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जब देश आज़ादी का जश्न मना रहा था, गांधी जी दिल्ली से दूर उपवास पर क्यों थे

15 अगस्त 1947, जब भारत आज़ादी के जश्न में डूबा था, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दिल्ली से हजारों मील दूर कोलकाता में मौन उपवास पर थे। उन्होंने न कोई भाषण दिया, न जश्न में शरीक हुए। क्यों उस दिन उन्होंने खाने से इंकार किया? क्यों वे सत्ता और शोहरत की भीड़ से दूर रहे? यह कहानी भारत की आज़ादी से ज्यादा, बंटवारे के जख्म, मानवता और गांधी के मौन बलिदान की कहानी है। जानिए उस ऐतिहासिक दिन की वो सच्चाई, जो किताबों में कम और भावनाओं में ज़्यादा बसी है।


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कौशलेन्द्र झा, KKN Live की संपादकीय टीम का नेतृत्व करते हैं और हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक) में नियमित रूप से लेखन करते हैं। बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित किया है। वे प्रातःकमल और ईटीवी बिहार-झारखंड सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है—वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और “मानवाधिकार मीडिया रत्न” सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। पत्रकारिता में उनकी गहरी समझ और सामाजिक अनुभव उनकी विश्लेषणात्मक लेखन शैली को विशिष्ट बनाते हैं

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