कर्नाटक के चित्तदुर्ग जिले के हिरियूर तालुक में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें कम से कम 9 लोगों की जलकर मौत हो गई। मृतकों में एक ट्रक चालक भी शामिल है। इसके अलावा कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर गोरलाथु क्रॉस के पास उस वक्त हुआ, जब एक स्लीपर बस की जोरदार टक्कर सामने से आ रही ट्रक से हो गई। टक्कर के बाद बस में आग लग गई, जिससे कई यात्री अंदर ही फंस गए।
हादसे के बाद की स्थिति
पुलिस के अनुसार, हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रही एक लॉरी ने सड़क के डिवाइडर को पार करते हुए विपरीत दिशा में आ रही स्लीपर बस से टक्कर मार दी। बस बेंगलुरु से शिवमोग्गा जा रही थी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बस पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गई। बस में लगी आग ने उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। कई यात्री किसी तरह बस से बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की संख्या का आधिकारिक आंकड़ा ऑडिट और पहचान प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्रारंभिक जांच और दुर्घटना के कारण
प्रारंभिक जांच में ट्रक चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। टक्कर की तीव्रता और आग के कारण बस पूरी तरह से जलकर राख हो गई। चित्तदुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक रंजीत ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच की निगरानी कर रहे हैं। इस हादसे को लेकर हिरियूर ग्रामीण पुलिस थाना में केस दर्ज किया गया है और हादसे के कारणों की जांच जारी है।
यातायात पर प्रभाव और फिर से सामान्य स्थिति
इस भयानक हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। मलबे को हटाने, जल चुकी बस को सड़क से हटाने और बचाव कार्य को पूरा करने के बाद धीरे-धीरे यातायात को सामान्य किया गया। यह मार्ग एक व्यस्त सड़क है, इसलिए दुर्घटना के कारण घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा। अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई की और स्थिति को काबू में किया।
सुरक्षा उपायों और जांच के आगे के कदम
पुलिस ने इस हादसे की गहन जांच का आश्वासन दिया है और यह भी बताया कि सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन न करने के कारण ही ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं। ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही और अन्य सुरक्षा उल्लंघनों के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि इस हादसे के बाद ऐसी घटनाओं से बचने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
इसके साथ ही, वे लोगों से आग्रह कर रहे हैं कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदारी से वाहन चलाएं। यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर बड़े वाहनों का संचालन और सुरक्षा उपायों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।
समुदाय में शोक और पीड़ितों के परिवार के लिए समर्थन
इस हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय समुदाय शोक में डूब गया है। मृतकों के परिवारों में गहरा दुख है, और कई लोग घायल हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और संगठन पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा, हादसे में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए अस्पतालों में भेजा गया है, और उनके इलाज की पूरी जिम्मेदारी ली जा रही है।
आखिरकार, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत
इस भयानक हादसे ने फिर से यह साबित कर दिया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है। बड़े वाहन और भारी ट्रकों के संचालन के दौरान अधिक सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है। पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सख्त कदम उठाने का वादा कर रहे हैं।
फिलहाल, हिरियूर तालुक और आसपास के क्षेत्रों के लोग इस दुखद घटना के बाद इसे लेकर शोक व्यक्त कर रहे हैं, और प्रशासन ने उनकी मदद के लिए हर संभव कदम उठाने की कोशिश की है।
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