Home Anjuman जब बहादुर बेटियों ने खदेड़ा चीनी सैनिक को

जब बहादुर बेटियों ने खदेड़ा चीनी सैनिक को

आज हम एक ऐसी सच्ची और अनसुनी कहानी लेकर आए हैं, जिसने 1962 के भारत-चीन युद्ध में इतिहास रच दिया। अरुणाचल प्रदेश की दो बहादुर बेटियों – निरमा भुटिया और चोइचो वांगमो – ने बिना हथियार, सिर्फ हौसले और आत्मबल से चीन की सेना को village से खदेड़ दिया। इन बेटियों की वीरता न सिर्फ अद्भुत थी, बल्कि यह देशभक्ति की एक बेमिसाल मिसाल बन गई। क्यों दबा दी गई इनकी कहानी? क्यों सरकार और मीडिया ने इन्हें भुला दिया? जानिए इस प्रेरक गाथा को आज के अंजुमन में – जो आपको गर्व और प्रेरणा दोनों से भर देगा।


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कौशलेन्द्र झा, KKN Live की संपादकीय टीम का नेतृत्व करते हैं और हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक) में नियमित रूप से लेखन करते हैं। बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित किया है। वे प्रातःकमल और ईटीवी बिहार-झारखंड सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है—वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और “मानवाधिकार मीडिया रत्न” सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। पत्रकारिता में उनकी गहरी समझ और सामाजिक अनुभव उनकी विश्लेषणात्मक लेखन शैली को विशिष्ट बनाते हैं

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