भारत में वोट बैंक की राजनीति से खतरे में है समाजिक समरशता

बात वर्ष 1984 की है। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद लोगो का आक्रोश उफान पर था और पूरे देश में सिख विरोधी हिंसा होने लगी थी। भीड़ ने तीन रोज के भीतर ही […]

बिहार की राजनीति में खीर, खिचड़ी और ख्याली पुलाव पकाने का दौर शुरू

बिहार की राजनीति में लोकसभा चुनाव की धमक अब दिखने लगा है। नेताओं के खीर, खिचड़ी और ख्याली पुलाव पकाने के मायने तलाशे जाने लगे है। संकेतो की आर लेकर बयानबाजी का सिलसिला चल पड़ा […]

केरल की बाढ़ से सबक लेंगे या इसे भूल कर बड़ी मुसीबत का इंतजार करेंगे?

भारत के राज्य केरल में आई प्रलयंकरकारी बाढ़ में डूब कर अब तक करीब 400 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 10 लाख लोगों को बेघर होना पड़ा है और निजी व सरकारी संपत्तियों […]