राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार दोपहर को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह हादसा हरमाड़ा थाना क्षेत्र की लोहा मंडी रोड पर हुआ। ब्रेक फेल होने के कारण एक तेज रफ्तार डंपर पहले एक कार से टकराया और फिर पलटकर तीन अन्य गाड़ियों और 15-20 बाइक सवारों पर गिर गया। हादसे में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15-20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कई लोग मलबे में फंसे होने की जानकारी मिल रही है। सूचना मिलने के बाद, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना का संज्ञान लिया और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को घायलों को SMS अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने के निर्देश दिए।
जयपुर हादसे का विवरण
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, सुबह करीब 8 बजे लोहे से लदा डंपर (RJ-14-GA-XXXX) तेज रफ्तार में लोहा मंडी रोड पर आ रहा था। जैसे ही डंपर के ब्रेक फेल हुए, उसने एक स्विफ्ट कार, जिसमें पांच लोग सवार थे, को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद डंपर पलट गया और तीन अन्य वाहनों, दो कारों और एक ऑटो पर गिर गया। इस दुर्घटना ने चेन रिएक्शन का रूप ले लिया, जिसके कारण 10 से ज्यादा गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इसके साथ ही सड़क पर बाइक सवार और पैदल यात्री भी घायल हो गए।
हादसे के बाद की स्थिति बेहद भयावह थी। डंपर पलटते ही चीखें गूंज उठीं। लोहे की छड़ें चारों ओर बिखर गईं, और कई बाइक सवार दब गए। हादसे में मरने वालों में कार सवार तीन लोग (जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं) और चार बाइक सवार भी थे। अधिकांश घायलों में मजदूर और राहगीर शामिल थे। हरमाड़ा पुलिस ने तुरंत राहत कार्य के लिए क्रेन, एंबुलेंस और कटर मशीन मंगवाई। एसपी जयपुर अनिल कुमार और कलेक्टर गौरव अग्रवाल मौके पर पहुंचे, और ट्रैफिक डायवर्ट कर मुख्य सड़कें बंद की गईं।
त्वरित राहत कार्य और ग्रीन कॉरिडोर
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को अलर्ट किया। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को घटनास्थल भेजा गया। उन्होंने ग्रीन कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया, जिससे घायलों को तुरंत SMS अस्पताल पहुंचाया जा सके। इस ग्रीन कॉरिडोर की वजह से तीन गंभीर घायलों की हालत स्थिर हो गई है, जबकि तीन लोग अब भी गंभीर स्थिति में हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि घटना में कम से कम जनहानि हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।
भा.ज.पा. विधायक जितेंद्र गोठवाल ने मौके पर पहुंचकर कहा कि घायलों को शीघ्र इलाज मिले, इसके लिए सरकार पूरी मदद करेगी। इसके अलावा, विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक दीया कुमारी ने भी दुख जताया और घायलों को सर्वोत्तम इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से संवाद किया।
मलबे से शवों की रिकवरी और जांच
पुलिस और SDRF की टीमों ने मलबे से शवों की रिकवरी का काम शुरू किया। अब तक 10 शवों को निकाला जा चुका है, जिनका पोस्टमॉर्टम के लिए SMS अस्पताल भेजा गया है। घायलों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया, जहां पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने डंपर के ड्राइवर को हिरासत में लिया है और प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग और ब्रेक फेल को मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सरकार का मुआवजे का वादा
राजस्थान सरकार ने जयपुर के हरमाड़ा रोड हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की है। सरकार ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। घायलों में से चार को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज कांवटिया और CSK अस्पताल में चल रहा है। वहीं, छह गंभीर घायलों को SMS अस्पताल भेजा गया, जिनमें से तीन की हालत स्थिर हो चुकी है।
मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, झाबर सिंह खर्रा, सुमित गोदारा और सुरेश रावत ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और सरकार की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
दुर्घटना की वजह और सुरक्षा की आवश्यकता
जयपुर के हरमाड़ा रोड पर हुई यह भीषण दुर्घटना सड़क सुरक्षा की गंभीर समस्याओं को उजागर करती है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ओवरलोडिंग और ब्रेक फेल होना इस दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस प्रकार की घटनाएं दर्शाती हैं कि सड़क पर वाहन सुरक्षा की स्थिति को और सख्त किया जाना चाहिए। सरकार और संबंधित विभागों को इस हादसे से सबक लेते हुए सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत करना होगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार के हादसों से बचा जा सके।
जयपुर के हरमाड़ा रोड पर हुई यह भीषण दुर्घटना शहर के इतिहास में एक बड़ी और दुखद घटना बन गई है। जहां 13 लोगों की जान चली गई, वहीं कई परिवारों को अपूरणीय क्षति हुई। सरकार ने मृतकों और घायलों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। हालांकि, यह हादसा सड़क सुरक्षा की गंभीर आवश्यकता को सामने लाता है, और इससे संबंधित विभागों को कड़ी कार्रवाई करनी होगी ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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