Home Videos Khabron Me Aaj प्रकृति संकट में है! क्या भारत अपनी जड़ों को भूल रहा है?

प्रकृति संकट में है! क्या भारत अपनी जड़ों को भूल रहा है?

र साल 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस अब सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि एक चेतावनी है – पृथ्वी खतरे में है! 2025 की थीम है: “Nature for Future: Youth, Innovation and Sustainability” यानि भविष्य के लिए प्रकृति… लेकिन क्या हम वाकई इसके लिए तैयार हैं? भारत की संस्कृति ने सदियों से वृक्षों, नदियों और पर्वतों को पूजनीय माना है, लेकिन आज वायु, जल और जमीन – सब पर संकट गहराता जा रहा है।


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कौशलेन्द्र झा, KKN Live की संपादकीय टीम का नेतृत्व करते हैं और हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक) में नियमित रूप से लेखन करते हैं। बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित किया है। वे प्रातःकमल और ईटीवी बिहार-झारखंड सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है—वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और “मानवाधिकार मीडिया रत्न” सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। पत्रकारिता में उनकी गहरी समझ और सामाजिक अनुभव उनकी विश्लेषणात्मक लेखन शैली को विशिष्ट बनाते हैं

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