTV फुटेज इकट्ठा किए जा रहे हैं ताकि आरोपी के फरार होने के रास्ते का पता चल सके।

सोफिया को याद किया गया एक उज्जवल और महत्वाकांक्षी युवती के रूप में

सोफिया के परिवार ने उन्हें एक “उज्जवल और खुशमिजाज” व्यक्ति के रूप में याद किया। शबाना ने कहा, “वह हमेशा बड़ी बातें करना चाहती थी और दूसरों की मदद करना चाहती थी। हम उस पर गर्व करते थे।” सोफिया की दुखद मौत ने उनके परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है, और वे न्याय की उम्मीद में हैं।

सोफिया परवीन की हत्या न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह यह भी दर्शाता है कि लोग अपने वास्तविक इरादों को छुपाने के लिए नकली पहचान का सहारा लेते हैं। सोफिया के परिवार को जिस तरह से इस हत्याकांड के बारे में पता चला, वह बेहद दुखद है। दानापुर पुलिस अब कड़ी मेहनत कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ सके और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

पुलिस ने उम्मीद जताई है कि वे इकट्ठा किए गए साक्ष्य और CCTV फुटेज के माध्यम से आरोपी को जल्द ही पकड़ पाएंगे। परिवार की न्याय की मांग मजबूत बनी हुई है, और वे इस बेवजह हत्या के बाद शांति और समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

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