भारत में वोट बैंक की राजनीति से खतरे में है समाजिक समरशता

बात वर्ष 1984 की है। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद लोगो का आक्रोश उफान पर था और पूरे देश में सिख विरोधी हिंसा होने लगी थी। भीड़ ने तीन रोज के भीतर ही […]